खान सर की गिरफ़्तारी पर फौरन रोक लग गई है।
307 (BNS 109) की FIR भी आने वक्त में देख लीजिये अदालत में टिक नहीं पाएगी।
अब रौशन आनंद सर की भी रिहाई होनी चाहिए।
ये दोनों शिक्षकों के लिए सबक का समय है, आपस में लड़ेंगे तो बाहर के भेड़िए मजे लेंगे। स्वस्थ रहें,सतर्क रहे��
खान सर को पटना जिला न्यायालय ने अंतरिम जमानत सुरक्षा देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी.
अदालत ने साफ ने कहा, पुलिस उनसे पूछताछ कर सकती है लेकिन अगले आदेश तक उनकी गिरफ्तारी नही की जाएगी.
खान सर को अब समाजसेवा बंद कर देना चाहिए. 200 या 1000 रुपए में पढ़ाना बंद देना चाहिए. सस्ती दरों पर इलाज के लिए बनाया अस्पताल पूरी तरह प्राइवेट औ�� महंगा कर देना चाहिए.
समाज को यह सब नही चाहिए.
समाज को अपनी जाति और धर्म के नेता ��र बाहुबली से बहुत लगाव रहता है,
भले वो रंगदारी वसूल कर अपना पेट पाले, सरकारी ठेकेदारी में भ्रष्टाचार कर के संपत्ति बनाए, तब समाज के मुंह दही और गांव में बवासीर हुआ रहता है.
Meet "Khan Sir"
>Teaches students at dirt-cheap fees
>Never discriminated against anyone
>Never played the religion card
>Made healthcare affordable
>Even recites "Ram Ayenge" songs
But that's not enough for the BHAKTS.
BJP IT Cell branded him Faisal Khan — Jihadi, Terrorist, Traitor.
These bastards are no one to tell anyone's Nationality or Religion.
BJP's real enemy is education & money.
Get educated & you'll stop voting for them.
Do anything without filling their greedy asses with cash & they'll hunt you down.
If Abdul Kalam were alive today, Bhakts would've called him a terrorist for building missiles too.
If BJP & IT Cell are bothered by something, it means it's good for India.
Keep doing good work.
FUCK BJP
FUCK IT CELL
🔥 "जिस शिक्षक को करोड़ों लोग सुनते हैं, उसे चुप कराने की कोशिश क्यों होती है?"
जब ज्ञान बांटने वाला निशाने पर आने लगे,
तो समझ लीजिए उसकी बात लोगों तक पहुँच रही है।
इतिहास गवाह है, सच को रोका जा सकता है लेकिन मिटाया नहीं जा सकता।
जो युवाओं को सोचने की ताकत देता है,
वही सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में होता है।
📚 ज्ञान की लड़ाई में जीत हमेशा जागरूकता की होती है।
आप सहमत हैं या नहीं बताइए मित्रों 🔥
देश में भले बड़े बड़े टीचर होंगे लेकिन आज के समय में खान सर के जितना लॉयल और हक के लिए लड़ने वाले स्टूडेंट्स किसी के पास नहीं हैं !
कल खान सर के कोचिंग के बाहर पुलिस फोर्स पहुँची थी , उनसे एक 17 से 18 साल की लड़की भीड़ गई ,
कह रही हैं कि आपके बच्चे तो महंगे जगहों पर पढ़ रहे हैं न आपको क्या दिक्कत हैं , खान सर पर करवाई इसलिए हो रही हैं क्योंकि वो चाटते नहीं हैं न !
बहस बढ़ने पर पुलिस वालों से कहने लगी कि तो आइए न आप ही पढ़ा दीजिए हम लोगों को !
कुछ तो बात है खान सर में , नहीं तो पुलिस को देख कर बड़े बड़े लोगों की हवा टाइट हो जाती हैं वही लड़कियां पूरी फोर्स के सामने अपनी आवाज उठा रही हैं !
अगर आप सच में देश का भला चाहते हो तो अभी खान सर के साथ रहो।
मीडिया वाले और सरकार सिर्फ पेपर लीक से ध्यान हटाने के लिए सर को टारगेट कर रहे है।
#khansir#WeSupportKhanSir#kgs#welovekhansir
"खान सर को कुछ लोग उनके नाम और धर्म को लेकर निशाना बना रहे हैं, जबकि मेरी समझ से उन्होंने कभी हिंदू-मुस्लिम की बात नहीं की।
इस समय खान सर कई विवादों और मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच उनका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है,
जिसने खान सर के क्लास के दौरान कुछ लड़कियां हनुमान चालीसा की किताब लेकर पहुंचती हैं, उसी समय खान सर ��े जब तस्वीर देखी , तो
उन्होंने हनुमान चालीसा अपने हाथ में लेते हैं और कहते हैं कि सभी बच्चों को अपने भविष्य की चिंता होती है,
इसलिए वे भगवान को याद करते हैं और उनसे बुद्धि व सफलता की प्रार्थना करते हैं,
लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग उन्हें केवल मुस्लिम होने के कारण आलोचना का निशाना बना रहे हैं।
मेरा मानना है कि खान सर ने हमेशा शिक्षा और छात्रों के भविष्य की बात की है,
मैंने उन्हें कभी धर्म के ��धार पर लोगों को बांटने या किसी विशेष समुदाय के खिलाफ बोलते नहीं देखा।"
एक शिक्षक की सबसे बड़ी कमाई न पैसा होता है, न प्रसिद्धि...
उसकी असली दौलत वे छात्र होते हैं जो उसकी वजह से सपने देखना सीखते हैं।
आज अगर उस शिक्षक पर सवाल उठ रहे हैं, तो लाखों विद्यार्थियों की यादें उसके जवाब में खड़ी हैं।
#khansir we love you khan sir 🥹🤍
खान सर..!!
जब शिक्षा को व्यापार बना दिया जाए,
और कोई व्यक्ति उसे आम छात्रों की पहुँच में ले आए,
तो कई लोगों को परेशानी होना स्वाभाविक है।
जब महंगी कोचिंग के दौर में
कोई लाखों छात्रों को कम फीस में पढ़ाने लगे,
तो स्थापित व्यवस्थाओं को चुनौती महसूस होती है।
इसी तरह जब स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी ज़रूरतों को
मुनाफ़े से ऊपर रखने की बात होती है,
तो बहस, विरोध और आरोप भी साथ आते हैं।
इतिहास ग��ाह है ��ि
जो लोग व्यवस्था के बने-बनाए ढाँचे को चुनौती देते हैं,
उन्हें अक्सर आलोचनाओं, विवादों और मुकदमों का सामना करना पड़ता है।
लेकिन किसी भी व्यक्ति के बारे में
आरोप या दावे अदालत और तथ्यों के आधार पर ही तय होने चाहिए......
एक शिक्षक की सबसे ���ड़ी कमाई न पैसा होता है, न प्रसिद्धि...
उसकी असली दौलत वे छात्र होते हैं जो उसकी वजह से सपने देखना सीखते हैं।
आज अगर उस शिक्षक पर सवाल उठ रहे हैं, तो लाखों विद्यार्थियों की यादें उसके जवाब में खड़ी हैं।
#khansir we love you khan sir 🥹🤍