देश में सामाजिक परिवर्तन की महानायिका करोड़ों बहुजनो के आत्मसम्मान व स्वाभिमान की प्रतीक हमारी प्रेरणास्रोत,यूपी की चार बार रही यशस्वी मुख्यमंत्री बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष आयरन लेडी आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी को उनके 70वें जन्मदिन पर हार्दिक बधाई ए��ं शुभकामनाएं!
जैसा कि विदित है कि आज से संसद में चूंकि चुनाव सुधार को लेकर चर्चा हो रही है। अतः बी.एस.पी. की ओर से इस सम्बन्ध में यह कहना है कि चुनाव की प्रक्रिया में अन्य सुधार लाने के साथ-साथ निम्न तीन ख़ास सुधार लाना बहुत ज़रूरी हैं।
SIR को लेकर जो पूरे देश में व्यवस्था चल रही है BSP उसके विरोध में नहीं है। परन्तु BSP का यह कहना है कि इस सम्बन्ध में मतदाता सूची में नाम भरने की जो भी प्रक्रिया होनी है, उसके लिए जो समय सीमा निर्धारित की गई है वो ��हुत ही कम है, जिसकी वजह से BLO के ऊपर भी काफी दबाव है और कई BLO काम के दबाव के वजह से अपनी जान भी गवां चुके हैं। जहाँ करोड़ों मतदाता हैं वहाँ BLO को उचित समय मिलना ही चाहिये और ख़ासतौर पर उस प्रदेश में जहाँ जल्दी ही कोई भी चुनाव नहीं है।
उत्तर प्रदेश में लगभग 15.40 करोड़ से भी ज़्यादा मतदाता हैं और अगर वहाँ SIR का कार्य जल्दबाज़ी में पूरा करने की कोशिश की जायेगी तो इसका नतीजा यह होगा कि अनेकों वैध-मतदाता ख़ा��तौर पर जो ग़रीब हैं और काम करने के सिलसिले में बाहर गये हैं, तो फिर उनका नाम मतदाता सूची से रह जायेगा और वो बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी द्वारा ऐसे व्यक्तियों को दिया गया वोट डालने का संवैधानिक अधिकार से वंचित कर देगा, जो कि पूर्ण रूप से अनुचित होगा। अतः ऐसे में SIR की प्रक्रिया को पूरी करने में जल्दबाज़ी ना करते हुये उचित समय दिया जाना चाहिये अर्थात् वर्तमान मे दी गई समय सीमा को बढ़ाना चाहिये।
इसके साथ ही, मा. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार चुनाव आयोग द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं। ऐसे लोग जिनका कोई भी आपराधिक इतिहास है उन्हें अपने हलफनामें में इसका अपने आपराधिक इतिहास का पूरा ब्योरा देना होगा और इसके साथ-साथ स्थानीय अख़बारों में भी इसका पूरा विवरण भी प्रकाशित करना होगा तथा जिस राजनैतिक पार्टी से वे चुनाव लड़ रहे हैं, उ��� राजनैतिक पार्टी की भी ज़िम्मेदारी होगी कि वह इस सूचना को अपने स्तर से भी राष्ट्रीय अख़बारों में भी प्रकाशित करेगी।
इस सम्बन्ध में BSP का कहना है कि अक्सर यह पाया गया है कि जिस व्यक्ति को चुनाव लड़ने के लिए टिकट/सिम्बल दिया जाता है उनमें से कुछ लोग अपना आपराधिक इतिहास पार्टी को नहीं बतातें हैं तथा कुछ लोगों के सम्बन्ध में स्क्रूटनी (scrutiny) के समय ही पार्टी को इसका पता लग पाता है, जिसकी वजह से इसकी ज़िम्मेवारी पार्टी के ऊपर आ जाती है और वैसे भी ऐसे प्रत्याशियों के आपराधिक इतिहास को राष्ट्रीय अख़बारों में छपवाने की ज़िम्मेवारी पार्टी के ऊपर डाली ग��ी है।
जबकि इस सम्बन्ध में हमारी पार्टी का यह सुझाव है कि आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों के सम्बन्ध में सभी औपचारिकताएं पूरी करने की ज़िम्मेवारी उन्हीं पर डालनी चाहिये ना कि पार्टी के ऊपर होनी चाहिये। और अगर आगे चलकर यह मालूम होता है कि किसी प्रत्याशी नेे अपना आपराधिक इतिहास छुपाया है तो इससे सम्बंधित हर प्रकार की कानूनी liability और ज़िम्मेदारी भी उसी पर आनी चाहिये ना कि पार्टी के ऊपर।
इसके इल��वा हमारी पार्टी का यह भी सुझाव है कि EVM के द्वारा उसमें लगातार उठती गड़बड़ियों की शिकायत जो चुनाव के दौरान और उसके बाद व्यक्त की जाती है उसे दूर करने के लिए और चुनाव प्रक्रिया में सभी का पूर्ण रूप से विश्वास पैदा करने के लिए अब EVM के द्वारा vote डलवाने की जगह पुनः बैलेट पेपर से ही vote डलवाने की प्रक्रिया लागू की जाये और अगर किसी वजह से ऐसा अभी नहीं किया जा सकता है तो कम से कम VVPAT के डब्बे में जो vote डालते समय पर्ची (slip) गिरती है उन सभी पर्चियों की गिनती सभी बूथों में करके EVM के वोटों से मिलान किया जाये।
ऐसा ना करने का जो कारण Election Commission द्वारा बताया जाता है, कि इसमें काफी समय लग जायेगा जबकि इनका यह तर्क बिलकुल भी उचित नहीं है। क्यांेकि अगर सिर्फ कुछ और घन्टे गिनती में लग जाते हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिये, जबकि वोट डालने की चुनाव प्रक्रिया महीनों चलती है। और यह इसलिए भी जरूरी है कि इससे देश की आमजनता का चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा तथा इस प्रकार के जो अनेकों प्रकार के सन्देह उत्पन्न होते हैं उनपर भी पूर्ण विराम लगेगा, जो देश हित में होगा।
देश के करोड़ों ग़रीबों, दलितों, शोषितों-पीड़ितों आदि इन ’बहुजन समाज’ के मसीहा भारतरत्न बोधिसत्व परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को, कल दिनांक 6 दिसम्बर को उनके महापरिनिर्वाण दिवस (देहान्त) पर, बी.एस.पी. के बैनर तले उनके अपार समर्थकों व अनुयाइयों द्वारा विशेषकर लखनऊ के ’डा. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल’ एवं यूपी-दिल्ली सीमा पर गौतम बुद्ध नगर ज़िला में नो��डा के ’राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डेन’ में बड़ी भारी संख्या में एकत्र होेकर तथा देश के अन्य राज्यों में भी ज़ोन-स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करके बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को शत्-शत् नमन् तथा इनको मिशनरी भावना से श्र���्धा-सुमन अर्पित करने के लिये सभी लोगों का व ख़ासकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, दिल्ली के छोटे-बड़े सभी पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं आदि का मेरी व पार्टी की ओर से भी पूरे तहेदिल से शुक्रिया एवं आभार तथा इसके लिये उन सभी की जितनी भी सराहना की जाये वह कम है।
इसके साथ ही, ऐसे मौके़ पर जब देश भर में व्याप्त ग़रीबी, बेरोजगारी आदि की विकराल समस्याओं के साथ-साथ ख़ासकर एयरलाइन्स संचालन को लेकर देश भर में व्याप्त अफरातफरी, दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या, विश्व बाजार में रुपये की गिरती कीमत आदि को लेकर देश के जो वर्तमान हालात हैं व लोगों की जो दिन- प्रतिदिन की परेशानियाँ-दिक्कतें हैं उससे पूरा देश चिन्तित है, जिसका समाधान, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी व कल्याणकारी संविधान को, आमजन के हित में सही से लागू करके ही तलाशा जाना बेहतर होगा।
इस क्रम में सरकारों को व्यावसायिक दृष्टिकोण त्यागकर ��िशुद्ध जनहित व जनकल्याण की ईमानदार नीयत से नीति, कानून एवं कार्यक्रम आदि बनाने होंगे, तभी समस्याओं से छुटकारा तथा देश व जनहित संभव।
बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने व्यापक देश व जनहित को मद्देनज़र रखकर ही आजीवन कड़ा संघर्ष करते रहे और अन्ततः देश के करोड़ों बहुजनों के हित, कल्याण एवं उत्थान हेतु यहाँ संविधान में अनेकों अधिकार देकर क़ानून बनवाये, जिन पर सही से अमल बहुत ज़रूरी। धन्यवाद।
जैसाकि सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश में मेरे (मा. बहनजी के) नेतृत्व में चार बार बनी बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की सरकार के दौरान् ’बहुजन समाज’ में समय-समय पर जन्मे उन महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों में भी ख़ासकर महात्मा ज्योतिबा फुले, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायणा गुरु, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी आदि को विभिन्न रूपों में भरपूर आदर-सम्मान दिया गया है, जिनकी जातिवादी पार्टियों की रही सरकारों में यहाँ हमेशा उपेक्षा की गयी व उनका तिरस्कार भी किया जाता रहा है।
देश में करोड़ों लोगों की भलाई के लिये ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ का संदेश देने वाले तथा उसके लिये आजीवन त्याग व संघर्ष करने वाले इन महापुरुषों के नाम पर बी.एस.पी. सरकार द्वारा जनहित व जनकल्याण की अनेकों बड़ी-बड़ी योजनायें शुरू की गयीं तथा इनके नाम पर यूपी की राजधानी लखनऊ में व राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नज़दीक यूपी के ज़िला गौतम बुद्ध नगर में बनाये गये भव्य स्थल, स्मारक व पार्क आदि, जो अब इनके अनुयाइयों के लिये तीर्थस्थल का रूप धारण कर चुके हैं और जिनकी भारी भीड़ ख़ासकर इन महापुरूषों की जयंती व पुण्यतिथि के मौकों पर यहाँ देखने को मिलती है।
लेकिन इस दौरान् अनुभव यही रहा है कि मेरे जाने पर मेरी सुरक्षा प्रबंध के नाम पर जो सरकारी व्यवस्था की जाती है, जो अत्यन्त ज़रूरी भी है, उससे लोगों को काफी परेशानी/दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तथा वहाँ मेरे ठहरने तक उन्हें मुख्य स्थल से काफी दूर ही रोक दिया जाता है, जिसकी वजह से अब मैंने उन स्थलों पर स्वंय ना जाकर अपने निवास स्थान पर या पार्टी कार्यालय में ही इन सभी महापुरुषों की जयंती व पुण्यतिथि आदि पर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करने का यह फैसला लिया है।
इस क्रम में परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर, पश्चिमी यूपी को छोेड़कर, उत्तर प्रदेश में पार्टी के लोग व उनके अनुयायी मेरे निर्देशानुसार आगामी 6 दिसम्बर को लखनऊ के विशाल एवं भव्य ’डा. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल’ में तथा पश्चिमी यूपी, दिल्ली व उत्तराखण्ड स्टेट के लोग नोएडा में स्थित ’राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल’ में अपने परिवार सहित भारी संख्या में पहुँचकर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे तथा उनके ज��वन संघर्ष से प्रेरणा लेकर उनके कारवाँ को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लेंगे ताकि बी.एस.पी. के नेतृत्व में उनके आत्म-सम्मान व स्वाभिमान का मूवमेन्ट सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करके मंज़िल की ओर आगे बढ़ सके। धन्यवाद।
आज देश ‘‘संविधान दिवस‘‘ मना रहा है और इस खास मौके पर भारतीय संविधान के मूल निर्माता व बहुजन समाज के मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब ���ा. भीमराव अम्बेडकर जी को मैं पूरे तहेदिल से शत्-शत् नमन करती हूँ और साथ ही ये भी उम्मीद् करती हूँ कि केन्द्र व राज्य सरकारें “संविधान दिवस” मनाने के साथ-साथ संविधान के समतामूलक, मानवतावादी व कल्याणकारी उद्देश्यों पर ईमानदारी एंव निष्ठा से अमल करके जनता की अपेक्षाओं को जरूर पूरा करेंगी, यही समय की मांग है। जय भीम, जय भारत व जय संविधान
��ारतीय फिल्म इण्डस्ट्री की जानी-मानी हस्तियों में से एक दिग्गज अभिनेता श्री धर्मेन्द्र का आज निधन हो जाने की ख़बर अति-दुखद। अपने मिलनसार, हमदर्द व ख़ुश मिज़ाज स्वभाव के लिये मशहूर रहे श्री धर्मेन्द्र ने काफी लम्बे समय तक फिल्म दुनिया व फिल्मों के शौक़ीन लोगों के दिलों पर राज किया। उनके परिवार वालों के साथ-साथ उनके तमाम चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। कु़दरत उन सभी को इस दुख को सहने ���ी शक्ति दे, यही कामना।
बी.एस.पी. की बिहार प्रदेश यूनिट सहित देश के कई राज्यों की कल नई दिल्ली स्थित पार्टी केन्द्रीय कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में बिहार स्टेट बी.एस.पी. के वरिष्ठ पदाधिकारियांे तथा वहाँ से पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक श्री सतीश यादव भी मौजूद रहे।
समीक्षा में, अन्य बातों के अलावा, यह बात भी सामने आ�� कि मतगणना वाले दिन दिनांक 14 नवम्बर को विरोधी दलों के असामाजिक तत्वों द्वारा कराये गये उपद्रव में बी.एस.पी. के विधायक की गाड़ी तथा प्रशासन की भी गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त की गई, जिसे काबू में करने हेतु पुलिस द्वारा रात में लाठीचार्ज किया गया जिसमें बी.एस.पी. के कई कार्यकर्ता भी गम्भीर रूप से घायल हुये।
इसको लेकर ज़िले की पुलिस द्वारा शासन के दबाव में बी.एस.पी. के लगभग 250 कार्यकर्ताओं पर एवं अन्य 1000 अ��्ञात लोगों पर कई एफ.आई.आर. दर्ज करके उसकी आड़ में पुलिस सिर्फ बी.एस.पी. कार्यकर्ताओं को ही परेशान कर रही है, जबकि पहले इस घटना की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिये और उसके बाद ही कोई कार्रवाई होनी चाहिये।
अतः बी.एस.पी. की माँग है कि इस मामले की सही व निष्पक्ष जाँच हो तथा जब तक यह जाँच पूरी ना हो जाये, तब तक इस पर कोई पुलिस कार्रवाई व गिरफ्तारी आदि ना की जाए तो यही उचित होगा।
बिहार विधानसभा के अभी हाल ही में सम्पन्न हुये आमचुनाव में कैमूर ज़िले की रामगढ़ विधानसभा सीट (संख्या 203) पर बी.एस.पी. के उम्मीदवार श्���ी सतीश कुमार सिंह यादव को जीत दिलाने के लिये पार्टी के सभी लोगों को बधाई तथा उनका पूरे तहेदिल से आभार प्रकट।
हालाँकि वोटों की गिनती बार-बार कराने के बहाने से वहाँ के प्रशासन व एकजुट होकर सभी विरोधी पार्टियों द्व़ारा बी.एस.पी. उम्मीदवार को हराने का पूरा-पूरा प्रयास किया गया, किन्तु पार्टी के बहादुर कार्यकर्ताओं का पूरे समय तक डटे रहने से विरोधियों का यह षडयंत्र सफल नहीं हो सका।
इतना ही नहीं बल्कि बिहार के इस क्षेत्र की अन्य सीटों पर भी विरोधियों को काँटे की टक्कर देने के बावजूद बी.एस.पी. उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सके, जबकि फीडबैक के अनुसार अगर चुनाव पूरी तरह से फ्री एण्ड फेयर होता तो बी.एस.पी. और भी कई सीटें ज़रूर जीतती, लेकिन ऐसा नहीं हो सका, जिससे पार्टी के लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है बल्कि आगे और भी अधिक तैयारी के साथ काम करते रहने की ज़रूरत है।
अन्त में, बिहार विधानसभा के इस चुनाव में अपने ख़ून-पसीने व पूरी लगन से चुनाव लड़ने के लिये बी.एस.पी. के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं एवं शुभचिन्तकों आदि का तहेदिल से आभार प्रकट तथा आगे बिहार में पूरे जी-जान से लगे रहने का आह्वान ताकि बिहार, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी के सपनों की, ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की धरती बन सके।
परमपूज्य बोधिसत्व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्ब��डकर के धम्मदीक्षा गुरु पूज्य भदन्त चन्द्रमणि महास्थवीर के सुयोग्य उत्तराधिकारी पूज्य भदन्त ज्ञानेश्र महास्थवीर जी, अध्यक्ष, कुशीनगर भिक्खु संघ का लगभग 90 वर्ष की आयु में आज देहावसान हो गया है। देश-विदेश में फैले उनके अनुयायियों में अपार शोक एवं दुःख व्याप्त है।
भदन्त ज्ञानेश्वर जी का देहावसान ना केवल बौद्ध जगत के लिए बल्कि मानव समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। भदन्त ज्ञानेश्वर महास्थवीर जी का सामाजिक, धार्मिक, शैक्षाणिक तथा सांकृतिक क्षेत्र में उनका रहा योगदान अनुकरणीय है। मैं अपनी व पार्टी की तरफ से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ।
यशपाल गौतम जी को शत शत नमन 🙏
जब तक बहुजन समाज पार्टी के लिए श्री सतीश गौतम जी जैसे मिशनरी साथी संघर्ष कर रहे हैं बसपा को कोई भी ताकत कमजोर नहीं कर सकती आपके जज्बे को सलाम।
#जयभीम
सिपाही हरिओम या���व, @lkopolice @Uppolice
क्या सिपाही इस तरह लाठी मारने का अधिकार रखता है, और यदि नहीं रखता है तो कृपया कार्यवाही करें?
9 oct 2025, बहन कु मायावती जी के भाषण के दौरान की तस्वीर।
@CMOfficeUP https://t.co/tx4A7CqQXf
मान्यवर कांशीराम स्थल की तस्वीरें बयान कर रहीं है पूरा अफसाना। बहनजी इस बार अलग ही मूड में हैं।
2027 में यूपी में पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी है ये बात बहनजी कई बार कही आज।