अंजना ने हमारे विरुद्ध मानहानि का दावा दायर किया है - 2 करोड़ का हरज़ाना (सब कुछ 2 ही -कोड़ी से करोड़ )
यह उनका वैधानिक अधिकार है और हम उसका सम्मान करते हैं।
उसी प्रकार हमें भी ��पने पक्ष, अपनी प्रतिष्ठा और अपने अधिकारों की रक्षा का पूरा अधिकार है। हमारे पास भी तथ्य हैं, प्रश्न हैं और प्रतिदावे हैं, जिन्हें हम रखेंगे।सत्य और तथ्य अंततः वहीं तय होंगे, सोशल मीडिया की अदालत में नहीं।
भाई
इंतज़ार छोड़ो शुरूरात करो
कब तक सोचते रहोगे, सपने बूढ़े हो रहे ��ै
सब की शुरूरात छोटी ही रही है, बाद मैं असर बड़ा होता है
इंतजार मैं मंजिल नहीं मिलती, कदम बढ़ाने पड़ते है
पहला कदम डर के ख़िलाफ़ पहली जीत होती है
सही वक्त कभी न्ही होता
बाद मे पता चलता है क़ि फैसला सही ��ा
आज जो भी करोगे वो ही कल की कहानी होगी
सपने देखना न्ही है उन्हें जीना पड़ता है
डूबना पड़ता है
इसलिए अब शुरू करो
एक शुरूरात ही आगे मौके दिखाती है
जिंदगी इंतज़ार नहीं हिम्मत माँगती है
हिम्मत करो शुरू करो
जो भी सोच रहे हो आज से ही करो
कल कभी नहीं आएगा
जिस कल क़ि तुम्हे तलाश थी
वही है आज
#postoftheday
#thoughtoftheday
Aaj desh ka sabse bada crisis — Jawabdehi ka ant ho chuka hai.
Rail patri se utar jaye, logo ki jaan chali jaye… Rail Mantri ki जबाबदेही नहीं .
Chunav mein crores voters ke sawal uth jayein, transparency khatam ho jaye… Chunav Aayog एक दम चुप ।
Berozgaari record tod de, exams cancel ho jayein, paper leak ho… Koi ayog, koi mantri, koi neta zimmedar नहीं ।
Kursi ka sukh lena aata hai, ज़िम्मेदारी ka bojh kaun uthayega?
Kursi sambhalte waqt to kasam लो ‘Desh ki seva’ ki,
par jab desh सवाल करें तो जुवान lockdown में
Agar har ghalti ka jawab ‘Main zimmedar nahi’ hai…
To phir sawaal yeh hai — Desh ka malik kaun hai?
Aur agar malik koi nahi… to hum kis ke liye vote dete hain?”
@narendramodi
विपक्ष के सांसदों कि सवाल पूछने पर ये halat हो जाना दिखता है कि आज हम कैसे अपने लिए जरा भी विरोध वरदाश्त नहीं कर सकते!
अगर किसी को सवाल पूछने का हक़ ही नहीं है तो जीतने के बाद अपने सांसदों के आलावा बाकि सबकी सदस्यता ही cancel कर देते और कह देते ये देश ab संविधान से नहीं चलेगा और नहीं यहाँ लोकतंत्र चलेगा! सवाल पूछना विपक्ष कि duty और जवाब देना आपकी! देश 545 जनप्रतिनिधि के मेलजोल से चलेगा ना कि ruling party और उनकी agencies से
अब तक हम मानते थे कि सिर्फ परीक्षा प्रणाली में ही भ्रष्टाचार है सीटें बिकती हैं, नकल होती है, और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ होता है। लेकिन अब जब चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं, तो चिंता गहरी हो जाती है। क्या सच में वोट चुराए जा रहे हैं? जिम्मेदार संस्थाएं पारदर्शिता क्यों नहीं ला रहीं? अगर मतदाता का विश्वास टूट गया, तो लोकतंत्र का क्या रह जाएगा? क्या यह मताधिकार का हनन और जनता के भरोसे के साथ धोखा नहीं है?
6 अगस्त SSC Stenographer में फिर से वही लापरवाही!
केंद्र पर स्टाफ को कंप्यूटर चलाना तक नहीं आता था।
सिस्टम स्लो, मॉक टेस्ट नहीं, सीटिंग अव्यवस्था — ये परीक्षा या मज़ाक?
#SSC_System_Sudharo#SSCMisManagement#sscreform
SSC Stenographer Exam में आज फिर भारी लापरवाही सामने आई — syllabus में ना होने के बावजूद Maths के सवाल पूछे गए, कुछ questions में सिर्फ़ 3 options दिखे, और कई centres पर invigilators खुद appearing students थे। ये परीक्षा है या व्यवस्था का मज़ाक? DoPT की मीटिंग में सुधार और जवाबदेही के जो वादे किए गए थे, वो सिर्फ़ बातों तक ही सीमित दिखते हैं।
लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। छात्र अब सिर्फ़ परीक्षा नहीं, अपने हक़, सम्मान और भरोसे के लिए लड़ रहे हैं। अगर अब भी आवाज़ नहीं उठी, तो आने वाले बड़े exams जैसे SSC CGL भी इसी बर्बादी की ओर बढ़ेंगे।
#SSCReforms
आज SSC Stenographer Exam ke pehle hi din में फिर वही पुरानी लापरवाही देखने को मिली , खराब SYSTEM , technical glitches, biometric me problem और students की कोई सुनव��ई नहीं। pahle Phase exam में भी यही हाल था। ऐसा लगता है कि ना कोई सुधार की कोशिश की जा रही है, ना ही सरकार या आयोग की कोई मंशा है सिस्टम को दुरुस्त करने की। हर बार छात्र ही क्यों suffer करे , aage CGL है, डर है कि वही दोहराव फिर होगा। कब सुधरेगा ये तंत्र? कब जिम्मेदार लोग जिम्मेदारी लेंगे? Youth का भरोसा टूट रहा है। #SSCMisManagement
कब तक लाचार सिस्टम हमारे हौसलों का मज़ाक उड़ाएगा?
सालों की मेहनत, जागी हुई रातें, परिवार की उम्मीदें — और बदले में क्या?
पेपर लीक! परीक्षा रद्द! इंसाफ़ गायब!
क्या हम सिर्फ़ आंकड़े हैं, जिन��े सरकारें और एजेंसियाँ खेलती हैं?
हर बार बहाना — कभी सिस्टम, कभी वेकडोर, कभी तकनीकी खामी!
और फिर चुप्पी!
न कोई जवाब, न कोई ज़िम्मेदारी!
लेकिन अब नहीं!
नौजवान अब ��ामोश नहीं रहेगा!
अब आर-पार होगा!
#SSCSystemFailure अब सहन नहीं!
#SSC_System_Sudharo नहीं तो सड़कों पर गूंजेगी हर आवाज़!
SSC Chairman ने माना कि exam के दौरान कुछ technical issues हुए, लेकिन इन्हें resolve कर लिया गया और ज्यादातर students को alternate systems पर exam restart करके पूरा समय दिया गया, जिससे exam उसी दिन पूरा हो गया।
लेकिन imagine कीजिए एक hall में 40–50 students हैं, जहां एक साथ कई technical problems हो रहे हैं—mouse काम नहीं कर रहा, screens blank हो रही हैं, questions की images load नहीं हो रही, options bold में दिख रहे हैं (कभी-कभी तो correct answer भी), और कुछ cases में question का formatting ही गलत है। अब इस chaos को manage करने की जिम्मेदारी 18–22 साल के untrained invigilators को दी गई है, जिन्हें high-pressure technical environments को handle करने का zero experience है।
सिर्फ 2–3 ऐसे inexperienced invigilators के साथ, realistically कैसे expect किया जा सकता है कि ये सारी problems जल्दी और fairly resolve हो जाएंगी? और भले ही exam “उसी दिन complete” हो गया, लेकिन ऐसी stressful, distracting, और unfair conditions में students से focus, perform, और compete करने की उम्मीद कैसे की जा सकती है? Exam performance सिर्फ time duration पर नहीं, बल्कि environment, mental state, और fairness पर भी depend करता है।
#SSC_System_Sudharo
#SSCVendorFailure
#SSCMisManagement
We respectfully request that teachers be allowed to meet with the Honorable DoPT Minister.
This meeting is not intended as a protest, but as a necessary step to present the ground realities — so that decision-makers can truly understand what students and educators are facing during every exam cycle.
We are not trying to become a problem — we are continuously pointing toward the problems that already exist. Technical failures, lack of basic facilities, repeated postponements — these are no longer isolated incidents, but realities that are seriously affecting the lives and futures of students.
This is a humble yet urgent appeal to @DoPTGoI , the media, and every responsible institution — please do not ignore these voices.
#SSC
परीक्षाओं का लीक हो जाना , समय पर परीक्षा ना होना ,कही उपकरणों का खराब होना ,सेंटर्स पर निरंतर अव्यवस्था का होना ये आज के समय की सबसे बड़ी समस्याएं बन चुकी है। यह न केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़े कर रहा है और प्रश्न किया जाता हैं तो लाठीचार्ज, भारत का युवा पूछता है ये कहा का न्याय है, ये कहा ही तानाशाही हैं स्मरण रहे ये यु���ा नए युग का भगत सिंह है न्याय लेकर रहेगा
#SSC_System_Sudharo #SSCVendorFailure #SSCReforms
अगर हम वाकई Digital India और Smart Recruitment की बात क�� रहे हैं, तो फिर परीक्षा केंद्रों पर आज भी mouse न चलना, pen न मिलना, system का बार-बार क्रैश होना — ये कैसी "सामान्य समस्याएं" हैं?
ये कोई नई तकनीक की शुरुआती मुश्किलें नहीं, बल्कि बार-बार दोहराई गई लापरवाहियाँ हैं। हर परीक्षा में वही अव्यवस्था, वही technical glitches, वही basic सुविधाओं की कमी- क्या यही नए भारत की तस्वीर है?
ख़ुद SSC Director भी मानते हैं कि व्यवस्थाओं में खामियाँ हैं — लेकिन सवाल ये है कि उन खामियों को सुधारने की दिशा में ईमानदार पहल कब होगी? क्या इतने बड़े स्तर पर national level exams सिर्फ उम्मीद और adjustment के भरोसे चलते रहेंगे?
बात सिर्फ सिस्टम तक सीमित नहीं है — ground पर हालात और भी शर्मनाक हैं। कहीं invigilator reels बना रहे हैं, कहीं admit card चेक करने वाला cigarette पीते हुए candidates का मज़ाक उड़ा रहा है।
परीक्षा का माहौल, जो सबसे ज़्यादा अनुशासन और गरिमा की माँग करता है, वहाँ professionalism की जगह लापरवाही और मस्ती ने ले ली है।
हमने पिछले 20 सालों में education system में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन जैसी अव्यवस्था पिछले 4–5 साल में देखने को मिली है, वैसी स्थिति पहले कभी नहीं रही।
आज students syllabus से नहीं, system से हार रहे हैं। जो मेहनत उन्हें selection तक ले जानी चाहिए थी, वो अब उन्हें survival के लिए जूझने पर मजबूर कर रही है।
हमारा उद्देश्य हंगामा नहीं है — हम सुधार चाहते हैं।
#SSC_System_Sudharo
SSC को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए एक अच्छे वेंडर को चुनना चाहिए ये सबसे बड़ी चूक हैं ,सुधार व्यवस्था पर यदि काम नहीं होगा तो कैसे सुनिश्चित करेंगे कि युवाओं को पारदर्शी रूप से रोजगार प्राप्त हुआ हैं...
#SSC_System_Sudharo#SSCMisManagement#sscReforms2025
मैं कोई हीरो नहीं हूं, कोई नेता नहीं हूं… बस एक शिक्षक हूं।
लेकिन आज मेरी गर्दन पर बना ये निशान, किसी सम्मान का चिन्ह नहीं — ये उस सिस्टम का तमाचा है जिसने सवाल पूछने पर सज़ा दी।
क्या किया था मैंने? बस यही तो पूछा था — कि बच्चों के पेपर में गड़बड़ी क्यों हुई?
इतना पूछना क्या जुर्म है?
क्या अब इस देश में इंसान अपनी चुनी हुई सरकार से भी कुछ नहीं कह सकता?
हमें डिटेन किया गया, हमें सड़क पर घुमाया गया, हम पर FIR किए गए…
हम कोई भीड़ नहीं थे — हम वो थे जो क्लास में संविधान पढ़ा���े हैं और सड़कों पर उसी संविधान को बचाने निकले थे।
हम लड़े क्योंकि हम चुप रहना नहीं जानते, हम झुकना नहीं जानते, और हम हार मानना नहीं जानते।
अब सवाल सिर्फ मेरा नहीं है — सवाल आपका भी है।
अगर आज हम चुप रहे, तो कल जब आप सड़कों पर उतरेंगे — क्या आपके सवालों का भी यही अंजाम होगा?
सोचिए… और फिर बताइए —
क्या एक शिक्षक का आवाज़ उठाना वाकई गुनाह है?
#sscReforms2025
#SSC_VENDOR_FAILURE
#SSC_System_Sudharo
जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर चल रहे धरने में कोचिंग संघ सीकर द्वारा SSC परीक्षाओं में अनियमितता व एजेंसियों की लापरवाही से जुड़े मामले क��� लेकर ज्ञापन दिया |
SSC परीक्षा में हो रही घपलेबाजी पर चर्चा के लिए मैंने संसद में नियम 267 का नोटिस दिया।
सदन की अन्य कार्यवाहियों को स्थगित कर इस गंभीर विषय पर चर्चा की जाय।
#SSCMisManagement