जय श्रीराम!
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामभक्तों की सुविधा हेतु सुगम दर्शन पास व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की है। ऑनलाइन पासों की संख्या 975 से बढ़ाकर 2,000 कर दी गई है। अब श्रद्धालु 15 के बजाय 90 दिन पहले से दर्शन की योजना बना सकेंगे।
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Der Aaye, Durust Aaye.
After Modi-Shah Ji clipping 🪳s wings legally through Judiciary....BJP IT Cell wakes up from it's Delta Sleep & posts a Banger.
नॉर्वे पासून दिल्ली पर्यंत सत्ता उलथण्याचा कट कसा शिजला....? 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻
१. सुरुवात होते पत्रकार हेली हिच्या हेल काढून ओरडत मोदींना भारताच्या लोकशाहीवर प्रश्न विचारण्याने
२. दुसरी आहे सुप्रिया शर्मा जी या हेली सोबत इतर भारतीय���ंना जोडून देण्याचे काम करते. (दोघींचा फोटो)
३. हिची संस्था स्क्रोल जिला सोरोस कडून फंडिंग होत असल्याचे पुरावे समोर आलेत.
४. सुप्रिया शर्मा आणि हेली यांनी नॉर्वे मधील ओस्लो फ्रीडम फोरम मध्ये प्रेझेंटेशन दिले.
५. ओस्लो फ्रीडम फोरम चे घोषवाक्य आहे "हुकूमशाही उध्वस्त करूया" या फोरम मध्ये जगभरातील पन्नासेक देशातील लोक सामील होतात ज्यांना सत्ता बदल करायचा आहे.
६. यांनी भारतात कशी हुकूमशाही सुरु आहे याचे प्रेझेंटेशन देतांना अतिशय धादांत खोट्या बतावणीचा आधार घेतला.
७. नुपूर शर्मा यांच्याविषयी फतवा जारी करण्यासाठी कारण ठरलेला मोहम्मद झुबेर ला चार वर्षांपूर्वी झालेली अटक घटनेत त्याला व्हिक्टीम दाखवून भारतात कशी हुकूमशाही आहे हे चित्र निर्म���ण करण्याचा प्रयत्न केला गेला.८. दुसरा सिद्दीकी कप्पन जो १९ वर्षीय दलित मुलीच्या गॅंग रेप मधील आरोपी आहे त्याला देखील व्हिक्टिम दाखवण्यात आले. (दोघांचा फोटो)
९. शार्जील इमाम आणि उमर खालिद यांना हिरो बनवून त्यांच्या स्टोरीज इथे सांगण्यात आल्या.
१०. ताहीर हुसेन जो कि IB अधिकारी अंकित शर्माच्या ��िघ्रुण खुनाचा आरोपी आहे त्याचे देखिल महिमामंडण केले. (या सर्वांचे प्रेझेंटेशनमधील फोटो)
११. अशा हुकूमशाही सत्ता कशा उलथवून टाकायच्या यासाठी ट्रेनिंग देणारा पोपोविक या ओस्लो फ्रीडम फोरम चा मुख्य आयोजकांपैकी एक.
१२. या फोरम मध्ये त्याने ट्रेनरच्या भूमिकेतून सत्ता बदलासाठी संगीत, नाच, व्यंगचित्रे आणि मिम्स चा कसा वापर करायचा याचे ट्रेनिंग दिले.
१३. जंतरमंतर वर झालेल्या आधीच्या आंदोलन���चे प्रमुख चेहरे त्यावेळी नॉर्वेमध्ये या प्रशिक्षणाला हजर होते.(फोटोत सर्व आहेत)
१४. या आंदोलनात आपण दिलेले ट्रेनिंग किती छान यशस्वी झाले याबद्दल पोपोविक याचे नंतर दिपके च्या फोटोसह एक ट्विट देखील आले. (फोटोत दिसतेय)
१५. पोपोवईकंची ही कंपनी कॅनवास जगभरातील व्यावसायिक आंदोलकांना ट्रेनिंग देण्यासाठी स्थापन झालेली आहे.
१६. या सत्ताबदलाच्या प्रशिक्षणासाठी कॅनवास या कंपनीला अमेरिकेच्���ा USAID कडून निधी दिला जातो.
एका द���वसात एक CJP सारखी उपहासात्मक व्यंगात्मक नाव असलेली पार्टी तिचे पेज तयार होते त्याला करोडो फॉलोवर्स मिळतात आणि तिचा संस्थापक अमेरिकेतून भारतात रातोरात एंट्री करतो, देशविदेशातून त्याला पाठिंबा मिळतो, नेते अभिनेते त्याच्या मंचावर येतात. लाखो लोकांच्या जेवणाची महिनोंमहिने सोया लागते हे सर्व योयायोग नसून एका नियोजनबद्ध कटाचा भाग आहे हे इथे सिद्ध होते. अशी आहे chronology 😡😡 उत्कृष्ट लेख
नरेंद्र मोदी के सत्ता परिवर्तन के लिए विदेशों से फंडिंग आ रही है !
कई लोग ये पढ़कर चौंक गए होंगे ओर कई लोग इस बात का विरोध भी करेंगे कि ये भाजपा द्वारा देश मैं भ्रम फैलाने ओर मुद्दों को भटकाने के लिए कहा जा रहा है,
लेकिन आज इस बात की सच्चाई दिख जाएगी कि देश मैं अमेरिका द्वारा ओर अन्य देशों के द्वारा सत्ता परिवर्तन करवाने के लिए बड़ी साजिश के तहत पैसा भेजा जा रहा है,
पहली तस्वीर मैं प्रशांत भूषण ��िसने कहा था कि हम देश मैं REGIME CHANGE करना चाहते है उनके पास माइक पकड़े नजर आ रही महिला का नाम है अंजली भारद्वाज अब आप कहेंगे कि इस महिला का इस बात का क्या मतलब है ,
तो बता देना चाहता हु कि यह महिला अधिकतर भारत विरोधी आंदोलनों मैं ओर खासकर नरेंद्र मोदी के खिलाफ जितने भी मुद्दे होते है उनमें मोदी विरोधियों के पक्ष में खड़े नजर आ ती है कुछ समय पहले जब कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर मंतर पर अनशन हुआ था तब भी इ�� महिला ने उसमें सहभागिता की थी,
इस महिला को कुछ समय पहले अमेरिका दूतावास के द्वारा सम्मानित किया था और यह अधिकतर अमरीकी दूतावास के सम्पर्क में रहती है ओर उनके खास समर्थकों मैं शामिल है,
कई मीडिया हाउस के द्वारा यह साबित किया गया है कि अंजली भारद्वाज के द्वारा ही देश मैं पैसे का लेनदेन किया जा रहा है,
क्योंकि इस पैसों को भेजने का सबसे बड़ा कारण FCRA बिल है जो कि आने वाले दिनों मैं देश मैं पास होने ��ाला है ओर अ��र वो बिल पास हो गया तो दुनिया के कई देशों मैं भूचाल आ जायेगा क्योंकि अमेरिका जैसे देश जो दुनिया के अधिकतर देशों मैं डीप स्टेट के द्वारा सत्ता परिवर्तन इसी फंडिंग के दम पर करवा पता है जिसका सीधा सा उदाहरण बांग्लादेश ओर नेपाल है,
ओर अमेरिका जैसा देश दुनिया के अधिकतर देशों मैं इसी पैसे के दम पर लोगों का कन्वर्जन का खेल भी खेलता है इसी कड़ी मैं कुछ समय पहले भारत मैं अमेरिका के राजदूत कुछ समय पहले ��ोलकाता के मदर टेरेसा फाउंडेशन पहुंचे थे और उन्होंने तब भारत में FCRA बिल का विरोध किया था,
आज देश मैं जितने आंदोलन ओर धरने हो रहे है उनका चुनाव आयोग, ज्ञानेश कुमार या फिर पेपर लीक से कभी संबंध था ही उनका असल मुद्दा FCRA बिल है जिसके लागू होते ही जो विदेशी फंडिंग भारत में भेजी जाती है उस पर रोक लग जाएगी ओर वो जांच के दायरे मैं आ जाएगा इसी लिए देश की मोदी सरकार को सत्ता से हटाने की साजिश रची गई है,
आज देश मैं हर वर्ग को इस साजिश को अंजाम देने के लिए दिहाड़ी ��हुंच चुकी है फिर वो चाहे राजनेता हो,कोई वकील हो,कोई बॉलीवुड का अभिनेता हो,कोई छात्र संगठन हो या फिर कोई आंदोलनजीवी सभी अपनी दिहाड़ी के मुताबिक पुर जोर कोशिश कर रहे है कि देश की सरकार हिल जाए जिसके लिए ये अराजकता का सहारा ले रहे है,
लेकिन ये लोग यह बात भूल गए है कि देश में राष्ट्रवादी सरकार है जिसे चाहे कितनी भी कोशिश कर ले ये हिला नहीं पाएंगे उसी का नतीजा है कि अब सबका धीरे धीरे इलाज होना शुरू ह�� चुका है,
और यह बात बिलकुल सही है कि भारत में विदेशी फंड आ रहा है 🙏🏻
CJP की विदेशी साजिश
कॉकरोच जनता पार्टी EXPOSED 🔥
सुधीर चौधरी ने खोली भारत को अस्थिर करने वाली विदेशी साजिश की पोल!
कल तक जो खुद को क्रांतिकारी बताते थे, आज उनका असली चेहरा देश के सामने है!😳
ब्रेकिंग खुलासा:
CJP यानी Cockroach Janta Party के नेता अभिजीत दीपके और सौरभ दास अमेरिका में बैठकर भारत के खिलाफ OPERATION चला रहे थे!
जांच में सनसनीखेज खुलासा -
- इनके बैंक खातों में USAID, NED, Open Society Foundation से करोड़ों की अंधाधुंध फंडिंग
- सीधा कनेक्शन CIA नेटवर्क और यूरोप के संदिग्ध थिंक टैंक्स से
- वाशिंगटन और लंदन के बैंकों से घुमा-फिराकर पैसा CJP के खातों में
- फर्जी शैल कंपनियां बनाकर डोनेशन के नाम पर देशद्रोह
इनका मकसद चुनाव लड़ना नहीं था, इनका मकसद था -
- सरकार के खिलाफ फर्जी माहौल बनाना
- सोशल मीडिया पर टूलकिट से युवाओं को भड़काना
- प्रोटेस्ट साइट पर कैश और रसद पहुंचाना
- भारत के संवेदनशील डेटा को विदेशी आकाओं को बेचना
देश में अराजकता का माहौल तैयार करना।।
गृ�� मंत्रालय ने इनके सारे अकाउंट FREEZE कर दिए हैं। IP Address, Crypto Wallets, Dark Web सर्वर - सब कुछ ट्रैक हो चुका है।
अमित शाह ने साफ कहा है - ये आर्थिक अपराध नहीं, ये देश की संप्रभुता पर हमला है!
जो लोग लोकतंत्र की रक्षा की आड़ में रैली निकाल रहे थे, उन्हें हर रैली के लिए प्रति व्यक्ति के हिसाब से विदेशी NGO से पैसा मिल रहा था!
अब CJP भंग, और इनके* *Sleeper Cell की पहचान शुरू!
सरकार का गुप्त मिशन सफल रहा। भारत की नीति और नियति का फैसला ���िर्फ नई दिल्ली में होगा, अमेरिका या यूरोप में नहीं!
देशवासियों, सावधान रहो! ऐसे चेहरों को पहचानो जो मानवाधिकार की आड़ में भारत को खोखला कर रहे हैं।
विदेशी फंडिंग का हुआ पर्दाफाश, CJP नेताओं की विदेशी साजिश बेनकाब!
अमेरिका में बैठकर अभिजीत दीपके भारत के गृहमंत्री को चुनौती दे रहा था, आज पता ��ला उसके पीछे CIA, USAID और यूरोप के थिंक टैंक का पैसा था।
अमित शाह ने पूरा नेटवर्क ध्वस्त कर दिया - अकाउंट FREEZE, CJP भंग!
जंतर मंतर पर चल रहा ये प्रोटेस्ट नहीं, भारत को तोड़ने का ऑपरेशन था।
जागो भारत!👀
भारत माता की जय🇮🇳🇮🇳!
कुछ वर्ष पहले की बात है
*दशहरा बीत चुका था, दीपावली समीप थी, तभी एक दिन कुछ युवक-युवतियों की NGO टाइप टोली एक कॉलेज में आई!*
*उन्होंने छात्रों से कुछ प्रश्न पूछे; किन्तु एक प्रश्न पर कॉलेज में सन्नाटा छा गया!*
*उन्होंने पूछा, "जब दीपावली भगवान राम के १४ वर्षो के वनवास से अयोध्या लौटने के उतसाह में मनाई जाती है,
तो दीपावली पर "लक्ष्मी पूजन" क्यों होता है ? श्री राम की पूजा क्यों नही?"*
*प्रश्न पर सन्नाटा छा गया, किसी को कुछ नहीं पता! तब, सन्नाटा चीरते हुए, एक हाथ, प्रश्न का उत्तर दे��े हेतु ऊपर उठा....1/6 👇
"ज्या रशियन तेलावरून एवढा थयथयाट केला... शेवटी अमेरिकेलाच सरेन्डर व्हावं लागलं!"
गेल्या दीड-दोन वर्षांपासून अमेरिकेकडून 'टॅरिफ, टॅरिफ आणि निर्बंध'चा प्रचंड गाजावाजा केला गेला. भारतावर भरमसाठ आयात शुल्क लादण्याच्या धमक्या दिल्या गेल्या... पण केंद्र सरकारने कोणतीही गडबड न करता, अतिशय संयमाने आणि शांतपणे आपले काम सुरू ठेवले!
इकडे आपल्याच देशातील विरोधकांनी मात्र जोरदार गदारोळ घातला...नरेंदर... सरेन्डर चे नारे लावले, सोशल मीडियावर मीम्सचा पूर आला आणि 'उद्योग बंद पडतील, लाखो नोकऱ्या जातील' म्हणून जनतेला भिती दाखवली गेली.
पण केंद्र सरकारने आरडाओरड न करता थेट आपल्या 'कामातून' उत्तर दिले:
��� भारताने आपल्या निर्यातीची दिशा बदलली (Export Divert केले).
👉 अमेरिकेकडे जाणारा माल युरोप, आफ्रिका, दक्षिण अमेरिका आणि मध्यपूर्वेत (Middle East) पाठवायला सुरुवात केली.
👉 अनेक देशांशी नवे व्यापार करार केले आणि युरोपियन युनियनसोबत (EU) जगातील सर्वात मोठी ट्रेड डील केली.
निकाल काय लागला? भारतात एकाही उद्योगाचे नुकसान झाले नाही आणि नोकऱ्याही सुरक्षित राहिल्या.
दुसरीकडे अमेरिकेची काय अवस्था झाली?
ट्रम्प ���्रशासनाने रशियाकडून तेल घेणाऱ्यांवर दबाव आणण्यासाठी आणि भारतावर टॅरिफ लावण्यासाठी चक्क 'रशिया-इराण सॅंक्शन कायदा' (Lindsey Graham Act) बनवून कायदाच तयार केला.
पण गंमत बघा... हा कायदा आणि निर्बंध कागदावरच राहिले! जागतिक बाजारात तेलाचे भाव नियंत्रणात ठेवण्यासाठी आणि स्वतःच्या देशातील डि��ेलची गरज भागवण्यासाठी अमेरिकेला शेवटी रशियाकडूनच डिझेल पुरवठ्याचा मार्ग शोधावा लागला!
आणि आता ट्रम्प यांनी स्वतः मोठी अधिकृत घोषणा केली आहे:
"रशियन तेल आणि गॅस खरेदी करणाऱ्या भारतासह ५ प्रमुख देशांवर कोणतेही टॅरिफ लावले जाणार नाही!"
ट्रम्प तात्या खर तर तुझ्या या पोकळ धमक्यांना ना आम्ही तेव्हा घाबरलो होतो ना इथून पुढे देखील घाबरणार होतो, भारतावर बंदी घालण्याची ताकद आधीही कोणात नव्��ती आणि आज तर तुमचा हा 'टॅरिफ आणि निर्बंधांचा' फुगा पार फुटला आहे.
आधी भारत दररोज १ दशलक्ष (१० लाख) बॅरल रशियन तेल घ्यायचा... तुमच्या या टॅरिफच्या नाटकानंतर भारताने तेच प्रमाण वाढवून २ ते २.५ दशलक्ष (२० ते २५ लाख) बॅरल प्रति दिन केले, आणि कमाल म्हणजे, हेच रशियन कच्चे तेल आपल्या रिफायनरीत शुद्ध करून भारताने युरोपला आणि स्वतः अमेरिकेलाही विकले.
बाकी जे इथे बसून "नरेंदर - सरेन्डर" चा गळा काढत होते...
त्यांनी आता डोळे उघडून बघावे की, खरे सरेन्डर कुणाचे झाले आहे! 🇮🇳💪
दवा माफिया के खिलाफ हमारी मुहिम का पार्ट-2
दवा तो अनाप शनाप दाम पर खरीद ही रहे हैं आप, ऊपर से असली दवा की भी कोई गैरेंटी नहीं।
जानवरों के लिवर की दवा को बच्चों के लिवर की दवा के बॉटल में भरकर बेचने वाले पकड़ाए हैं।
सुप्रीम कोर्ट तक कह रहा कि कैंसर की दवा के MRP पर कैपिंग हो सकती है तो बाकी दवाओं पर क्यों नहीं?
पाचशे वर्षांपासून ज्याची अनेक पिढ्या वाट पाहून देवाघरी गेल्या..
त्या प्रत्यक्ष अयोध्येतील राम मंदिराचे काल दर्शन घेतले..
एकदम अद्भुत...अप्रतिम..
अतिशय भव्य...जे आपल्याला फोटोत जाणवणार नाही..इतके विशाल..
अतिशय सुंदर कलाकुसर..अतिशय स्वच्छ..
पण..तेवढीच मोठी सुरक्षा..त्यामुळे मोबाईल घड्याळे प्रतिबंधित...आतील फोटो निघणे अशक्य....
कसला तो देणगी घोटाळा आणि काय?
तिथे कुणालाही त्याचे पडलेले नाही...
ज्यांच्यावर विश्वास ठेवला असे कर्मचारी काही करतात मग मंदिराला दोष का असा आविर्भाव...
एकच घोषणा असते...जय श्रीराम!!!
कॉकरोचों की भीड़ में से प्रधान मंत्री को तेरहवीं करने वाली निशु आजाद को तो कई बार देखा होगा |
लो अब राष्ट्रवादी विचारों का खुल कर प्रचार करने वाली राष्ट्रवादी हिंदू लड़कियों को भी देख लो | 🔥
२००१ में मोदी को वाजपेयी सरकार द्वारा गुजरात का मुख्यमंत्री मनोनीत किया जाता है। २००२ में वे विधायक बनने के लिए राजकोट द्वितीय सीट से उपचुनाव लड़ते हैं और महज १४००० वोटों से ���ीतते हैं।
यह अप्रत्याशित था क्योंकि गुजरात भाजपा का गढ़ था और वहाँ मोदी से मुख्यमंत्री के रूप में बड़ी जीत क��� आशा थी।
मोदी समझ गए थे कि इलेक्टोरल पॉलिटिक्स में जो अपना दिखता है, वह भी अपना होता नहीं है। साफ तौर पर भितरघात हुआ था।
फिर गोधरा कांड हुआ और दंगे हुए। लेकिन यह दन्गा देश के पूर्व दंगों से अलग इसलिए था क्योंकि इस बार हिंदू भारी पड़े थे।
इसका सीधा लाभ मोदी को मिला और फिर 2002 के ही आम विधानसभा चुनाव में भाजपा दो तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में लौटी। मोदी इस बार मणिनगर से लड़े और ७५ हजार से अधिक वोटों से जीते।
२००४ में देश में कांग्रेस गठबंधन की केंद्र में वापसी होती है। दंगों और फिर विधान सभा चुनावों के बाद मोदी कांग्रेस की नजर में चढ़े हुए थे। उनके खिलाफ कांग्रेस ने सारे हथकंडे अपनाये। केंद्रीय एजेंसियों ने दिन-दिन भर पूछताछ की । बंदे ने कभी उफ तक नहीं किया। लोकतंत्र की हत्या जैसा कोई बयान भी क���ी नहीं दिया। यहाँ तक कि कांग्रेस की कृपा से उनको अमेरिका ने अपने यहाँ बैन तक कर दिया।
दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद मोदी ने गुजरात को अद्भुत तरक्की के रास्ते पर डाल दिया।
कांग्रेस चिल्लाती रह गई, एजेंसियों का भरपूर दुरूपयोग करती रह गयी, लेकिन मोदी २००७ और २०१२ में कांग्रेस की छाती पर चढ़कर उसी प्रचंड जनादेश के साथ जीते।
फिर आई केंद्र की बारी। न्यूज चैनल्स पर रोज उन्हें दंगाई, हत्यारा, ���ांप्रदायिक घोषित किया जाता रहा लेकिन २०१४ में जो हुआ वह इतिहास था, वैसा होने की किसी को उम्मीद भी नहीं थी।
भाजपा को पूर्ण बहुमत। भाजपा से अधिक मोदी के लिए जनादेश।
1984 के बाद पहली बार किसी दल को पूर्ण बहुमत मिला था।
अब तो मोदी के हाथ में बहुत कुछ है लेकिन जब सबकुछ कांग्रेस के हाथ में था तब भी वह इस आदमी का कुछ नहीं उखाड़ पायी।
आखिर कांग्रेस के शासन काल में भी प्रचंड बहुमत से तीन- तीन चुनाव जीतने वाले मोदी ने तब कैसे वोट चोरी कर ली थी?
मोदी स��� ugc और sc/st act को लेकर मेरी भी नाराजगी है, लेकिन इस मुद्दे पर जब सारे दल एक ही थाली के बैंगन हैं तो मोदी से नाराजगी तो व्यक्त कर सकते हैं लेकिन छोड़कर कांग्रेस के पास नहीं जा सकते।
मोदी को वोट देने के अब भी कई कारण मिल जायेंगे लेकिन वर्तमान कांग्रेस को पसंद करने का मेरे पास कोई कारण नहीं।
मुझे कांग्रेस और उसके वर्तमान नेतृत्व से हद दर्जे की घृणा है।
1960 में पाकिस्तान का आर्मी चीफ जनरल मोहम्मद मूसा खान को नेहरू ने भारत की यात्रा पर बुलाया था
इतना ही नहीं नेहरू ने जनरल मोहम्मद मूसा खान को रिसीव करने के लिए एयरपोर्ट पर भारतीय सेना के तीनों चीफ को भेजा था
उसे एयरपोर्ट पर सेना के तीन अंगों ने गार्ड ऑफ ऑ���र दिया
पूरे दुनिया में पाकिस्तान के सेना प्रमुख का इतना भव्य स्वागत कहीं नहीं हुआ था जितना भव्य स्वागत नेहरू ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल मोहम्मद मूसा खान का किया था
अगर कुछ मुर्ख इसे जनरल परवेज मुशर्रफ की वाजपेई सरकार के दौरान भारत यात्रा से जोड़ेंगे तो उन मूर्खों को बता दूं कि जनरल परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के सेना प्रमुख के साथ-साथ पाकिस्तान का राष्ट्रपति भी था यानी एक राष्ट्र प्रमुख था
लेकिन जनरल मोहम्मद मूसा खान पाकिस्तान का राष्ट्र प्रमुख नहीं था फिर भी उसे जो प्रोटोकॉल दिया गया था उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया क्योंकि सिर्फ एक दशक पहले कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान एक बड़ा युद्ध कर चुके थे
74 रुपए की दवा 4981 रुपए में बिक रही
56 रुपए का इंजेक्शन 3 हजार से ज़्यादा में मिल रहा
210 रुपए का एंटीबायोटिक 9702रुपए का
ये रिपोर्ट देखकर दंग रह जाएँगे।
लंबी लिस्ट है कि कैसे दवा के नाम पर आम आदमी को भयंकर लूटा जा रहा है।
PM @narendramodi जी कुछ कीजिए। इस डकैत�� को रोकिए
मोदी जी ने सालों पहले बता दिया था - ये दिन आएगा
और आप सुन लीजिए, अगर मोदी के खिलाफ जोर से कोई आवाज आई है तो समझ लेना कि मोदी ने कहीं चाबी टाइट की है। आवाज जितनी जोर से आए तो समझ लेना कि दाल में कुछ काला है, कभी-कभी तो पूरी दाल ही काली नजर आती है।
आज वही हो रहा है।
अचानक से चारों तरफ से शोर क्यों आने लगा? अचानक से CJP क्यों लॉन्च हो गई? अचानक से सुप्रीम कोर्ट के बाहर भीड़ क्यों? अचानक से Gen-Z प्रोटेस्ट, NGO का रोना, मीडिया का विधवा विलाप क्यों?
क्योंकि चाबी टाइट हुई है। और दो जगह से टाइट हुई है।
पहली चाबी - FCRA
��िस बिल ने इन NGO की नकेल कस दी। बाहर से पैसा आता था, बेइंतहा आता था। किसको जाता था, कहां लगता था, कोई हिसाब नहीं। उसी पैसे से किताबें बनती थीं, नैरेटिव बनता था, "लव जिहाद एक मिथक है" जैसी किताबें छपती थीं, स्क्रॉल जैसे पोर्टल चलते थे।
मोदी ने कहा - हिसाब दो। लाइसेंस दिखाओ। पैसा कहां से आया, कहां लगाया?
बस। दुकान बंद। और दुकान बंद तो शोर शुरू।
दूसरी चाबी - ट्रेड डील
अमेरिका और यूरोप को लगा भारत दबेग��, ट्रेड डील में जो बोलेंगे मान लेगा। किसान का बाजार खोल देगा, अपना डेटा दे देगा।
मोदी ने मना कर दिया। कहा - भारत के हित से समझौता नहीं।
बस। वही हाथ, वही पैसा, जो ट्रेड में मनमानी नहीं कर पाया, वही अब सड़क पर अराजकता करा रहा है। उसी के पैसे से ये पूरी भीड़ मैनेज हो रही है। उसी के इकोसिस्टम से ये सारे चेहरे निकाले जा रहे हैं।
तो ये जो तुम जंत��-मंतर पर देख रहे हो, ये कोई जन आंदोलन नहीं है। ये चाबी टाइट होने का शोर है।
और मोदी जी ने पहले ही कहा था - शोर जितना तेज, समझो दाल उतनी ही काली।
देश के गद्दारों से सावधान।
अमेरिकी उप विदेश मंत्री • दिल्ली में:
“हम भारत के साथ वे गलतियाँ नहीं करेंगे जो हमने चीन के साथ की थीं।” इसका मतलब? चीन की तरह बढ़ने के लिए कोई जगह नहीं।
भारत पर क्या प्रहार कर रहा है... कदम दर कदम।
स्टेप 1
अर्थव्यवस्था को निचोड़ें। नया अमेरिकी कानून •
सितंबर 2026 में हस्ताक्षरित: 18 अक्टूबर के बाद रूसी तेल खरीदना जारी रखें... और भारत को 100% तक के टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है।
पिछली बार:
50% टैरिफ से भारतीय निर्यात के $48 बिलियन प्रभावित हुए थे। तिरुपुर में टेक्सटाइल (कपड़ा)। सूरत में हीरे। विजाग में झींगा (श्रिंप)।
और उसी सप्ताह?
ट्रम्प ट्रूथ सोशल पर •
9 अक्टूबर 2026: रूस “अमेरिकी और वैश्विक बाजार” को डीजल की आपूर्ति करेगा। ��्रम्प ने रूसी डीजल की घोषणा की, अमेरिका के लिए पाखंड।
स्टेप 2:
लोगों को अपने ही चुनावों पर संदेह करवाएं। “वोट चोरी” चुनाव आयुक्त को हटाएं। अब बैलेट पेपर पर वापस जाएं।
माँगें: इंडिया गठबंधन का सीजेआई को ज्ञापन • अक्टूबर 2026।
+ यह खत्म नहीं हुआ है।
Step 3
गुस्से को एक यूथ ब्रांड दें।
बांग्लादेश • 2024: “छात्र”, सरकार गिरी।
नेपाल • 2025: “जेन ज़ी”, संसद जलाई गई।
और भारत में:
देश के गद्दार कहते ह��ं जेन ज़ी संविधान बचाएगा।
स्टेप 4
राजधानी को ठप करें।
दिल्ली • 10 अक्टूबर 2026।
कनाट प्लेस, खान मार्केट, चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट (सभी बंद)। त्योहारी सीजन में एक ही दिन में ₹2,000 करोड़ का नुकसान।
30,000 पुलिस • हजारों हिरासत में।
स्टेप 5
एक विदेशी अरबपति क��� अपने पीएम का मज़ाक उड़ाने दें। (एलन मस्क @elonmusk • 9 अक्टूबर 2026: प्रिय प्रधानमंत्री अंबानी,)।
मैं यह नहीं कह रहा हूँ कि इसके पीछे कौन है। मैं आपको प्लेबुक दिखा रहा हूँ... और इस हफ्ते, जो देश खुद से लड़ने में व्यस्त है... वह खुद के लिए नहीं लड़ सकता।
आपस की कड़ियों को जोड़ें। सब समझ में आ जाएगा।