2024 Loksabha Member, Fatehpur, UP. Ex State President Of Samajwadi Party, UttarPradesh (2017-2024). Ex-MLC(2006-2024), Ex-minister, Ex- MLA (1989-1991), U.P.
अब क्या भाजपाई, इस बार रामलीला में सीता-हरण के प्रसंग में ‘रावण के भी वेश’ पर FIR करवाएंगे? जो लोग असल ज़िंदगी में साक्षात् रूप धरकर जन-जन के विश्वास को आहत कर रहे हैं, झूठ बोलकर दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं, उसी वेश में अपशब्द-दुर्वचन बोलते रहते हैं और दुखी माँ तक से सरेआम दुर्व्यवहार करते हैं, उनके ख़िला���़ भावना आहत होने की FIR कब लिखी जाएगी?
#CC_to_CC
प्रयागराज | बिग ब्रेकिंग
"न्यायपालिका के इतिहास का ब्लैक डे" - कोडीन क�� सिरप केस में जज तक पहुंचने की कोशिश, कोर्ट ने सुनवाई से खुद को किया अलग
कोडीन कफ सिरप माफिया केस में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जो कहा, वो सुनकर हर कोई हिल गया।
जमानत की बेल याचिका पर सुनवाई के दौरान पता चला कि फैसला आने से पहले जज तक पहुंचने की कोशिश की गई। यानी सीधे तौर पर न्यायपालिका को प्रभावित करने की साजिश।
कोर्ट ने इसे "न्यायालय के इतिहास का ब्लैक डे" बता दिया।
ज ने खुली कोर्ट में कहा - "न्यायपालिका पर असर डालने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी"। इसके बाद उन्होंने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए खुद को ��स मामले की सुनवाई से अलग कर लिया।
अब पूरी फाइल Chief Justice को भेजी गई है। जमानत पर फैसला नहीं होगा, पहले नई बेंच तय की जाएगी।
सबसे शॉकिंग बात ये है -
इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। बताया जा रहा है कि वो दुबई में बैठकर ऐश की जिंदगी जी रहा है और यहीं से सिस्टम पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
ED और पुलिस जांच कर रही है, लेकिन केस की रफ्तार अब लगभग थम सी गई है। ए�� तरफ माफिया विदेश में बैठकर जज तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है, और दूसरी तरफ जांच की रफ्तार धीमी पड़ती जा रही है।
ये सवाल अब बड़ा हो गया है - कितने ताकतवर हैं ये माफिया? और कब होगी इनके खिलाफ ठोस कार्रवाई?
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जब बच्चे तक न उठा सकते आवाज़
तो कैसे कहें कि ये वतन है आज़ाद?
आज भाजपा के कट्टर समर्थक भी शर्मिंदा हैं और पश्चाताप और प्रायश्चित की आग में जल रहे हैं, उनका भी तो परिवार है और परिवार में बच्चे भी हैं, और उन बच्चों का भी वर्तमान और भविष्य है।
अब कोई भाजपा से भविष्य की क्या उम्मीद करे, जब वर्तमान में ही जनता भाजपा से पूरी तरह नाउम्मीद हो गई है।
आज हर उम्र के लाखों लोगों ने बेख़ौफ़ होकर जिस तरह भाजपा के विरोध में एकजुटता दिखाई है, सच तो ये है कि उस जन-आक्रोश को देखकर भाजपाई और उनके संगी-साथी बेहद डर गये हैं। ये वो आम जनता है जिसे सरकार की किसी भी एजेंसी का भय नहीं है।
भाजपा ख़त्म!
महिला पुलिस के साथ अभद्रता करनेवाले भाजपाई क्या किसी महिला का संरक्षण करेंगे और क्या उन्हें आरक्षण देंगे।
विपक्ष के एक वरिष्ठ सांसद वयोवृद्ध श्री नरेश उत्तम पटेल जी के आवास पर जूते से वर्चस्ववादियों द्वारा प्रहार सिर्फ़ इसलिए किया गया है क्योंकि वो ‘पीडीए’ समाज से आते हैं। ये प्रहार-अपमान संपूर्ण ‘पीडीए समाज’ का अपमान है।
आज सरदार पटेल जी की आत्मा बहुत दुखी होगी।
‘5 बड़ा या 7’ वाले प्रदेश के भाजपाई अध्यक्ष अपने समुदाय के अपमान पर कुछ बोलेंगे या सत्ता सुख के लालच में अपमान का घूँट पीकर रह जाएंगे।
भाजपाई हार की हताशा से अपना आपा खो बैठे हैं।
घोर निंदनीय!