धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतं���्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
अभिजीत दीपके :–
जंतर मंतर को बेरिकेड लगाकर बड़ी जेल बना ��िया
जैमर लगा दिए
17 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए
CP की दुकानें बंद कर दी
"एक धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए पूरी दिल्ली का जीना हराम कर दिया"
मेट्रो बंद कर दी।
रास्ते बंद कर दिए।
इंटरनेट बंद कर दिया।
आवाज़ दबाने की कोशिश भी कर ली।
लेकिन एक चीज़ आज भी खुली है पेपर लीक।
युवा सड़कों पर अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहा है।
उसे लाठी नहीं, जवाब चाहिए।
उसे बंदिशें नहीं, न्याय चाहिए। 🇮🇳
सम्मान के लिए अगर अपना सबकुछ दांव पर लगाना पड़े तो लगा दो। आत्मसम्मान के लिए विद्रोह की प्रतीक एवं महिलाओ�� की प्रेरणास्रोत वीरांगना फूलन देवी जी के शहादत दिवस पर उन्हें शत-शत नमन एवँ विनम्र आदरांजलि। #फूलन_देवी_अमर_रहे