मतलब अभी तक पेपर लीक लीगल था?
मान लीजिए पुलिस की पकड़ में यह #NEET_परीक्षा स्कैम नहीं आता। तो क्या होता?
आपको क्या लगता है नया कानून ही इलाज़ हैं।
या ज़रूरत परीक्षा-चयन प्रणाली को पारदर्शी जवाबदेह बनाने की हैं। लाखों छात्रों को RTI में जानकारी नहीं दी जाती हैं। पर्दादारी क्यों?
उसी का शहर वही मुद्दई वही मुंसिफ़
हमें यक़ीं था हमारा क़ुसूर निकलेगा!
व्यापमं घोटाले और उसके बाद हुए नर्सिंगकॉलेज घोटाले के असली आरोपी CBI के सेटिंगबाज अधिकारियों की वज़ह से बचे हुए है। और इस भ्रष्ट व्यवस्था का सबसे बड़ा खामियाज़ा छात्रों और नौकरी चाहने वाले युवाओं ने भुगता है।