ख़ंजर भी वही था मौत भी वही थी
लेकिन कसूरवार इतना था कि वो भारत का दलित था
ना नौकरी ��िली और ना ही 50 लाख
क्योंकि मारने वाले हिन्दू थें
न कांग्रेस ने ना बीजेपी ने हंगामा किया
क्योंकि वो भारत का दलित था
#Justiceforjitendrameghwal
दान पेटी का ही तो सारा खेल है, जबतक मंदिरों में चढ़ावा चढ़ेगा तबतक पत्थरों में भगवान व मंदिरों में ब्राह्मण रहेगा!!
जिस दिन चढ़ावा बंद हो जायेगा उसी दिन पत्थरों को लात मार मंदिरों को छोड़ भागेगा!!
कर्नाटक सरकार के फैसले के मुताबिक मंदिरों के दानपेटी अब सरकार लेगी पहले मठाधीश लेता था, एक मंदिर के दानपेटी लेने सरकारी कर्मचारी पहुंचे तो उन्��ें पूजारियों के विरोध का सामना करना पड़ा… https://t.co/Res9vRpyjj
चित्रकूट में नदीम अहमद ने एक SC नाबालिग लड़की को क���डनैप कर अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसका गैंगरेप किया। इलाज के दौरान अस्��ताल में बच्ची की मौत हो गई। ये दरिंदें बचने नहीं चाहिए।
SC युवक सुभाष रावत की यह हालत लखनऊ पुलिस ने की है। पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को थाने में ले जाकर उसे निर्ममता से पीटा और लहूलुहान कर दिया। इन्हें कानून का रक्षक कहें या बर्बर लठैत?
BJP दिल की साफ पार्टी है जो उसके मन में है वो उसके काम में झलकता है. BJP आरक्षण से नफरत करती है. OBC SC ST समाज को प्रतिनिधित्व नही देना चाहती. BJP ओबीसी को मोहरा बनाकर सत्ता पाती है और ओबीसी आरक्षण पूरी तरह लागू नही करती. BJP हिंदू राष्ट्र यानी ब्राह्मण राष्ट्र बनाना चाहती है.
श्रमिक जातियों की सबसे बड़ी समस्या यह है वो स्वयं को OBC मानने को तैयार नही हैं. उनकी मानसिकता है ब्राह्मण ठाकुर बनिया से छोटे हुए तो क्या हुआ SC ST जातियों से ऊंचे तो हैं. येही सोच OBC की कई जातियों को ब्राह्मणवाद से लड़ने के बजाय SC ST पर जातीय-भेदभाव और जातीय-हिंसा करते हैं.
1931 के बाद भारत में जाति जनगणना नही हुई. आज़ाद भारत में केवल SC ST समाज की जाति जनगणना की जाति है. अन्य जातियों जैसे ब्राह्मण ठाकुर बनिया जाट मराठा और OBC की जाति जनगणना नही होती. ब्राह्मण जो कि अल्पसंख्यक होते हुए शासक वर्ग है नही चाहता किसी को पता चला वे अल्पसंख्यक वर्ग हैं.
जाति ईरान में थी, जाति सेंट्रल एशिया में थी, जाति यहूदियों में थी. जाति ईरान से होते हुए भारत में दाखिल हुई. ईरान में इस्लाम से पहले जोरास्ट्रियन धर्म ���ा. 3000 हज़ार साल पहले ईरान यानी पर्शिया का समाज तीन वर्ग में विभाजित था - शासक वर्ग, पुजारी वर्ग और आम वर्ग.
अखिलेश भइया होश में आओ ! मनुवादियों को दूर भगाओ ।आपका पाला हुआ मनुवादी कुत्ता कार्तिक पाण्डेय हमारे समाज की आज़ादी पर अंकुश लगाना चाहता है ये कतई बर्दाश्त न होगा। समय रहते यदि आप सुधार नहीं करते तो इनको जूतों से सुधारा जाएगा।
@yadavakhilesh
ख़बर आ रही है कि डीयू के प्रोफ़ेसर @ratanlal72 को उनकी एक फ़ेसबुक पोस्ट पर हुए FIR के आधार पर दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने गिरफ़्तार कर लिया है. यह वंचित शोषित आवाज़ों को डराने व ख़ामोश करने की तानाशाही साज़िश है. हम इसका विरोध करते हुए डॉ. रतन लाल की रिहाई की मांग करते हैं.
सवर्ण अल्पसंख्यक हैं. सवर्ण कई सदी से शासक वर्ग हैं. सवर्ण अपनी सामाजिक राजनैतिक सत्ता के लिए भयभीत रहता है कहीं उसकी सत्ता बहुसंख्यक श्रमिक वर्ग के हाथों में ना चली जाए. इसी कारण वो दो काम करता है. पहला आरक्षण को खत्म करना चाहता है और दूसरा सांप्रदायिक प्रोजेक्ट को चलाता है.
हमें शिवलिंग, मंदिर, मस्जिद या चर्च के ट्रैप में नही फसना चाहिए. ब्राह्मण-बनिया सरकार, न्यूज़ चैनल और उद्योगपति मिलकर सांप्रदायिक जाल बिछा रहे हैं ताकि बुनियादी सवालों से बच सकें. हर नेता के बच्चे लक्ज़री वातानुकूलित इंग्लिश मीडियम म���ं पढ़ते हैं. सभी के लिए एक समान शिक्षा मिले.
हम सब सोशल मीडिया पर केवल हिन्दू धर्म में जातिवाद की भर्त्सना करते है. हमने जो कुछ राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले की गुलामगिरी या डॉ बाबा साहेब आंबेडकर की किताबें में पढ़ा है अगर उसे लिखने लगे तो भूचाल आ जाएगा. हिन्दू धर्म में सुधार के लिए नए सि��े से बहस हो.