प्रदेश के निजी व सरकारी स्कूलों में पिछले साल की तुलना में इस साल पहली से बारहवीं तक क़रीब साढ़े आठ लाख विद्यार्थियों का नामांकन कम होना अत्यंत चिंता का विषय है।
प्रदेश में पहली से बारहवीं तक पिछले साल वर्ष 2025-26 में 14,231,833 का नामांकन हुआ था। इस वर्ष 2026-27 में 13 अक्टूबर की स्थिति में यह नामांकन 13,365,225 है। पिछले साल की तुलना में यह अंतर 866,608 यानी 6 फीसदी कम है।
राजधानी भोपाल के ही स्कूलों में 20 हजार से ज्यादा छात्रों का नामांकन कम है। सबसे ज्यादा ख़राब स्थिति मऊगंज, अलीराजपुर, अशोकनगर, शिवपुरी व गुना की है।
मैं राज्य सरकार से माँग करता हूँ कि इस विषय की गंभीर जांच की जाए। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को नामांकन कम होना चिंता का विषय है।
पांढुर्णा और छिंदवाड़ा जिले के किसान आज अल्पवर्षा और भीषण जलसंकट के कारण अभूतपूर्व संकट से जूझ रहे हैं। खेतों में खड़ी फसलें सूखकर बर्बाद हो चुकी हैं और पानी की कमी ने आगामी फसल की उम्मीदों पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अन्नदाता की मेहनत मिट्टी में मिल गई, लेकिन उनके सिर पर बैंक कर्ज की किस्तों और बिजली बिलों का भारी बोझ अब भी कायम है। रही-सही कसर अघोषित बिजली कटौती ने पूरी कर दी है, जिससे किसानों की परेशानियाँ और गहरी हो गई हैं।
हालात इतने गंभीर हैं, फिर भी पांढुर्णा जिले को अब तक सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया है। किसानों को न तो कोई राहत मिली है, न उचित मुआवजा और न ही उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई दिखाई दे रहा है। यह केवल किसानों के साथ अन्याय नहीं, बल्कि उस अन्नदाता का अपमान है, जो पूरे देश का पेट भरता है।
इसी अन्याय के खिलाफ आज पांढुर्णा पहुँचकर किसान भाइयों के साथ विशाल आंदोलन के माध्यम से उनकी आवाज़ बुलंद की। सरकार के सामने स्पष्ट और दृढ़ माँग रखी कि पांढुर्णा जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित किया जाए, किसानों को तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए, आगामी फसल का कम से कम 20000 रूपय प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए, मक्का MSP पर खरीद कर अतिरिक्त 200 रुपय प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए, कर्ज वसूली पर रोक लगाई जाए, बिजली बिल माफ किए जाएँ और किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही किसानों की अन्य सभी जायज़ माँगों पर भी तत्काल कार्रवाई की जाए।
अन्नदाता के हक़, सम्मान और न्याय की इस निर्णायक लड़ाई में हम किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। जब तक किसानों को उनका अधिकार और उचित राहत नहीं मिलती, तब तक यह संघर्ष पूरी ताकत और अंतिम साँस तक जारी रहेगा।
नागपुर एयरपोर्ट पर आप सभी के द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत और अपार स्नेह से अभिभूत हूँ।
आप सभी का प्यार, विश्वास और अपनापन ही मेरी असली पूँजी है। यही स्नेह मुझे जनसेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने और जनता के अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज़ उठाने की शक्ति देता है।
थोड़ी ही देर में “किसानों” के हक़, सम्मान और न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए किसान आंदोलन में पांढुर्णा पहुँच रहा हूँ।
आज पांढुर्णा प्रवास के दौरान रास्ते में परिवारजनों एवं किसान भाइयों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और पीड़ा को जाना।
बारिश की कमी के चलते किसान पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। खेती-किसानी पर संकट गहराता जा रहा है, लेकिन किसानों को अब तक सरकार की ओर से कोई राहत नहीं मिली है।
भाजपा सरकार में किसान परेशान हैं, खेतों में पानी का संकट है और अन्नदाता राहत की उम्मीद लगाए बैठा है।
किसान भाइयों को इस विपरीत समय में सरकार को उनका हक देना होगा । पूरी कांग्रेस पार्टी किसानो को उनका हक़, सम्मान और राहत मिलने तक मजबूती से लड़ाई जारी रखेगी ।
न्यूज लेटर के इस संस्करण में नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi के इंदौर में हुए 'छात्रों की गूंज' को देखें, जिसमें उन्होंने बताया कि आखिर क्यों RSS-BJP के सिस्टम को छात्र नहीं, बल्कि 'अंधभक्त' चाहिए।
साथ ही, आदिवासी छात्र हॉस्टलों के मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और 27% OBC आरक्षण पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र को भी पढ़ें।
इसके अलावा, 'वोट चोरी' पर उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस देखें, जिसमें उन्होंने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बनने की मांग की।
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"Over the past month, my work took me through hostels, villages and capitals.
In this episode, I recount each stop: conversations with students at Chhatron ki Goonj in Indore and Nashik, standing with grieving Adivasi families in Balaghat, the Bela Estate slum in Delhi and my meeting with INDIA alliance leaders on safeguarding every Indian's right to vote."
Listen to LoP Shri @RahulGandhi's podcast, 'Vote Chori to Sanstha Chori'👇
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मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण देने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी का रुख अब तक पूरी तरह षड्यंत्रकारी साबित हुआ है। 2019 में मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में OBC को 27% आरक्षण दिया गया था। पिछले सात साल में भाजपा ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लगातार इस बात की कोशिश की कि यह आरक्षण समाप्त हो जाए।
भाजपा सरकार ने जिस तरह से कमजोर पैरवी की और उसके वकील जिस तरह से बिना तैयारी के अदालत में जाते रहे, उस कारण हाई कोर्ट से 27% आरक्षण के ख़िलाफ़ फैसला आया।
अब भाजपा सरकार सुप्रीम कोर्ट में जाने का नाटक कर रही है। मैं एक बार फिर दोहराता हूँ कि अगर भाजपा मेरी सरकार द्वारा दिए गए आरक्षण को समाप्त करना नहीं चाहती तो पूरी तैयारी के साथ सुप्रीम कोर्ट में जाए।
मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग की संख्या के आधिकारिक प्रमाणिक आंकड़े सुप्रीम कोर्ट में उपलब्ध कराए। आरक्षण में 50% की सीमा का मुद्दा स्वतः ही समाप्त हो चुका है, क्योंकि EWS आरक्षण के रूप में यह सीमा पहले ही बढ़ चुकी है।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा नेताओं ने जैसे बचकाने बयान दिए थे, उन्हें देखते हुए मैं भाजपा नेताओं से यह भी कहना चाहता हूँ कि उन्हें इस संबंध में मेरे या कांग्रेस पार्टी से जो भी सहायता चाहिए, वह हमें बता दें। हम हर तरह की सहायता के लिए तैयार हैं।
Delhi Police is refusing to register an FIR on the assault of our students.
Two young women, Athira from Kerala and Ritu from Rajasthan, along with many others, were beaten by Delhi Police.
I have spoken to Kerala Home Minister Ramesh Chennithala and Rajasthan PCC President Govind Singh Dotasra. A Zero FIR has already been registered in Kerala. We will pursue every legal route against the officers responsible, in Kerala, in Rajasthan and in the courts.
Brutality by Amit Shah's Delhi Police will not go unchecked.
In 1930, at Dharasana, Sarojini Naidu led unarmed satyagrahis into police lathis. Not one of them raised a hand. The world watched.
Police can break bones. They cannot break a satyagraha.
India's youth, especially young women, are fearless, determined and united. They are standing up for our democracy, and I stand with them.
छात्रों के साथ की गई बर्बरता के मामले में दिल्ली पुलिस FIR दर्ज करने से इनकार कर रही है।
केरल की अथिरा और राजस्थान की रितु समेत कई अन्य युवाओं को दिल्ली पुलिस ने पीटा है।
हम अमित शाह की दिल्ली पुलिस की इस क्रूरता को ऐसे ही नहीं जाने देंगे। पुलिस हड्डियां तोड़ सकती है, पर सत्याग्रह के हौसले को नहीं।
भारत के युवा, खासकर युवतियां निडर, दृढ़ और एकजुट हैं। हम अपने सभी युवा साथियों के साथ लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे।
📍 दिल्ली
कल मीडिया ने खबर चलाई कि सुप्रीम कोर्ट ने नेता विपक्ष राहुल गांधी जी को “फटकार” लगाई है.
जबकि ये खबर पूरी तरह से फेक है.
सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी वादी नंबर 6 पर की थी, न कि राहुल गांधी जी पर.
कोर्ट ने ऑर्डर डिक्टेट करते समय भी राहुल गांधी जी का नाम नहीं लिया था, फिर भी जबरन, बदनीयती से यह झूठ खूब फैलाया गया.
साफ है - गोदी मीडिया ने मोदी सरकार के कहने पर ये फर्जी न्यूज चलाई, ताकि नेता विपक्ष की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके.
गोदी मीडिया जो कर रहा है वो देशद्रोह से कम नहीं है. आप सुप्रीम कोर्ट के हवाले से संवैधानिक पद पर बैठे इंसान की छवि धूमिल करने में लगे हैं - वो भी फर्जी खबर के जरिए.
इस फेक न्यूज के लिए मीडिया संस्थानों को माफी मांगनी चाहिए.
नेता विपक्ष राहुल गांधी जी 'वोट चोरी' के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं, और हर हाल में जीतेंगे.
कांग्रेस पार्टी उच्चतम न्यायालय का सम्मान करती है और हमें विश्वास है कि लोकतंत्र में वोट के अधिकार को बचाए रखने की लड़ाई में हमें न्याय मिलेगा.
Congress President Shri @kharge, LoP Shri @Rahulgandhi, Congress General Secretary (Org.) Shri @kcvenugopalmp and Congress General Secretary Smt. @priyankagandhi ji interacted with NSUI, IYC and Seva Dal leaders.
📍 Indira Bhawan, New Delhi
राष्ट्रपति महोदया,
19 साल की अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। चार साल बाद भी CBI की धीमी जांच के चलते यह सवाल बना हुआ है कि वो VIP कौन था।
अंकिता के परिवार समेत कई लोग मानते हैं कि दुष्यंत गौतम इस मामले से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनकी सिक्किम के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति से मैं स्तब्ध हूं। राज्यपाल के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर प्रधानमंत्री मोदी ने साबित किया है कि महिलाओं की सुरक्षा की उन्हें बिल्कुल परवाह ही नहीं है।
मैं आपसे अपील करता हूं कि सरकार को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को पदभार न देने की सलाह दें।
अंकिता के माता-पिता की न्याय की उम्मीद मत टूटने दीजिए।
सुबह के 4 बजे। जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया।
उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे - बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना माँग रहे थे कि CBI जाँच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए।
कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे।
जिस जाँच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले माँ-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया।
इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो।
पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी।
कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी - जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता। : @RahulGandhi
#JusticeForAnkitaBhandari
सुबह के 4 बजे। जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया।
उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे - बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना माँग रहे थे कि CBI जाँच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए।
कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे।
जिस जाँच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले माँ-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया।
इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो।
पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी।
कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी - जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।
#JusticeForAnkitaBhandari
मध्य प्रदेश का किसान गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहा है। सरकार ने किसानों से 10 घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन किसानों को मुश्किल से 2 घंटे बिजली मिल पा रही है। ऐसे में किसान खेती का काम कैसे कर पाएगा?
इसके अलावा घरेलू बिजली सप्लाई में भी जमकर अघोषित कटौती की जा रही है। 10-10 घंटे की बिजली कटौती से आम जनता बेहाल है।
लेकिन भाजपा सरकार का हाल हमेशा की तरह यही है कि समस्या को सुलझाना तो दूर, वो उसे स्वीकार भी नहीं कर सकती।
मेरी स्पष्ट माँग है कि सरकार अन्य जगहों से बिजली ख़रीदे और ज़रूरत के मौके पर किसानों और आम जनता को बिजली उपलब्ध कराए।
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi और कांग्रेस महासचिव एवं सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी ने अंकिता भंडारी के परिवार से इंडिया गेट पर मुलाकात की।
साल 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में BJP के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तराखंड प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम पर आरोप लगे थे।
आरोप था कि अंकिता पर दुष्यंत गौतम को सर्विस देने का दबाव बनाया गया था। जब अंकिता ने मना किया तो उसकी हत्या कर दी गई।
जिस दुष्यंत गौतम पर आरोप लगे, नरेंद्र मोदी ने उसे इनाम देते हुए सिक्किम का राज्यपाल बना दिया है।
देश की बच्चियां और महिलाएं देख रही हैं कि कैसे नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार दुष्यंत गौतम को बचा रही है।
अंकिता भंडारी को न्याय देने के बजाए पूरी BJP सरकार पीड़ित परिवार की आवाज दबाने पर तुली है।
मैं महामहिम राष्ट्रपति से विनती करता हूं कि जब तक CBI की जांच पूरी न हो जाए, तब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल के तौर पर नियुक्त न किया जाए।
BJP नेता दुष्यंत गौतम को CBI बचाने की कोशिश क्यों कर रही है?
: अंकिता भंडारी के पिता
Waving the Tricolour at Jantar Mantar in a peaceful protest is not a crime. Jailing youth for it is an act of cowardice.
Students. Youth. Journalists. The INDIA bloc. Different banners, one cause. All protests are one: citizens demanding their constitutional rights.
Jantar Mantar belongs to the people of India. We will reclaim it.