जो बीत गई सो बात गई
जीवन में एक सितारा था
माना वह बेहद प्यारा था
वह डूब गया तो डूब गया
अम्बर के आनन को देखो
कितने इसके तारे टूटे
कितने इसके प्यारे छूटे
जो छूट गए फिर कहाँ मिले
पर बोलो टूटे तारों पर
कब अम्बर शोक मनाता है
जो बीत गई सो बात गई
Harivansh Rai Bachchan
जो बीत गई सो बात गई
जीवन में एक सितारा था
माना वह बेहद प्यारा था
वह डूब गया तो डूब गया
अम्ब��� के आनन को देखो
कितने इसके तारे टूटे
कितने इसके प्यारे छूटे
जो छूट गए फिर कहाँ मिले
पर बोलो टूटे तारों पर
कब अम्बर शोक मनाता है
जो बीत गई सो बात गई
Harivansh Rai Bachchan
वीके सिंह: एक नाम जिसकी साख है....
वीके सिंह एक ऐसे आईपीएस अफसर, जिनका नाम ही अपने आप में साख है सत्यनिष्ठा की। जो किसी केस की जांच करते हैं तो पहाड़ भी खोद डालते हैं लेकिन फिर दोषी बच नहीं सकते। वे आज तक राजस्थान में जिस भी जिले में रहे हैं, वहां उनकी पोस्टिंग के तीन दशक बाद भी हर कोई यही कहता है कि ऐसे अफसर ही हैं जो आम आदमी का विश्वास कायम करते हैं देश और कानून के प्रति। उनकी वर्दी पर राई बराबर भी कोई दाग नहीं।
आज भ्रष्टाचार से लबरेज जिस सब इंस्पेक्टर भर्ती को हाईकोर्ट ने निरस्त किया है, वो उनकी जांच से तय हुआ है। राजस्थान में वे पहले आधिकारिक अफसर थे जिन्होंने अपनी जांच के बाद "भर्ती की पवित���रता अक्षुण्ण नहीं रही यह भर्ती रद्द् होनी चाहिए... " की टिप्पणी के साथ सरकार को अनुशंसा करीब एक वर्ष पहले ही भेज दी थी। यही एक लाइन की टिप्पणी है जो आज अडिग साक्ष्य बनी है। मेरा विश्वास है कि यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट तक भी खारिज नहीं हो सकती।
वी. के. सिंह बिहार के एक सामान्य किसान के पुत्र हैं जो कभी उन बड़े लोगों की पांच सितारा पार्टियों में नज़र नहीं आते जहाँ दिखावे का बोलबाला होता है। हाँ लेकिन अपने साथ काम करने वाले सामान्य पुलिसकर्मियों के पुत्र पुत्री के विवाह में अवश्य पहुंचते हैं। उनकी उपस्थिति ही परिवार का हौसला बढ़ा देती है। उनसे अक्सर अधीनस्थ साथी अपने पुत्र पुत्रियों के करियर के बारे में सलाह भी लेते हैं।
मेरे पत्रकार मित्र ओमप्रकाश शर्मा (जो पुलिस से समबन्धित अपनी विशिष्ट ब्रेकिंग खबरो के लिए जाने जाते हैं।) उनका कहना है कि "सिंह साब एक ऐसे अफसर हैं जिनकी योग्यता और सत्यनिष्ठा के बारे में कोई पीठ पीछे भी गलत बात नहीं बोलता। राजस्थान का कोई राजनेता उन्हें गलत बात के लिए फोन करने का साहस नहीं रखता।"
वे कभी टीवी चैनल्स पर शेखी बघारू इंटरव्यू नहीं देते देखे जाते। मार्केटिंग क्या होती है, शायद जानते भी नहीं।
उनसे कोई मिलता है तो वे आज भी उन जीवन म��ल्यों की बात अवश्य करते हैं जिन्हें कुछ दशक पहले तक भारत में जीवन का आधार माना जाता था।
वे राजस्थान के लिए सौभाग्य हैं। ईश्वर करें ऐसे अफसर आगे भी बनते रहें।
-उपेंद्र शर्मा की फेसबुक वाॅल से साभार
मानवेन्द्र सिंह जसोल का अपना जलवा है, बाक़ी सारे विधायक मंत्री अलग गाड़ी में, पर मानवेन्द्र सिंह, मुख्यमंत्री और पेट्���ोलियम मंत्री के साथ एक ही बस में.
विगत दिनों *सोशल मीडिया में NCERT के पाठ्यक्रम में हुए बदलाव* को लेकर पोस्ट के साथ संलग्न तस्वीरें वायरल हो रही हैं। यदि ये सही हैं तो ये विद्यालयों में पढ़ाये जाने वाले इतिहास को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। आजादी के बाद से ही पश्चिम परस्त इतिहासकारों द्वारा.....
जिंदगी में बडी शिद्दत से निभाओ अपना किरदार,
कि परदा गिरने के बाद भी तालियां बजती रहे!
वाकई सालों साल आपके लिए तालियां यूँ हीं बजती रहेंगी
#Sir आप जहां भी रहेंग�� रोशनी लुटाएंगे
@ips_mridul सर आप हमेशा #भरतपुर_पुलिस जवानों एवं आमजन के दिलों💞 में रहेंगे
😓
#Transfer
@RajCMO
महत्वपूर्ण घोषणा। 📢
एक ऐतिहासिक पहल के तहत, 15 अगस्त 2025 से ₹3,000 की कीमत वाला FASTag आधारित वार्षिक पास शुरू किया जा है। यह पास सक्रिय होने की तिथि से एक वर्ष तक या 200 यात्राओं तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा।
यह पास केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (कार, जीप, वैन आदि) के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है और यह देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध यात्रा को संभव बनाएगा।
वार्षिक पास के सक्रियण/नवीनीकरण के लिए जल्द ही राजमार्ग यात्रा ऐप ��र NHAI / MoRTH की वेबसाइट्स पर एक अलग लिंक उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रक्रिया सरल और सुगम होगी।
यह नीति 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाज़ाओं को लेकर लंबे समय से चली आ रहें कन्सर्न्स को अधोरेखित करेगी और एक ही सुलभ लेनदेन के माध्यम से टोल भुगतान को सहज बनाएगी।
प्रतीक्षा समय घटाकर, भीड़ कम कर और टोल प्लाज़ाओं पर विवाद को समाप्त कर, वार्षिक पास नीति लाखों निजी वाहन चालकों के लिए तेज़, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव के लिए प्रतिबद्ध है।
#FASTagBasedAnnualPass #PragatiKaHighway
अपने माता पिता की गाढ़ी मेहनत कमाई कुर्बान कर जिंदगी भर का टेंशन, भय खरीदना हो तो डमी बन, पेपर खरीदकर, फर्जी डिग्री, फर्जी स्पोर्ट्स या PH सर्टिफिकेट बनवाकर यानी कुछ भी फर्जीवाड़ा करके हासिल कर सकते हैं..मगर जो सुकून मेहनत की कमाई में है वो कहीं नहीं। सीधे चलें सुरक्षित रहें।
राजस्थान की राजनीति कभी सेवा, समर्पण और जनहित की पहचान मानी जाती थी। परंतु आज स्थिति यह हो चली है कि कुछ अवसरवादी नेता इतिहास का सहारा लेकर वर्तमान की बहन-बेटियों पर प्रश्नचिह्न लगाने लगे हैं। समाज की अस्मिता, मर्यादा और मान को एक राजनैतिक औजार बना देने की यह परंपरा कब आरंभ हुई, यह तो स्पष्ट नहीं, परंतु इसके परिणाम अत्यंत घातक और चिंताजनक अवश्य हैं।
प्रश्न यह है कि क्या समाज का नेतृत्व करने वाले अब बहनों-बेटियों की मर्यादा को राजनीतिक मंचों पर उछालकर वाहवाही लूटेंगे?
विरोध का स्तर अब विचारों से नहीं, गालियों से तय होता है। जिनके पास तर्क नहीं, वे अपशब्दों का सहारा लेते हैं। जो विचारधारा में खोखल�� हैं, वे इतिहास को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करते हैं। समाज को बांटकर जो सत्ता तक पहुंचना चाहते हैं, उन्हें यह स्मरण रहना चाहिए कि इतिहास ने ऐसे हर शासक को अंततः तिरस्कार ही दिया है।
समाज के युवाओं को अब सतर्क होना होगा। यह समय है जब हमें यह पहचानना होगा कि कौन हमारे नाम पर राजनीति कर रहा है और कौन सचमुच समाज के लिए चिंतित है। यदि हम हर बार जाति, धर्म, स्त्री-पुरुष के नाम पर विभाजित होते रहेंगे, तो न समाज बचेगा, न संस्कृति।
यदि इस कटु सत्य से किसी की भावनाएं आहत होती हैं तो हो सकती हैं। यदि कोई मुझे अपशब्द कहना चाहता है, तो वह भी कह सकता है परंतु समाज को तोड़ने और बहन-बेटियों की आड़ में राजनीति करने वाले हर व्यक्ति के विरुद्ध आवाज़ उठाना अब अनिवार्य हो गया है।
#Rajasthan
जब श्रीकृष्ण शांति के अंतिम प्रयास स्वरूप हस्तिनापुर जा रहे थे, तब द्रौपदी ने अत्यंत व्याकुल होकर पूछा -
“केशव, क्या अब युद्ध नहीं होगा?”
इस पर श्रीकृष्ण ने गंभीरता से उत्तर दिया -
“द्रौपदी, तुम मुझसे अधिक विश्वास दुर्योधन पर रखो, वह मेरी हर कोशिश को विफल कर देगा।”
#ceasefire
“जहां बीमार-वहीं उपचार” का संकल्प हो रहा पूरा
बाप पंचायत समिति के बारु के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आधुनिक तकनीकी वाले आईसीयू वार्ड का लोकार्पण किया।
“जहां बीमार-वहीं उपचार” का संकल्प हो रहा पूरा
बाप पंचायत समिति के बारु के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आधुनिक तकनीकी वाले आईसीयू वार्ड का लोकार्पण किया।