लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को सादा कपड़ों में पहुँचे पुलिसकर्मियों द्वारा जबरन अस्पताल ले जाना तथा उनके साथियों के साथ मारपीट कर उन्���ें हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
इससे पहले वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर महीनों तक धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों के साथ भी यही हुआ। देश का गौरव बढ़ाने वाली महिला पहलवानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को भी इसी तरह बलपूर्वक हटाया गया। अब सोनम वांगचुक जी के सत्याग्रह के साथ भी वही व्यवहार किया जा रहा है।क्या शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार केवल सत्ता की सुविधा तक ही सीमित रह गया?
हम प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि सोनम वांगचुक जी को उत्तम स्वास्थ्य, शक्ति और दीर्घायु प्रदान करे।
#SonamWangchuk
3 इडियट्स फ़िल्म का चतुर याद है ?
ओमी वैध ने अब एक वीडियो जारी करके कहा है वो नहीं चाहते कि भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक मर जाए।
मगर फ़िल्म का लीड हीरो "आमिर खान" अब भी चुप है।
ये भी एक सच है कि ये पर्दे के हीरो असल जिंदगी में कितने बड़े डरपोक है। #cjp
जब व्यवस्था छात्��ों को कीड़े-मकोड़ों से भी बदतर समझने लगे, तो जवाब भी उसी भाषा में मिलता है।
जंतर-मंतर पर कॉकरोज़ की यूनिफॉर्म कोई मज़ाक नहीं, बल्कि उस सिस्टम पर तंज है जिसने युवाओं को अपनी आवाज़ सुनाने के लिए ऐसे प्रतीकों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितन��� की लोकतंत्र के लिए।
जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वो आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है, उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है अत: भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा निरर्थक है। भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है। उनके लिए धन ही प्रधान है। वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। उनमें बदला�� की आशा करना ही व्यर्थ है। जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं ह��ता। ‘सत्याग्रह’ का महत्व वो क्या जानें जो ‘सत्ताग्रह’ के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं। उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो ख़ुदगर्ज़ लोग हैं।
लोकतंत्र का गला घोंटनेवाली महापापी-अधर्मी भाजपा और उसके भूमिगत अपंजीकृत संगी-साथियों के गिरोह को हराने और सदैव के लिए हटाने के लिए आपके मनोबल और नैतिकता की महाशक्ति हर सच्चे भारतीय क�� प्रेरणा बनती रहे और आप देशवासियों, युवाओं, लोकतंत्र और पर्यावरण के संघर्ष के लिए नकारात्मक ताक़तों के ख़िलाफ़ सदैव प्रकाश स्तंभ बने रहें, यही हम सबकी चाह है और प्रार्थना भी।
@Wangchuk66
एक मुस्लिम बुजुर्ग की दाढ़ी खींची और नोची जा रही है।
एक महिला उसे चप्पल से मारने की धमकी दे रही है।
एक युवक धक्का मुक्की कर रहा है।
क्या ये सब इस देश का कानून छूट ��े रहा है नहीं ना ?
तो फिर ये सब क्यों होने दिया जा रहा है।@RahulGandhi @ShayarImran मामला देखें।
ऐसा तो हमारा देश नहीं था।
वीडियो फिलहाल सोशलमीडिया पर वायरल है दोषियों पर कार्यवाही हो।