मुझे नहीं लगता कि अपने इतिहास में कभी इज़रायल और अमरीका की इतनी बड़ी हार हुई है। इसके पहले शायद उसे कभी मुआवज़ा नहीं देना पड़ा है।
वह स्ट्रेट और हॉर्मुज खुलवाने को ट्रम्प अपनी उपलब्धि बता रहा है जो खुली थी।
ईरान दुनिया के सामने एक म��ाशक्ति के रूप में आया है। व्यापार में छूट और फ्रोजेन एसेट रिलीज उसकी आर्थिक ताक़त को भी कई गुना बढ़ायेंगे।
जब हम शुरू में यह कह रहे थे कि जंग में ईरान भारी पड़ेगा तो केवल भक्त ही नहीं, कई कथित लिबरल भी मज़ाक़ उड़ा रहे थे। इतिहास और अंतराष्ट्रीय राजनीति की समझ न हो तो अमरीकी-यूरोपी मीडिया के असर में बह जाना स्वाभाविक था।
फ़िलहाल डील को खतरा सिर्फ़ इज़रायल से है जो लेबनान से अपनी फ़ौजें वापस बुलाने को तैयार नहीं लग रहा।
पाकिस्तान अपनी पैदाइश के बाद पहली बार इस स्तर की डिप्लोमेसी का हिस्सा बनकर पीसमेकर के रूप में सामने आया है, भारत पहली बार ऐसे किसी संकट में चल रही डिप्लोमेसी से इस क़दर ��ाहर रहा है।
प्रधानमंत्री युद्ध शुरू होने से पहले इजरायल की संसद में समर्थन कर आए थे। अब यह कैसी डिप्लोमेसी थी, यह आप तय कीजिए।
IRAN के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अकेले ही United States के सुपरपावर का दौर ख़त्म कर दिया!
पहले TRUMP ने ईरान पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था!
अब ट्रंप ने 24 अरब डॉलर की ईरानी संपत्ति की वापसी का ऐलान कर दिया है!
और ट्रंप Middle East से US सेना की वापसी भी कर रहा है!
पहले ट्रंप ने कहा था कि IRAN को एक भी पैसा नहीं दिया गया है!
पर अब ट्रंप कह रहा है कि अमेरिका ईरान को 300 अरब डॉलर दे रहा है!
पहले ईरान पर तेल से जुड़े कई प्रतिबंध थे!
पर अब ईरान के तेल से जुड़े प्रतिबंध नहीं रहे!
ईरान के कहने पर अब Lebanon समेत हर जगह पर स्थायी युद्धविराम लगा दिया गया!
पहले US ईरान के अंदरूनी मामलों को कंट्रोल कर रहा था!
पर अब US ईरान के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देगा!
Trump को एक ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ रहा है!
IRAN न कभी झुका है और न कभी झुकेगा!
🚨🇺🇸🇮🇷 ईरान-अमेरिका मसौदा समझौते की कथित 14 प्रमुख शर्तें सामने आईं
#Mehr के अनुसार, रिपोर्टेड ड्राफ्ट मेमोरेंडम में शामिल हैं:
🔹 लेबनान समेत सभी मोर्चों पर तत्काल और स्थायी युद्धविराम
🔹 अमेरिका का ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने का वादा
🔹 नौसैनिक नाकेबंदी की समाप्ति और 30 दिनों के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना
🔹 ईरान के आसपास के क्षेत्रों से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी
🔹 तेल संबंधी प्रतिबंधों का निलंबन और ईरान को उसके राजस्व तक पहुंच बहाल करना
🔹 अमेरिका और सहयोगियों की ओर से 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण एवं निवेश की योजना
🔹 परमाणु कार्यक्रम और व्यापक प्रतिबंध राहत पर 60 दिनों की वार्ता
🔹 NPT के तहत ईरान का परमाणु हथियार विकसित न करने का पुन��� आश्वासन
🔹 वार्ता अवधि के दौरान कोई नए अमेरिकी सैनिक या नए प्रतिबंध नहीं
🔹 बातचीत के दौरान 24 अरब डॉलर की ईरानी जमी हुई संपत्तियों को जारी करना
🔹 निगरानी तंत्र का गठन और अंतिम समझौते को UNSC का समर्थन
🔹 मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सहयोगी समूहों को समर्थन वार्ता के दायरे से बाहर
⚠️ यदि यह मसौदा अंतिम रूप लेता है, तो यह मध्य पूर्व ��ी सुरक्षा, ऊर्जा बाजार और अमेरिका-ईरान संबंधों में एक बड़ा भू-राजनीतिक बदलाव साबित हो सकता है।
— Source: Mehr
आलोक शर्मा : बंगाल में 14 साल से अधिक उम्र की गाय को काटने की परमिशन दी या नही थी बस हाँ या न में जवाब दीजिये
भाजपा प्रवक्ता : नेहरु जी से पूछा गया 😅😂🤣
नेहरु जी कब पीछा छोड़ेंगे भाजपा वालो का समझ नही आता !
@raghav_chadha औ रागव भाई केजरीवाल के दिल की बात सुन,
जिसने पाल पोसकर चड्डी से बनाया चड्ढा,
आज उसके लिए ही खोद रहा गड्ढा।
तुमसे तो लाख गुना बेहतर है नड्डा,
जिसका काम था बस वेलकम ऑन हवाई अड्डा।
@raghav_chadha पर भाई तेरे जिस पार्टी मे तुम गये हो उसमे है 100% भस्टाचारी और यकिं ना हो तो गुगल भी कर लेना और अपराधी भी, और बडी़ बात की तुम्हारा भी किसी मामले मे नाम होगा गोर से देखना 😜
महाराष्ट्र में भारी जाम में फंसने के बाद मंत्री जी से भिड़ने वाली महिला का नाम टीना चौधरी था.
अब टीना चौधरी खुद सामने आईं हैं और उन्होंने पूरा वाकया बताया है.
टीना का कहना है- मुझे बहुत सारे मैसेज आ रहे थे, इसलिए मैं अपनी बात रख रही हूं.
सुनिए 👇
📍Vishnu Hotel, Mumbai
जैसा कि आप वीडियो में देख सकते हैं एक मुस्लिम व्यक्ति कह रहा है कि ��सने सिर्फ पानी से बेसन में हाथ धोया.. इसी बात पर वो महिला भड़क जाती है और उसे गंदी भाषा में धमकाने लगती है तुम्हें क#ट डालूँगी… ऐसा कर दूँगी…वैसा कर दूँगी !
तभी वहाँ वृत्तंत मनवतकर आते है वीडियो रिकॉर्ड करने लगते है और महिला को शांत करने की कोशिश करते है वह उसे समझाते है कि हर इंसान की इज्जत बराबर है धर्म या पहचान के आधार पर किसी के साथ ऐसा व्यवहार ठीक नहीं है!
लेकिन महिला मानने को तैयार नहीं होती और कहती है "जो करना है कर लो जिसे जो उखाड़ना है उखाड़ लो…"
यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं है सवाल यह है कि क्या हम इतने intolerant हो गए हैं कि छोटी-सी बात पर इस तरह की नफरत और धमकी देना सामान्य हो गया है?