गाज़ियाबाद पहुंचीं 'हनुमान अंश' फ़िल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने कहा...''एक गलतफहमी यह भी है कि पूरी फ़िल्म मैंने ही प्रोड्यूस की थी, जो सच नहीं है। मैंने कुल बजट क�� एक-तिहाई हिस्सा दिया था। हां, हमने अपना लगाया हुआ पैसा वापस पा लिया है और फ़िल्म भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। पूरी टीम का मानना है कि फ़िल्म का इतना अच्छा प्रदर्शन करना महाराज जी का ही चमत्कार है..."
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'हनुमान अंश' की सक्सेस के बाद डायरेक्टर ने अनाउंस की नई फिल्म, 'रामबोला' में दिखेगी तुलसीदास की जिंदगी
2 करोड़ के छोटे बजट में बनी फिल्म हनुमान अंश ने 200 करोड़ की कमाई की है. फिल्म को दर्शकों का काफी प्यार मिला है. फिल्म की सफलता के बाद डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने अपनी अगली फिल्म का ऐलान कर दिया है. हनुमान अंश बनाने के बाद अब विशाल नई कहानी के साथ पर्दे पर आएंगे. हनुमान अंश को डायरेक्टर करने वाले विशाल चतुर्वेदी ने ही फिल्म की कहानी लिखी है. वहीं अब फिल्म मेकर ने नई फिल्म का ऐलान कर दिया है. डायरेक्टर जल्द ही रामबोला फिल्म बनाएंगे. महावीर जैन फिल्म्स के साथ मिलकर वह गोस्वामी तुलसीदास के जीवन को पर्दे पर दिखाएंगे. फिल्म रामबोला की कहानी और डायरेक्शन खुद विशाल चतुर्वेदी करेंगे. फिल्म की कहानी गोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर आधारित होगी. फिल्म में भक्ति, साहित्य और भारतीय संस्कृति को दिखाया जाएगा. फिल्म का निर्माण महावीर जैन, विशाल चतुर्वेदी, अमित उपाध्याय कर रहे हैं. हनुमान अंश के बाद विशाल चतुर्वेदी की फिल्म रामबोला पर्दे पर कमाल दिखा पाएगी या नहीं इसका तो खुलासा आने वाले ही समय में होगा. फिल्म रामबोला में गोस्वामी तुलसीदास जी के रोल में कौन होगा, इसके बारे में खास जानकारी नहीं है. ना ही फिल्म की स्टार कास्ट को लेकर कोई जानकारी सामने आई है.
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विशाल चतुर्वेदी की फिल्म हनुमान अंश ने इतिहास रच दिय�� है. 2 करोड़ में बनी फिल्म ने 200 करोड़ की कमाई की है. हनुमान अंश ने कई बड़ी फिल्म को थिएटर में हरा दिया. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ताबड़तोड़ कमाई कर रही है. फिल्म ने 38 दिनों में इंडिया में 214 करोड़ का बिजनेस किया है. वर्ल्डवाइड फिल्म ने 268 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया है. 2 करोड़ में बनी फिल्म हनुमान अंश के सामने यश की टॉक्सिक फिल्म ज्यादा दिन नहीं चल पाई. हनुमान अंश बिना किसी प्रमोशन के बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई है. गोस्वामी तुलसीदास भारतीय साहित्य के संत और कवि माने जाते है. उन्होंने रामायण को अवधी अनुवाद रामचरितमानस के लिए जाने जाते हैं. उनकी रचना में भगवान राम के लिए उनकी भक्ति और समर्पण दिखता है.
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जाहि अनादि अनंत अखंड अछेद अभेद सुबेद बतावै॥
ताहि अहीर की छोहरिया छछिया भरि छाछ पै नाच नचावै॥
वेद जिन्हें अनादि, अनंत, अखंड अछेद्य बताते हैं उसी कन्हैया को अहीर की लड़कियाँ छाछिया-भर छाछ के लिए नाच नचाती हैं
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं
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सरकार 'सोशल मीडिया आचार संहिता' (social media code of conduct) लाने की तैयारी कर रही है। ये नियम सरकारी अधिकारियों पर लागू होंगे, क्योंकि इनके बीच पर्सनल रील्स, वीडियो, स्टोरीज और राय पोस्ट करने का चलन बढ़ रहा है।
सोशल मीडिया का क्रेज इतना बढ़ता जा रहा है कि अधिकारी ड्यूटी के दौरान घंटों तक रील्स देख रहे हैं और उन्हें शेयर कर रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार 'सोशल मीडिया कोड' लाने की तैयारी में है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ नौकरशाहों को इस कोड को लाने की संभावना पर विचार करने का निर्देश दिया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने इस सप्ताह नौकरशाहों को भेजे एक संदेश में बैठक से निकले मुख्य बिंदुओं का विवरण दिया।
सचिवो�� के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय से नागरिकों के लिए एक यूनिफाइड सर्विस डिलीवरी प्लेटफॉर्म, 'एक भारत' पोर्टल को जल्द से जल्द शुरू करने को भी कहा है।
अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया कोड का प्रस्ताव इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई मामलों में अधिकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने काम और पद का महिमामंडन करते हैं, जबकि किसी भी सरकारी कर्मचारी को ऐसा आचरण नहीं करना चाहिए।
सोशल मीडिया कोड के आने पर कुछ वरिष्ठ सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों ने कहा कि इसकी सख्त जरूरत है, क्योंकि मौजूदा समय में ऐसा कोई कोड नहीं है। अधिकारियों के बीच सिर्फ आचरण के नियमों हैं, जो उस समय बनाए गए थे जब सोशल मीडिया नहीं था।
अधिकारियों का मानना है कि दफ्तर में सोशल मीडिया का इस्तेमाल किस तरह किय��� जाए, इसके लिए कोई विशिष्ट प्रावधान नहीं हैं, लेकिन सोशल मीडिया के बढ़ते चलन को देखते हुए इसकी जरूरत है।
सरकार 'एक भारत' पोर्टल लॉन्च करने पर भी विचार कर रही है, क्योंकि नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए कई वेबसाइटों पर लॉग इन करना पड़ता है और यूजरनेम व पासवर्ड याद रखने पड़ते हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए ही 'एक भारत' पोर्टल लाए जाने पर विचार किया जा रहा है। एक बार चालू हो जाने पर, ���ूजर्स को सेवाओं के लिए सभी सरकारी पोर्टल्स तक पहुंचने के लिए केवल एक यूजरनेम ��र पासवर्ड की आवश्यकता होगी। अधिकारियों ने बताया कि विभागों के बीच कुछ दौर की बैठकें हो चुकी हैं।
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Is there an inner world? And what is it? It is Ātman. It is the Self, it is the only thing an individual can be sure of. If he knows himself, he can know the universe, and not otherwise.
- Swami Vivekananda
{CWSV-1 : Lectures and Discourses : Vedanta As A Factor In Civilisation}
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अगर आप हर दिन के खर्चों के लिए यूपीआई (UPI Payments) का इस्तेमाल करते हैं, तो ये खबर आपके लिए है। 4 सितंबर यानी कि शुक्रवार को कुछ वजह से यूपीआई से लेनदेन बंद होगा (UPI Payment Blocked) , जिससे आपको थोड़ी बहुत दिक्कत आ सकती है। इस दिक्कत से बचने के ���िए पहले से कैश निकालकर रखें। आइए जानते हैं कि किस बैंक का यूपीआई बंद रहेगा और फिर से कब चालू होगा।
किस बैंक का यूपीआई रहेगा बंद?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ये एलान किया है कि 4 सितंबर 2026 को यूपीआई के जरिए लेनदेन नहीं हो पाएंगे। बैंक के मुताबिक
4 सितंबर 2026 को रात 12:15 बजे से लेकर 1:00 बजे तक यूपीआई सर्विस काम नहीं करेगी।
यानी कुल 45 मिनट तक आप एसबीआई (SBI Payments) के जरिए यूपीआई पेमेंट नहीं कर पाएंगे। हालांकि, बैंक ने ये भी साफ किया है कि अगर मेंटेनेंस का काम समय से पहले पूरा हो जाता है, तो सर्विस को तय वक्त से पहले ही दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
किस तरह के पेमेंट नहीं हो पाएंगे?
बैंक के मुताबिक जिन 45 मिनट में यूपीआई सेवाएं बंद रहेंगी, उस दौरान बड़े पैमेंट नहीं कर पाएंगे। लेकिन आप उस दौरान UPI Lite का इस्तेमाल कर के बिना पिन डाले ₹1000 तक का छोटा पेमेंट आसानी से कर पाएंगे। वहीं इस दौरान आप UPI Lite में ₹5000 तक का अमाउंट रख सकते हैं।
UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज?
कई दिनों से चर्चा है कि सरकार यूपीआई ट्रांजैक्शन पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगाने की त���यारी कर रही है, जिसका नोटिफिकेशन सितंबर के बीच तक आ सकता है। लेकिन मालूम हो कि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि आम लोगों को कोई भी एक्स्ट्रा चार्ज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ये चार्ज सिर्फ बड़े व्यापारियों पर लागू होगा।
यूपीआई से कितना कर सकते हैं ट्रांजेक्शन?
एसबीआई यूपीआई की बात करें तो आमतौर पर 1 दिन में ₹1 लाख तक का लेनदेन आप कर सकते हैं। लेकिन कुछ जगहों पर इसकी लिमिट ज्यादा है। जैसे कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस में ₹2 लाख और IPO, ट��क्स और स्कूल-कॉलेज की फीस भरने के लिए ₹5 लाख तक का ट्रांजेक्शन किया जा सकता है।
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