जब अब पता चल ही गया है की मोदी दबाव के आगे जुक जाता है तो हमे भी पीछे नहीं रहना चाहिए और हमे भी अपने हक के लिए लड़ना चाहिए पहला मुद्दा आरक्षण खत्म करो दूसरा मुद्दा sc st एक्ट को हटाओ इन दो मुद्दों के लिए हमे भी प्रदर्शन पे उतरना चाहिए #modi#NEET
📍#DelhiPolice#CJPProtest#संसद_मार्च 🇮🇳
🚨 अगर यह छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन था, तो दिल्ली पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ क्यों हुई? 🤔
पत्थरबाज़ी, हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाकर कोई आंदोलन मज़बूत नहीं होता, बल्कि अपनी विश्वसनीयता खो देता है। ⚖️
जो लोग हर मुद्दे पर लोकतंत्र की बात करते हैं, वे इस हिंसा पर खामोश क्यों हैं? ❓
👮♂️ दिल्ली पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपना कर्तव्य निभा रही है।
🇮🇳 हम दिल्ली पुलिस के साथ खड़े हैं।
विरोध का अधिकार है, हिंसा का नहीं।
#LawAndOrder #IndiaFirst #DelhiPolice
Hello galiwali @SupriyaShrinate ma’am
Hello Sheila Dikshit’s chaprasi @Pawankhera
Hello 10 Janpath doormat @Jairam_Ramesh
Who's this kid SorryMan Raul is seen with during his private foreign trips? Care to explain? He's our LoP, after all.
साथियों, राज्यपाल महोदय स्वयं महाराष्ट्र से आते हैं, हमें इस बात पर कोई आपत्ति नहीं है। अपनी मातृभाषा से प्रेम करना अच्छी बात है, लेकिन महामहिम को यह समझना होगा कि वे महाराष्ट्र के नहीं, बल्कि राजस्थान के राज्यपाल हैं! ऐसा लगता है कि महामहिम को राजस्थान की भाषा और यहाँ की संस्कृति समझ नहीं आ रही, इसीलिए उन्होंने सोचा कि चलो राजस्थान पर मेरी खुद की भाषा ही लागू कर देता हूँ! राजस्थानी भाषा को दरकिनार करके, उसे नीचे रखकर, मराठी भाषा को प्राथमिकता देना राजस्थान के करोड़ों युवाओं और छात्र शक्ति के स्वाभिमान पर सीधा प्रहार है!हम इस मंच से साफ कर देना चाहते हैं कि हम किसी भी भाषा का अपमान या अनादर नहीं करते। भारत की सभी भाषाएं हमारे लिए पूजनीय हैं, और राजस्थान का दिल इतना बड़ा है कि यहाँ हर भाषा के लिए हमेशा द्वार खुले हैं। लेकिन हमारा विरोध इस पक्षपातपूर्ण रवैये से है!एक तरफ सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि स्कूलों में राजस्थानी भाषा अनिवार्य करो, प्रदेश का युवा सालों से मांग कर रहा है कि हर यूनिवर्सिटी में राजस्थानी विभाग खोलो—तब तो सरकार और राजभवन की फाइलें आगे नहीं बढ़तीं! और जैसे ही महाराष्ट्र सरकार से प्रस्ताव आता है, राज्यपाल जी तुरंत सक्रिय हो जाते हैं और उसे सब जगह लागू करने का आदेश दे देते हैं! क्या राजस्थान की यूनिवर्सिटीज राजस्थान के युवाओं के लिए हैं या अपनी पसंद की भाषाएं थोपने के लिए?आज इस पुतला दहन के माध्यम से हम राजभवन तक यह साफ संदेश पहुँचाना चाहते हैं: 'पहले मायड़ भाषा का सम्मान करो, फिर किसी और भाषा की बात करो!' हमारी मांग सीधी है—अगर मराठी के केंद्र खुलेंगे, तो उससे पहले राजस्थान की हर एक यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा का पूर्ण विभाग अनिवार्य रूप से खुलना चाहिए! अगर हमारी भाषा को उसका हक नहीं मिला, तो यह छात्र आंदोलन थमेगा नहीं, बल्कि और उग्र होगा!राजस्थानी भाषा को उसका हक दो!छात्र शक्ति ज़िंदाबाद! इंकलाब ज़िंदाबाद!"
#RajasthanUniversity
#ShubhamRewarRU
आरक्षण व्यवस्था पर एक गरीब सामान्य वर्ग (GC) के ऑटो-रिक्शा चालक पिता के भावुक सवाल
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"आख़िर आरक्षण व्यवस्था के कारण कितने बच्चों को अपने सपनों की कुर्बानी देनी पड़ेगी?"
पिता बोल रहा है कही एडमिशन नहीं हो पा रहा है
आज इस आवाज में दर्द है...
राजवीर सिंह चलकोई को हम सुनते रहे हैं। उनकी बोली में हमेशा एक खनक रहती है अल्हड़पन झलकता है। मैंने इस पूरे वीडियो में देखा कि वो बात कहीं भी नहीं है। क्यों?
क्योंकि हमारे आत्मसम्मान पर चोट ही हुई है
राज्यपाल महोदय ने एक आदेश जारी कर राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों में मराठी के केंद्र खोलने के लिए कह दिया है। दूसरी तरफ वर्षों से राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए संघर्ष कर रहे लोग अभी तक राजस्थान के विश्वविद्यालयों में राजस्थानी के केंद्र नहीं खुलवा पाए हैं। स्कूलों में राजस्थानी की पढ़ाई शुरू नहीं करवा पाए हैं। राजस्थान की राजभाषा नहीं बनवा पाए हैं। पीड़ा तो है। सच्ची है। झलकेगी ही। छलकेगी ही।
राजस्थान वालों के चेहरे पर ऐसा जोरदार झापड़ मारा गया है, जिसका अहसास तो हुआ है लेकिन आत्म गौरव खो चुके लोग यह तय नहीं कर पा रहे कि रिएक्ट क्या करना है और कैसे करना है। इस पीड़ा को सभी सुनें और और सोचें कि हम अभागे लोग कहां खड़े हैं?
वीडियो साभार @republic
अहमदाबाद पुलिस से निवेदन है कि ट्रैफिक पुलिस की बाइक उठाने वाली टीम की कार्यशैली की जांच करें। एक तो वाहन ओवरलोड भरते हैं और ऊपर से आम नागरिकों के साथ अभद्र व्यवहार हो रहा है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। कानून के साथ-साथ जनता का सम्मान भी जरूरी है।
पति पर दहेज़ उत्पीड़न
और घरेलू हिंसा का केस...
साथ ही 30 हज़ार रु महीने की वसूली...
और उस पैसे से होटल में अय्यासी चल रही...
मामला आगरा का, जहाँ अफेयर के चलते, लड़की ने पति पर दहेज़ और हिंसा का मुकदमा डाल उससे अलग हो गयी..
और हर महीने पति से खर्च के तौर पर 30000 वसूलने लगी...
है ना गज़ब मेरे देश का कानून और संविधान✍️
इस जिहादी का नाम मुहम्मद साहिल है बस में जिस सीट पर लड़कियां बैठी थीं वहां खड़ा होकर अपनी पैंट जी जिप खोलकर अपना अंग लड़कियों को दिखाने लगा लड़कियों ने जब विरोध किया तब भागा वहां से।
जब तक ये सड़ी हुई आसमानी किताब मदरसे में पढ़ते रहेंगे तब तक ये जिहादी यही कुकृत्य करते रहेंगे..
ब्रिगेडियर प्रताप सही कह रहे थे करना है तो इनकी कौम का सफाया करो दीमक हैं ये साले 😡
आयरलैंड में आयरिश लोगों ने एक चौराहे पर बनी मस्जिद की प्रतिकृति को आग के हवाले कर दिया
और उस पर लिखा कि अब आयरलैंड में इस्लाम नहीं रहेगा आयरलैंड आइरिश लोगों का है
अब क्या RSS की शाखा आयरलैंड में भी लगती है ??
सभी वामपंथी और जिहादी मीडिया जैसे डॉयचे वेले बीबीसी उर्दू अल जजीरा इस पर चुप है
अगर ऐसी कोई घटना भारत में होती तो सोचिए अब तक यह जिहादी मीडिया कितना हंगामा मचा देती
FSSAI आपका धन्यवाद!
इतनी शुद्धता बनाए रखी है भाई ने। इसमें प्रोटीन, मिनरल्स, विटामिन सबकुछ मिलाया जा रहा है ताकि आप खाकर इतना बीमार पड़े कि आपको हॉस्पिटल तक जाने की स्थिति में ही नहीं रहो!