@AmritVichar बिना साक्ष्य के कोई न्यूज़ मत छापा करे आप
और लेखन शैली पर थोड़ा ध्यान दे
पत्रकारिता से ही आप
मौज़ शब्द का इस्तेमाल बहुत गलत है
कोई सकारात्मक न्यूज़ भी छाप दिया
करो गुरुजी के लिए
या बस यही रह गया
इस देश की मिट्टी में हमारा खून और पसीना दोनों मिला हुआ है। सिर्फ़ ट्विटर पर बैठ हमें गाली देने वालों को हमारा संदेश है - मेडलिस्ट पेड़ पर नहीं उगते!
जय हिन्द 🇮🇳
इस देश की मिट्टी में हमारा खून और ���सीना दोनों मिला हुआ है। सिर्फ़ ट्विटर पर बैठ हमें गाली देने वालों को हमारा संदेश है - मेडलिस्ट पेड़ पर नहीं उगते!
जय हिन्द 🇮🇳
आज देश में लगातार बढ़ती महंगाई ने 'आपदा' का रुप ले लिया है, जिसने देखते ही देखते लोगों के चेहरे से मुस्कान छीन ली है।
इस महंगाई दानव से लोगों को मुक्त कर, उन्हें एक बेहतर जीवन देना ही हमारा लक्ष्य है।
#महं���ाई_पर_हल्ला_बोल_रैली
पुरानी पेन्शन पर शिक्षकों व कर्मचारियों की एकता व पोस्टल बैलेट मतदान में ज़बरदस्त भागीदारी देखकर इस मुद्दे का उपहास उड़ाने वाले अहंकारियों के होश उड़ गये हैं
आपकी एकता को खण्डित करने के लिये झाँसाराम भेजने शुरू कर दिये हैं।इनसे सावधान रहें।
अपनी एकता बनाये रखें।
#Vote4OldPension
राज्य में बेसिक शिक्षा विभाग को राज्य कर्मचारियों से अलग नहीं माना जाना चाहिए --- बेसिक शिक्षा से जुड़े सभी कर्मचारियों को भी कैशलेस मेडिकल की सुविधा देनी चाहिए----
हिंदू सनातन धर्म के सबसे बड़े त्योहारों में एक #दशहरा जिस पर लाखों शिक्षक #बिना वेतन के भला कैसे उत्साह से मना सकेंगे, माननीय @myogioffice@drdwivedisatish जी से संघ निवेदन करता है कि उक्त आशय में तत्काल कार्यवाही की जाए ताकि हमारा त्यौहार उत्साह पूर्वक मना सके@CMOfficeUP
#हृदयविदारक_घटना
पू0मा0वि0 बरेठीकला,तिन्दवारी, जिला बाँदा में कार्यरत हमारे ब्लॉक की कर्मठ शिक्षिका श्रीमती नूतन गुप्ता जी की कल विद्यालय से वापस आते समय सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई ।
प्रभु महाकाल दिव्यात्मा को सद्गति व शोकाकुल परिवार को साहस प्रदान करें ।
@DrDCSHARMAUPPSS
प्राथमिक शिक्षक भर्ती का यह मुद्दा अब से लगातार हर सोशल नेटवर्क साइट और हर सरकारी कार्यालय जहां से नई शिक्षक भर्ती होने की उम्मीद है वहां पर चलते रहना चाहिए जिससे सरकार पर पूर्ण दबाव बनाया जा सके और बेरोजगार नौजवानों को के लिए 97000 शिक्षक भर्ती की मांग को पूरा करवाया जा सके।
बेसिक में अधिकारी निरीक्षण के बाद न्यूज पेपरों में खबर छपने को देते हैं,कि विद्यालयों पर छापा, कई शिक्षक पकड़े गये। जैसे कि शिक्षक, शिक्षक न होकर कोई अपराधी हो। जबकि बेसिक शिक्षक घर से 30 से 300किमी दूर तक साधनविहीन गाँवों में ड्यूटी करने जाते हैं।