प्रेस विज्ञप्ति
इंडियन नेशनल लोकदल
बिजली निगम प्रभावशाली कंपनियों को बिना एक भी यूनिट बिजली लिए पैसा दे रहे हैं, लेकिन उपभोक्ताओं के हितों की कर रहे हैं अनदेखी: प्रो. सम्पत सिंह
जब एफएसए की राशि उपभोक्ताओं को वापस करनी थी, तब निगमों ने कोई याचिका दाखिल नहीं की, लेकिन जैसे ही वसूली उनके पक्ष में हुई उन्होंने तुरंत दो याचिकाएं दायर कर दी
अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग एक स्वतंत्र नियामक संस्था के रूप में कानून के अनुसार निर्णय देगा, या फिर सरकार और बिजली निगमों के दबाव में काम करेगा?
चंडीगढ़, 7 अगस्त। इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रो. सम्पत सिंह ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर बताया कि हरियाणा के बिजली वितरण निगम प्रदेश की जनता को लूट रहे हैं। ये निगम, उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवा देने के बजाय उन्हें अपनी वित्तीय गलतियों, कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार की कीमत चुकाने का माध्यम बना रहे हैं। बिजली निगमों ने विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) से मल्टी ईयर टैरिफ 2024 में नियमों में राहत देने का अनुरोध किया। उन्होंने मांग की है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रति यूनिट 47 पैसे का मासिक एफएसए वसूलने की बजाय 1,134.54 करोड़ रुपये तथा उस पर कैरीइंग कॉस्ट (ब्याज) को आने वाले वर्षों में सभी उपभोक्ताओं से समान प्रति यूनिट दर पर वसूलने की अनुमति दी जाए।
प्रो. सम्पत सिंह ने बताया कि बिजली वितरण निगमों के अनुसार इस समय वे 27,915 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहे हैं और उन पर 27,248 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके बावजूद अक्टूबर 2025 में निगमों ने बिना एक भी यूनिट बिजली लिए सिक्किम ऊर्जा लिमिटेड (ग्रीनको समूह) को 1,300 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। इसके तुरंत बाद संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रभावशाली कंपनियों के लिए पैसा उपलब्ध है, लेकिन उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी की जाती है।
बिजली निगमों ने स्वयं स्वीकार किया है कि नवंबर 2025 में मांगी गई 1,134.54 करोड़ रुपये की राशि में से लगभग 950.09 करोड़ रुपये (84 प्रतिशत) सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के कारण उत्पन्न हुई देनदारी है। यह राशि वास्तव में पिछले वित्तीय वर्षों के ट्रांसमिशन शुल्क, विलंब भुगतान अधिभार और अतिरिक्त बिलों से संबंधित है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान में की जा रही वसूली वित्तीय वर्ष 2022-23 से संबंधित है, जबकि नियमों के अनुसार ऐसी राशि अधिकतम दो वर्ष के भीतर वसूल की जानी चाहिए।
इसके साथ ही बिजली निगमों का दोहरा रवैया भी सामने आया है। जब एफएसए की राशि उपभोक्ताओं को वापस करनी थी, तब उन्होंने कोई याचिका दाखिल नहीं की। लेकिन जैसे ही वसूली उनके पक्ष में हुई, उन्होंने तुरंत दो याचिकाएं दायर कर दीं। इतना ही नहीं, वे अपनी देरी से होने वाली वसूली पर ब्याज भी चाहते हैं, जबकि उपभोक्ताओं का पैसा महीनों तक रोकने पर उन्हें कोई ब्याज देने को तैयार नहीं हैं। साथ ही, डिस्कॉम विनियम 68.1(3) में निर्धारित उस प्रावधान से भी बचना चाहते हैं, जिसके अनुसार समय पर राशि न वसूलने पर उसका अधिकार समाप्त हो जाता है। वे इसके लिए नियमों में छूट लेने के प्रावधानों का सहारा ले रहे हैं। जबकि सर्वोच्च न्यायालय और विद्युत अपीलीय अधिकरण पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इन प्रावधानों का उपयोग नियमों में बदलाव करने या समाप्त हो चुके अधिकारों को दोबारा जीवित करने के लिए नहीं किया जा सकता।
सर्वोच्च न्यायालय ने सितंबर 2024 और अगस्त 2025 के अपने महत्वपूर्ण निर्णयों में स्पष्ट कहा है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग सरकार के अधीन नहीं हैं। सरकार आयोग के न्यायिक अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। न्यायालय ने आयोगों की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और दक्षता बनाए रखने तथा नियामकीय विफलता और नियामकीय कब्जे से बचने पर भी जोर दिया है। न्यायालय ने यह भी कहा कि बिजली एक सार्वजनिक सेवा है और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डालना नियामकीय विफलता का संकेत है। अब कानून स्पष्ट है, तथ्य भी स्पष्ट हैं। उम्मीद है कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग संविधान, कानून और हरियाणा के 84 लाख बिजली उपभोक्ताओं के हित में निष्पक्ष निर्णय देगा। अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग एक स्वतंत्र नियामक संस्था के रूप में कानून के अनुसार निर्णय देगा, या फिर सरकार और बिजली निगमों के दबाव में काम करेगा?
@ProfSampatSingh@ITCellINLD
सरकारी ठगी की खिड़की बंद तो वहीं किसान की परेशानी जारी…
प्रदेश में लगभग 14.50 लाख एकड़ खरीफ फसल का पंजीकरण अभी भी बाकी है लेकिन सरकार ने 31 जुलाई को ही मेरी फसल–मेरा ब्यौरा पोर्टल बंद कर दिया।
सवाल यह है कि जब लाखों किसानों का पंजीकरण ही नहीं हुआ तो पोर्टल बंद करने की इतनी जल्दबाज़ी क्यों? क्या सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान चाहती है या उन्हें योजनाओं और न्यूनतम समर्थन मूल्य के अधिकार से वंचित करना चाहती है?
मेरी फसल–मेरा ब्यौरा पोर्टल को तत्काल दोबारा खोला जाए और पंजीकरण की समय-सीमा बढ़ाई जाए ताकि प्रदेश का कोई भी किसान सरकारी खरीद, मुआवज़े, बीमा और अन्य योजनाओं से वंचित न रह सके।
हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) में सुनवाई के दौरान हरियाणा प्रदेश के हितों की मजबूती से आवाज़ उठाई।
हरियाणा के हक की लड़ाई में INLD सदैव मजबूती से खड़ी रहेगी।
#Inld@OfficialINLD@AbhaySChautala
हर दिल अज़ीज़ छोटे भाई अर्जुन सिंह चौटाला जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ…
ईश्वर आपको स्वस्थ, दीर्घायु और सदैव जनसेवा के पथ पर अग्रणी रखे। @Achautala
मेरे जन्मदिवस के अवसर पर अपने स्नेह, शुभकामनाओं और आशीर्वाद से मुझे अभिभूत करने वाले इनेलो परिवार के समर्पित साथियों, मेरे शुभचिंतकों, मित्रों एवं सभी सम्मानित बड़ों का मैं हृदय की असीम गहराइयों से आभार व्यक्त करता हूँ…
आपका यह प्रेम केवल जन्मदिन की बधाई नहीं बल्कि जनसेवा के मार्ग पर और अधिक समर्पण, संघर्ष तथा जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा है। आपका विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त है और यही विश्वास मुझे हर परिस्थिति में जनता की आवाज़ बनकर खड़े रहने का संबल देता रहेगा।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम सब इसी अपनत्व, एकजुटता और विश्वास के साथ जननायक चौ. देवीलाल जी एवं लोहपुरुष चौ. ओमप्रकाश जी चौटाला के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने तथा हरियाणा के हक़ और सम्मान की लड़ाई को ओर अधिक मजबूती से आगे बढ़ाने का काम करते रहेंगे।
एक बार फिर आप सभी का हृदय से धन्यवाद। आपका स्नेह, विश्वास और साथ ही मेरी सबसे बड़ी पूँजी है।
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ @Achautala जी! 🎉
हरियाणा विधानसभा के ओजस्वी वक्ता, रानियाँ विधानसभा क्षेत्र की बुलंद आवाज़, जनहित के मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाने वाले एवं प्रदेश के विकास और जनता के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत माननीय विधायक श्री अर्जुन सिंह चौटाला जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि और निरंतर जनसेवा की शक्ति प्रदान करें। आप इसी ऊर्जा, समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ हरियाणा की जनता की आवाज़ बनकर प्रदेश के हितों की रक्षा करते रहें।
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं उज्ज्वल, सफल और मंगलमय जीवन की कामना। 🎂💐
📍बवानीखेड़ा विधानसभा | गाँव बड़सी
“इनेलो आपके द्वार” अभियान के तहत आज गाँव बड़सी में आयोजित कार्यक्रम में इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह जी और पार्लियामेंट्री बोर्ड के चेयरमैन वासुदेव शर्मा जी का ग्रामीणों ने उत्साह, जोश और आत्मीयता के साथ स्वागत किया।
ग्रामीणों का अपार स्नेह, विश्वास और समर्थन इस बात का स्पष्ट संदेश है कि हरियाणा की जनता अब जनहित की राजनीति और मजबूत विकल्प के रूप में इनेलो के साथ खड़ी है।
इस अवसर पर अनेक परिवारों ने इंडियन नेशनल लोकदल की नीतियों और विचारधारा में आस्था व्यक्त करते हुए पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
गाँव बड़सी के सभी सम्मानित ग्रामीणों का हृदय से धन्यवाद। आपका विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
इनेलो आपके द्वार -जनता का विश्वास 💚✌️
@ProfSampatSingh@ITCellINLD
🥇 म्हारे मुक्केबाज़ों ने फिर लहराया तिरंगा! 🇮🇳
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के होनहार मुक्केबाज़ अंकुश पंघाल ने पुरुष 80 किग्रा वर्ग में और सचिन सिवाच ने पुरुष 60 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश का मान बढ़ाया है।
आप दोनों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ। आपकी मेहनत, अनुशासन और जज़्बा देश के युवाओं के लिए प्रेरणा है।
🇮🇳🥊
#CWG2026 #CommonwealthGames #AnkushPanghal #SachinSiwach #Boxing
हरियाणा की छोरियां जब रिंग में उतरें स, तो सामने वाला पहले ही हिम्मत हार जाया करे! 🥊🔥
हरियाणा की महारी लाडो प्रिया घनघस ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं की 60 किलोग्राम बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे देश का मान बढ़ा दिया।
ये जीत सिर्फ एक मेडल की ना, बल्कि उस जज़्बे, मेहनत अर हौसले की जीत स, जो हरियाणा की बेटियों की पहचान बन चुका स। प्रिया ने अपने दमदार प्रदर्शन तै साबित कर दिया कि हरियाणा की धरती आज भी चैंपियन पैदा करन में सबसे आगे स।
प्रिया बेटी, आपकी इस स्वर्णिम जीत पर पूरे हरियाणा नै गर्व स।
ढेर सारी बधाई अर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ।
म्हारी लाडो... तिरंगे की शान! 🇮🇳🥇
@AbhaySChautala@ITCellINLD
प्रीति पवार और जैस्मीन लम्बोरिया के बाद अब साक्षी चौधरी ने भी दुनिया को दिखा दिया हरियाणवी मुक्के का "गोल्डन पंच"! 🥊🥇
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भिवानी की लाडो साक्षी चौधरी ने महिलाओं की 51 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का तिरंगा सबसे ऊँचा लहरा दिया।
इससे पहले भिवानी की बेटी प्रीति पवार और जैस्मीन लम्बोरिया भी स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ा चुकी हैं। लगातार तीन स्वर्ण पदकों के साथ भिवानी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसे यूँ ही "भारत की बॉक्सिंग कैपिटल" और "बॉक्सिंग पावर हाउस" नहीं कहा जाता।
म्हारी छोरियां के मुक्के अर हौंसले, बड़े-बड़े का फिल्टर पाड़ दें स, ! 💪
प्रीति पवार, जैस्मीन लम्बोरिया और साक्षी चौधरी—आप तीनों बेटियों ने हरियाणा की मिट्टी का मान बढ़ाया है और पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
आप तीनों को इस स्वर्णिम उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएँ।
भिवानी का दम... दुनिया के रिंग में सबसे भारी!
म्हारी छोरियां, भारत की शान! 🇮🇳🥊🥇
🇮🇳 भारत की बेटी प्रीति पवार को हार्दिक बधाई! 🥊🥇
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ प्रीति पवार ने महिलाओं की 54 किग्रा बॉक्सिंग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया। फाइनल में उन्होंने कनाडा की प्रतिद्वंद्वी को 5-0 के एकतरफा फैसले से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इंडियन नेशनल लोकदल परिवार की ओर से प्रीति पवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएँ।
आपकी यह जीत देश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
भारत को आप पर गर्व है! 🇮🇳💐
#PreetiPawar #CWG2026
🇮🇳 हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ 🥊🥇
हरियाणा की गौरवशाली बेटी जैस्मीन लम्बोरिया को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिला बॉक्सिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का मान-सम्मान बढ़ाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
आपकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे देश, विशेषकर हरियाणा के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। आपके समर्पण, अनुशासन और अथक परिश्रम ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ संकल्प के साथ हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
हम ईश्वर से आपके उज्ज्वल, सफल एवं गौरवशाली भविष्य की कामना करते हैं। आप इसी प्रकार भारत का तिरंगा विश्व मंच पर लगातार बुलंद करती रहें और देश का नाम रोशन करती रहें।
भारत के स्वर्णिम भविष्य की उड़ान जारी है🇮🇳🏅
जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया तो वहीं यश वीर सिंह ने दमदार प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीतकर तिरंगे का मान ओर ऊँचा कर दिया…
यह सफलता करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा है कि मेहनत, अनुशासन और संकल्प के बल पर दुनिया के सबसे बड़े मंच पर भी भारत का परचम लहराया जा सकता है।
नीरज चोपड़ा जी और यश वीर सिंह जी को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएँ।
🇮🇳 जैवलिन थ्रो में शानदार प्रदर्शन करते हुए नीरज चोपड़ा ने रजत पदक तथा यश वीर सिंह ने कांस्य पदक जीतकर एक बार फिर विश्व मंच पर तिरंगे का मान बढ़ाया है।
यह उपलब्धि केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीय युवाओं के सपनों, संघर्ष और अटूट संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल है। आप दोनों खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
इंडियन नेशनल लोकदल परिवार की ओर से नीरज चोपड़ा एवं यश वीर सिंह को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आप दोनों भविष्य में भी नई ऊँचाइयाँ छूते हुए भारत का तिरंगा विश्वभर में गर्व के साथ लहराते रहें और देश को अनेक स्वर्णिम सफलताएँ दिलाएँ।
इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता कर 3206 जेबीटी अध्यापकों की भर्ती पर कोर्ट के निर्णय, गेस्ट टीचर्स को नियमित न करने, हरियाणा में वकील साथियों के हड़ताल पर बैठने, एचकेआरएन में सेवा सुरक्षा वादा, फसल बीमा और जंतर-मंतर पर बैठे युवाओं के साथ की गई वादाखिलाफी जैसे ज्वलंत मुद्दों को उठाया
जेबीटी भर्ती पर हाई कोर्ट के फैसले से साफ हो गया है, कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था: रामपाल माजरा
एचकेआरएन पूरी तरह से फ्रॉड है, घोटालों के कारण इसके डायरेक्टर को जेल जाना पड़ा था
बीजेपी कर्मचारी विरोधी है, गेस्ट टीचर्स को कोर्ट के फैसले के बाद भी पक्का नहीं किया जा रहा
चंडीगढ़, 31 जुलाई। साल 2000 में इनेलो की सरकार में 3206 जेबीटी अध्यापकों की भर्ती को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने निष्पक्ष ठहराया है। तब कांग्रेस ने सीबीआई का दुरुपयोग कर चौधरी ओम प्रकाश चौटाला को जेल भेजने की साजिश रची थी। सवाल उठता है कि जब भर्ती मेरिट पर हुई थी तो पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और उनके साथियों को जेल की सजा क्यों काटनी पड़ी?। हाई कोर्ट के हाल में आए फैसले से साफ हो गया है, कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था। कोर्ट ने बचे हुए 150 जेबीटी अभ्यर्थियों को बैक डेट से पूरे लाभ देने के निर्देश दिए हैं। साल 2000 में लगे 3206 अध्यापकों को प्रमोशन भी मिले हैं। तब कुल 7700 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू लेने के बाद 3206 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था।
रामपाल माजरा ने बीजेपी को कर्मचारी विरोधी बताते हुए कहा कि बीजेपी ने 2014 की घोषणा पत्र में गेस्ट टीचरों को नियमित करने का वादा किया था। जंतर-मंतर पर धरना दे रहे गेस्ट टीचर्स को भाजपा ने लेटर हेड पर समर्थन भी दिया था। लेकिन आज तक गेस्ट टीचर नियमित नहीं हुए। पिछले दिनों जब हाई कोर्ट ने गेस्ट टीचर्स को नियमित करने के निर्देश दिए। उसके बाद अब सरकार डबल बेंच में चली गई है। सरकार गेस्ट टीचरों को नियमित करने में आनाकानी कर रही है। मतलब साफ है कि सरकार की नीयत ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री नायब सैनी जब भी पंजाब में राजनीतिक प्रचार के लिए जाते हैं तो खुद को कर्मचारी हितेषी बताते हैं जो बेहद हास्यास्पद है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिए लगाए गए 120000 कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का वादा किया था। 2 साल पहले सेवा सुरक्षा का कानून विधानसभा से पारित भी हो गया है। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। एचकेआरएन पूरी तरह से फ्रॉड है। इसमें पिक एंड चूज से भारी घोटाले हो रहे हैं। घोटालों के चक्कर में इसके एक डायरेक्टर और अधिकारियों को जेल जाना पड़ा था। नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों को नियमित करने को लेकर भी हाईकोर्ट ने नियमित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन सरकार ने समय पर कदम नहीं उठाये। सरकार के खिलाफ हाई कोर्ट में अब अवमानना का केस भी चल रहा है।
रामपाल माजरा ने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पंजाब और हरियाणा में सभी वकील साथी हड़ताल पर बैठे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि जितने भी नए वकील होते थे उन्हें लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम में रखा जाता था। सभी जिला कोर्ट में 40-50 वकीलों को पैनल पर रखा जाता था। लेकिन अब मिलीभगत करके मात्र 5-7 वकीलों को ही यह काम दिया जाता है।
रामपाल माजरा ने कहा कि सरकार से आज सभी वर्ग बुरी तरीके से परेशान है। सरकार ने किसानों के लिए फसल बीमा योजना शुरू की थी। लेकिन किसानों को कोई फायदा नहीं हुआ। उल्टा आम जनता के ऊपर वजन बढ़ा दिया है। सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ा दिया।
जंतर मंतर मामले में हुए समझौते को लेकर रामपाल माजरा ने बीजेपी पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए। बीजेपी ने जो वादे किए थे, उनसे पीछे हट रही है। पहले युवाओं के ऊपर लाठी चलाई। बाद में सरकार घुटनों के बल पर बैठी। सभी मुकदमे वापस लेने और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने पर सहमति बनी थी। लेकिन सभी वादे पूरे नहीं हुए।