अगर जुनून हो तो कोई कुछ भी कर सकता है! इसका आदर्श उदाहरण झारखंड की 7 वर्षीय नि-क��षय मित्र उषासी हंसदक हैं। उषासी अपने से 3 साल छोटे टीबी पीड़ित बच्चे सैन बाखला की निक्षय मित्र बन मदद करने के साथ पढ़ाई में भी उसका मार्गदर्शन कर रही हैं।
सैन बाखला का मनोबल बढ़ाने के लिए उषासी हंसदक ने उसे राखी बांध कर छोटा भाई बनायाI
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