आज हज़रतगंज चौराहा लखनऊ बाबा साहब की प्रतिमा के सामने शाम 8 बजे ,दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीक़े से शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की माँग कर रहे लाखों लाख युवाओं के हुजूम पर भाजपा सरकार द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठी बरसाने व उनके हक की आवाज़ उठाने के लिए पीडीए समाज के महान योद्धा मा•अखिलेश यादव जी व युवाओं के साथ शाना बशाना खड़ी मा•सांसद डिंपल यादव जी को अरेस्ट करने के विरोध में सपा के बहादुर सिपाहियों के साथ ज़ोरदार धरना प्रदर्शन किया तत्पश्चात हमें डिटेन कर ईको गार्डन में बंद कर दिया गया है।
लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे को शानदार व मज़बूत बनाने के प्रचार पर भाजपा सरकार ने करोड़ों रू खर्च किया ।
समाजवादी पार्टी ने उसी समय स्पष्ट कहा था कि ये एक्सप्रेसवे घटिया दर घटिया है रोज़ घसेगा क्योंकि अली
बाबा व चालीस चोरों द्वारा बनाया गया है मतलब अरबों रु प्रदेश की जनता का भाजपा ने लूटा,जनमानस शीघ्र ही चुनाव में दंडित करेगी ।चले थे लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे की नक़ल करने अरे मा•अखिलेश यादव जी की सरकार पढ़े लिखों की थी वो स्वयं इंजीनियर वहीं भाजपा सरकार अनपढ़ों की है भ्रष्टाचार इनका पहला उद्देश्य है।
भागवत जी नौजवानों को मूर्ख और बेवक़ूफ़ न समझें पहले आपकी ही सरकार ने बच्चे बच्चियों को पीटा लाठी गोली पैलेट गन से और अब लूपापोती के लिए आप अपने ही आरएसएस के स्कूल के बच्चे व कुछ अन्य बच्चों को बैठाकर ये मैसेज दे रहे कि आप लोग बहुत संवेदनशील । आप संवेदनशील तब होते जब आप कहते कि जिन्होंने बच्चों पर अत्याचार किया वो सरकार और लोकसभा भंग हो व मध्यवर्ती चुनाव हो तब लगता कि आपकी कुछ नीति है अभी तो जनमानस कह रही कि आप केवल युवाओं को बहला रहे व निर्दई सरकार की मदद कर रहे हैं ।
It was a pleasure to meet Ria Ahir. It is extremely inspiring and heartening to see the young girls of our country find the courage to write their own stories, to shape chapters of their growth without any reservation or inhibition, which the present government, its affiliated organisations and their rowdy supporters stand against.
I want to ask the government why were the young girls assaulted , beaten up, molested by the Delhi police ? Who is answerable for these atrocities? Why are the girls of India still being trolled , humiliated and threatned .These children have shown immense strength and courage but why is the govt intentionally letting this happen ? Does the government not have any respect for the women of the country?
"यूपी का हाल देख लीजिए, 21 पेपर लीक हुए हैं, 29 हज़ार प्राइमरी स्कूल बंद हुए हैं, लगभग 1 करोड़ बच्चे आज शिक्षा नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं।"
- श्रीमती डिम्पल यादव जी, लोकसभा सांसद
भरी बरसात में, उप्र के गोंडा में खाद लेने के लिए लगी लाइन में लगे किसान कह रहे हैं, अगले चुनाव में इससे दोगुनी लाइन भाजपा के विरुध्द वोट डालने के लिए लगेगी, जिससे भाजपा हमेशा के लिए बाहर हो जाएगी।
जब खेत मुस्कुराएगा, तब देश मुस्कुराएगा!
‘प्रचारजीवी’!
जैसे अयोध्या जाने का रिकॉर्ड बनाकर भी अंततः मुख्यमंत्री जी को बदनामी के सिवा कुछ नहीं मिला वैसे ही ‘आत्म-प्रशंसा के झूठे विज्ञापनों पर 2.3 करोड़ प्रतिदिन ख़र्च करके भी मुख्यमंत्री जी को अपयश के सिवा कुछ नहीं मिला।’
लखनऊ के अग्निकांड में अपने बच्चे को खोनेवाली ‘दुखी माँ’ से किये गये मुख्यमंत्री जी के दुर्व्यवहार का वीडियो जब पूरी दुनिया में देखा गया तो लोगों को वो पुराने वीडियो भी याद आ गये जिसमें मुख्यमंत्री जी ने कोविड के दौरान एक कर्तव्यनिष्ठ ज़िलाधिकारी से अशोभनीय वार्तालाप किया था या फिर एक सत्यनिष्ठ प्रोफ़ेसर साहब व पत्रकार से दुर्वचन कहे थे।
मुख्यमंत्री जी का कार्यकाल सदैव इस रूप में ही इतिहास में दर्ज़ होगा कि इन्हीं के समय में अयोध्या के प्रभुराम जी के मंदिर में ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी हुई थी और आरोपियों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री जी ने जो दोषपूर्ण SIT बनाई थी, उस पर किसी को विश्वास नहीं था और उसके बाद दिल्ली ने अपनी SIT बनाई थी।
इसके अतिरिक्त विपक्ष पर झूठे मुक़दमे लगाने, बुलडोज़र के दुरुपयोग व झूठे एनकाउंटर से प्रतिशोधात्मक राजनीति करने; पीडीए पर अत्याचार, ‘हाता नहीं भाता’ के घृणास्पद सत्य; लोगों के घर, दुकान व विश्वविद्यालय तक गिराने; भ्रष्टाचार के स्वर्ण-ठोसीकरण, हिरासत में मौतों के रिकार्ड व पुलिस व अन्य प्रशासन के अपराधीकरण के लिए भी मुख्यमंत्री जी का दुशासन काल नकारात्मक रूप से दर्ज़ होगा… और हाँ डबल इंजन की टकराहट की वजह से बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी ज़रूरतों की बदहाली के दौर के रूप में भी।
बिना विचार के प्रचार से कुछ हासिल नहीं होता है।
मुख्यमंत्री जी अकेले में बैठकर सचेत होकर सोचें तो उन्हें ये पता चलेगा कि : ‘उनका प्रचार तंत्र ही कर रहा है उनका अंत’
ये है भाजपाई तरक़्क़ी की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो उस सड़क को मरम्मत की ज़रूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है ये भी हास्यास्पद है। 2-3 हफ़्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है उस पर चलने का जोखिम कौन उठाएगा?
सवाल ये भी है कि ‘अटल प्रोग्रेस वे’ योजना में ही रहेगा या कभी बनेगा भी… या काग़ज़ों में बनकर उसका ‘हिस्सा-बाँट’ हो चुका है।
भाजपा राज में हुआ हर निर्माण चलता कम है… धँसता, ढहता, गिरता ज़्यादा है।
ये है भाजपाई तरक़्क़ी की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो उस सड़क को मरम्मत की ज़रूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है ये भी हास्यास्पद है। 2-3 हफ़्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है उस पर चलने का जोखिम कौन उठाएगा?
सवाल ये भी है कि ‘अटल प्रोग्रेस वे’ योजना में ही रहेगा या कभी बनेगा भी… या काग़ज़ों में बनकर उसका ‘हिस्सा-बाँट’ हो चुका है।
भाजपा राज में हुआ हर निर्माण चलता कम है… धँसता, ढहता, गिरता ज़्यादा है।
जन सेवा के लिए समर्पित जीवन जीनेवाले, सत्यनिष्ठा एवं सादगी की प्रबुद्ध प्रतिमूर्ति सदैव अनुकरणीय ‘छोटे लोहिया’ पंडित जनेश्वर मिश्र जी की जयंती पर उनके द्वारा जीये गये समाजवादी मूल्यों के प्रति पुनः संकल्पित नमन!
बलिया की रसड़ा विधानसभा से बसपा के विधायक श्री उमाशंकर सिंह जी का निधन, अत्यंत दुखद !
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं।
भावभीनी श्रद्धांजलि !
भगवान को नचाने का अहंकार रखनेवालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझनेवालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुख़ार भी।
ये युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का संयुक्त परिणाम है क्योंकि:
- ‘वोट चोरी’
- ‘पेपर चोरी’
- ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’
- ’नौकरी चोरी’
- ’आरक्षण चोरी’
- ‘कमीशनख़ोरी’
- ’पीडीए पर अत्याचार’
- ’घोर भ्रष्टाचार’
- ‘महंगाई की मार’
- ’मिलावट के सरकारीकरण’
- ‘माताओं-बेटियों तक का अपमान’
- ’देश के जेन ज़ी पर हर तरह से प्रहार’
भाजपा ने इन सभी तरीक़ों से जनता के विश्वास और आस्था तक को ठगा है।
अब तो भाजपावाले भी अपने ही ‘किसी’ का इस्तीफ़ा माँगेंगे क्योंकि जो अपनी ही विधानसभा हार गये उनके भरोसे नाव कैसे पार होगी। दरअसल ये हार उनकी है जिन्होंने उनको चुना था या कहें संगठन पर अपनी मर्ज़ी की तरह थोपा था। अब तो कोई ये भी नहीं कह सकता है कि ‘भाजपा में इस्तीफ़े नहीं होते हैं।’
सबसे ज़्यादा खुश तो उप्र में ‘वो’ हैं, जिनको ‘पीडीए’ समाज का होने की वजह से राष्ट्रीय स्तर का पद न देकर जानबूझकर राज्य स्तर का पद दिया गया था। आज तो वो भी मुस्कुराकर पूछ रहे हैं : ‘5 बड़ा या 7’। वैसे जनता ये भी कह रही है कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा नहीं जिता पाये तो राज्य-अध्यक्ष तो विधानसभा लड़वा भी नहीं पाएंगे।
ये डबल इंजन की डबल हार है।
भाजपा की हार मतलब बदलाव की शुरुआत! भाजपा की सबसे सुरक्षित और परंपरागत सीटें भी अब उनकी हार नहीं बचा पाएंगी। अब भाजपा का संकट हार से बढ़कर इस बात का होगा कि उनका टिकट लेनेवाला ‘ड्रोन और दूरबीन’ से भी ढूंढे नहीं मिलेगा।
सभी विजयी उम्मीदवारों को जीत की बधाई और नई उम्मीदों पर खरे उतरने के लिए सजग-सचेत और संविधान के प्रति वचनबद्ध रहने की अपेक्षा।
(कोष्ठक में विशेष : लड्डू तो भाजपा के अंदर भी बँट रहे हैं…)
आज दो किराए के मंत्री सपा के खिलाफ कुछ न कुछ ज़रूर बोलेंगे
स्व.जनेश्वर मिश्र जी की जयंती पर जनेशवर मिश्र पार्क व सपा कार्यालय में ब्राह्मण समाज की विशाल सभाओं को देख भाजपा की आँखें फटीं रह गई इसलिए आज आदत के अनुसार इनके दो किराए के मंत्री सपा के लिए कुछ न कुछ वाहियात बात ज़रूर करेगे क्योंकि किराए पर इसी काम पर रखा गया है ।