कोलकाता में ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी एक बार फिर मजबूती से खड़े हो रहे हैं...!
आज ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी ने शहीद दिवस मनाया जिसमें हजारों लोगों भाग लिया...!
वहीं ममता बनर्जी ने कहा अब वो कोलकाता से बाहर दिल्ली आकर जंतर मंतर प्रोटेस्ट में शामिल होगी...!
नोट – अभिषेक बनर्जी के भाषण के दौरान भीड़ का जोश देखकर लगा रहा बागी अब वापिस चुनाव नहीं जीत पाएंगे...।
वाराणसी... वही संसदीय क्षेत्र, जहाँ से मोदी जी जीतकर संसद पहुँचे.
आज वहीं के छात्र सड़कों पर हैं और नारा गूंज रहा है इस्तीफ़ा दो!
जब अपने ही गढ़ से सवाल उठने लगें, तो समझिए नाराज़गी गहरी है.
इस्तीफा दो... इस्तीफा दो ✊
कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge और नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi के साथ कांग्रेस सांसदों और नेताओं ने छात्रों पर की गई बर्बरता और जुल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना ही होगा।
📍 दिल्ली
छात्रों को पिटवाना गुंडागर्दी है- ऐसी गुंडागर्दी करने वालों को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं। नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो…
📍 दिल्ली
ये सादी वर्दी में कौन लड़के हैं जो पुलिस की लाठी से छात्रों की पिटाई कर रहे हैं?
देश के नागरिकों को बताना चाहता हूं कि NRC, CAA प्रोटेस्ट के दौरान भी पुलिस ने किराए के गुंडे इस्तेमाल किए थे लेकिन उस वक़्त मुसलमान पिट रहा था इसलिए तालियां बज रही थी, आज उन्हीं गुंडों को इस्तेमाल कर आपको पीटा जा रहा है।
मुझ पर नहीं लेकिन @ravish_journo की उस बात पर यक़ीन ज़रूर कीजिए जिसमें रवीश ने कहा था कि "सब मरेंगे सब मारे जाएंगे, कोई गोली से मरेगा तो कोई धक्का मुक्की से, और कुछ भूख से मारे जाएंगे।"
जब छात्रों पर लाठी चली और टियर गैस के गोले छोड़े गए तो मस्जिद ने अपने दरवाजे खोल दिए और छात्रों को शेल्टर दिया।
मस्जिद से छात्रों के लिए पानी जाता रहा...
आज तक नहीं वो कल भी प्रेस को फेस नहीं कर पाएंगे। वैसे अब चाहें तो रोज़ प्रेस कांफ्रेंस कर सकते हैं क्योंकि गोदी मीडिया क्या ही प्रेस है। गोदी मालिक अपने गोदी संपादकों के साथ आएँगे। बिना पूछे चले जाएंगे। बल्कि हेडलाइन बनाएँगे - आज पीएम ने हमसे कुछ पूछा ही नहीं। देश की चिंता में डूबे रह गए।
मूल बात यह है कि लोकतंत्र के ज्ञानेशमयी खंड में जनता की ज़रूरत भी नहीं रही। वरना कोई सरकार इसे अंह का प्रश्न नहीं बनाती। आ गई होगी किसी IIT से रिसर्च कि गोबर मिलाने के बाद लोगों की कार की टंकी के साथ-साथ दिमाग़ में भी इथेनॉल मिलाने का प्रयोग सफल हो गया है। लोग जितनी दूर तक सोचा करते थे उससे पाँच किलोमीटर पहले सोचना बंद कर दे रहे हैं। उनकी थिंकिंग में मार्जिनल डिक्लाइन है।
कितनी शानदार तरीके से यह छात्रा अपनी बात कह रही हैं। शुभकामनाएँ।
शिक्षा व्यवस्था बचाने की ख़ातिर मध्य प्रदेश से आए एक छात्र को सुनिए और देखिए… मूँगफली के बचे खुचे दाने खाकर जुटा जंतर मंतर पर… जब इस तरह से छात्र जुड़ते हैं तो बात दूर तलक जाती है…