अभिजीत भाई! जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट ज्यादा सावधानी से करना। इनका इरादा भगदड़ मचवाना रहेगा , ताकि विरोध प्रदर्शन को @Wangchuk66 सर के शांतिपूर्ण धरने की तरह हिंसा में बदलवाया जा सके। और ऐसा करने में ये मास्टर हैं।
बंगाल में दिल्ली की तरह सत्ता पलट होगा। ज्ञानू ने सभी पासे सेट कर दिए। @MamataOfficial
दीदी भी 561 या इसके आसपास मतों से हार जाएंगी ।
उसके बाद उम्मीद से ज्यादा होने वाला है।#ExitPoll
Congratulations to the Indian Women's Cricket Team on your incredible victory in the 2025 World Cup! Your grit, skill, and unbreakable spirit have made the entire nation proud. Here's to more triumphs ahead! 🇮🇳🏆
#CWC25
उम्मीद करते हैं कि भविष्य में, इस रहस्य से आप ही पर्दा उठाओगे।
हादसे में जान गंवाने वालों के परि��ारों के लिए मेरी तरफ से संवेदनाएं।
खासतौर पर विजय रुपाणी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि, बहुत अच्छे नेता थे, रुपाणी जी
ठीक वैसा ही हो रहा है जैसा @ArvindKejriwal ने पहले ही बताया था!
बीच रात NDMC ने सरोजिनी नगर में 500 दुकानों पर बुलडोज़र चला दिया —
क़ानूनी दुकानें, छतें, सब तबाह कर दीं… बिना नोटिस, बिना इंसाफ़! 🧱🕯️
ये व्यापारियों पर नहीं, रोज़ी-रोटी पर हमला है! 🚫🛍️
जुबेर भाई इसको छोड़ो,ये मानसिक तौर पर विक्षिप्त है।भारत में जितने भी "शाह" हैं
इनका DNA चैक करके बताओ कि क्या ये "अब्दाली" के वंशज हैं ? क्यों इनकी सोच ऐसी है ?
कल प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में देश को बताया -
“…पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा। परिणामस्वरूप, पाकिस्तान तनाव कम करने की गुहार लगाने लगा।
10 मई की दोपहर को, बुरी तरह पीटने के बाद, पाकिस्तानी से��ा ने हमारे डीजीएमओ को संपर्क किया।
…….. इसलिए जब पाकिस्तान ने यह कहा कि अब वह कोई आतंकी गतिविधि या सैन्य दुस्साहस नहीं करेगा, तब भारत ने भी विचार किया…”
पूरे देश को सेना पर गर्व है. हमारी सेना ने पाकिस्तान के हथियार और हौसले दोनों पस्त कर दिए थे। लेकिन अचानक जिस तरह सीजफायर के नाम पर सेना के हाथ बांध दिए गए उसे लेकर देश असमंजस में है। हुआ क्या? सीजफायर ? अमेरिका? लोग प्रधानमंत्री जी के भाषण में अपने मन में घुमड़ रहे सवालों के जवाब ढूँढ रहे हैं । प्रधानमंत्री जी बताते हैं कि - 10 मई की दोपहर को, बुरी तरह पिटने के बाद, पाकिस्तानी सेना ने हमसे संपर्क किया। …….. जब पाकिस्तान ने ���ह कहा कि अब वह कोई आतंकी गतिविधि या सैन्य दुस्साहस नहीं करेगा, तब भारत ने भी विचार किया…
जब देश की भावना थी – अब निर्णायक कार्रवाई होगी। उस समय पाकिस्तान के हाथ जोड़ने पर मोदी जी ने सीजफायर का निर्णय लेकर सेना के हाथ बाँध दिए।
देश के मन में 4 सीधे सवाल हैं:
1. हम सब जानते हैं कि पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है, तो फिर एक निर्णायक मोड़ पर पहुँचकर अचानक उससे सीज़फायर क्यों?
2. मोदी जी कह रहे हैं – पाकिस्तान ने हाथ जोड़े और उन्होंने विचार करके सीजफायर कर लिया। लेकिन जब पाकिस्तानी आतंकियों के सामने हमारी बहनों ने हाथ जोड़े थे – “मेरा सिंदूर मत उजाड़ो” – तब व��� नहीं माने थे। तो अब मोदी जी क्यों मान गए?
3. पाकिस्तान हमारे हवाई हमले रोक नहीं पा रहा था। पाकिस्तान को पीछे हटना चाहिए था, झुकना चाहिए था, पहलगाम हमले के आतंकी हमें सौंपने चाहिए थे अगर पाकिस्तान नें युद्ध रोकने के लिए हमारे हाँथ जोड़े थे तो क्यों उनके प्रधानमंत्री को बुलाकर लिखित समझौता नहीं करवाया, जैसा इंदिरा जी नें 1971 में किया था?
4. अचानक किए गए सीजफायर से - पहलगांव के विक्टिम्स को न्याय क��से मिलेगा? पाकिस्तान ने पूंछ में 21 लोग और मार दिए उनको न्याय कैसे मिलेगा
इन चार सवालों के साथ एक और सवाल जो लोगों के ज़हन में घूम रहा है, वो है -
इस सबमे अमेरिका की भूमिका ? देश जानना चाह रहा है कि - मोदी सरकार के सीजफायर घोषणा करने से ठीक पहले अमेरिका ने घोषणा करके कहा दिया कि सीजफायर के लिए भारत को राजी कर लिया है। इसमें क्या सच्चाई है ?
कल प्रधानमंत्री जी ने अपने भाषण में एक बार भी अमेरिका को द�� टूक नहीं कह दिया कि इस सबमे अमेरिका की भूमिका की हमें कोई ज़रूरत नहीं ��ै। क्यों नहीं कहा - हमें किसी को ज़रूरत नहीं, हम सक्षम है ? क्यों नहीं कहा – भारत सक्षम है, और अपने फैसले खुद करता है, हम अमेरिका के मोहताज नहीं हैं। भारत 78 साल से अपने फैसले खुद लेता आया है।
प्रधानमंत्री जी, देश जानना चाहता है – सेना के बढ़ते कदम आपने क्यों रोके?
इन सवालों के जवाब न मिलने पर देश ठगा सा महसूस कर रहा है।
अंधभक्तों! न तुम्हारे बाप कोई स्टैंडर्ड और न ही ताऊ का।
शर्म नहीं आती सैंकड़ों लोगों और जवानों को मरवाने के बाद भी तिरंगा यात्रा निकाल रहे हो , वो भी सिर्फ दो रुपए के लिए ?
निम्नलिखित ध्यान से पढ़ो और सोच बदलो, तभी देश बदलेगा।
अंधभक्ति या देशभक्ति?