विश्व हिन्दू परिषद ओर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ही निर्दोष करार दे रहा है तो अब लूटेरा किसको कहे।
में तो देश की जनता से अपील करूँगा की मंदिर में चढावा बंद कर दे।
बेशर्म चंपत राय ने करोड़ों रुपये नहीं बल्कि अरबों रुपयों का घोटाले किये है । फिर भी यह बचा हुआ है। कया यह वयक्ति परधानमंत्री, गृहमंत्री ओर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बड़ा है।
योगी जी को परधानमंत्री बनने के लिए लिए किसी चाणक्य की जरूरत नही है कयोकि उनके लिए जनता ही उनकी चाणक्य है। ��ेकिन मोदी हो या चाणक्य या फिर राजनाथ सिंह सबको योगी जी की जरूरत है।
कया किसी के कहने से कोई भी कोकरौच बन जाता है लो में कह रहा हूँ तुम लोग देश का भविष्य हो तुम कोकरौच नहीं बल्कि राष्ट्र पति ओर परधानमंत्री हो। लेकिन किसी ने अपने आप को कोकरौच मान लिया वो वही रहेगा
जिस राज्य में वेतन देने के लिए पैसे नहीं थे, आज वह Revenue Surplus हो गया है...
हर सप्ताह हम लोग किसी न किसी नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम के साथ जुड़ते हैं…
देश का सबसे क्रांतिकार�� नेता अगर कोई आज है तो योगी आदित्य अगर देश की जनता इनका साथ दे तो यह भारतवर्ष में हर क्षेत्र में क्रांति ला सकते हैं चाहे वह शिक्षा का मुद्दा हो गरीबों का या स्वास्थ्य का या शोषण का या माफियाओं का योगी आदित्यनाथ ने वह सब जमीन पर उतर कर दिखाया
"जो कोरोना जैसे संकट से देश को निकाल सकते हैं, क्या वे ईंधन की कमी होने देंगे?"
अफवाहों पर ध्यान न दें, अपने देश और नेतृत्व पर भरोसा रखें! 🇮🇳 संकट में देश के साथ खड़े रहें।
जय श्री राम। 🙏
छपरी नेता की उत्पत्ति और उसके संस्कार छपरी जैसे ही है इसलिए जब भी बोलता है छपरी के जैसे ही बोलता है तुम्हारी सरकार थी तुमने क्या तीर चला लिए क्या सुधार किया दिल्ली में बताएं दिल्ली की जनता को
छपरी नेता सोचता है कि इस देश में तू ही सबसे बड़ा नेता है क्या तेल और गैस हमारे देश में इतना उत्पादन होता है जिससे हमारे देश की पूर्ति हो जाए नहीं यह हमारे को आयात करना पड़ता है अगर युद्ध की वजह से आयत कम हो गया तो इसमें मोदी सरकार की क्या कमी है
योगी आदित्यनाथ जी को प्रधानमंत्री पद से रोकने के लिए विपक्ष से ज्यादा तिकड़म बाजी यह लोग कर रहे हैं अब ताजा उदाहरण गधों के साथ रेस में खुद अपने आप को घोड़ा बना लिया सी वोटर सर्वे
सी वोटर के सर्वे मैं योगी आदित्यनाथ जी का प्ररधानमंत्री पद दावेदारी नाम हटाया ओर और चुपके से प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी ने अपनी श्रेष्ठता जनता को दिखा दी लेकिन क्या योगी आदित्यनाथ का नाम सी वोटर की लिस्ट में होता तो क्या मोदी 55 परसेंट आते नहीं
ज्यादातर लोगों को दिख रहा है कि ये बिल सवर्ण समाज के खिलाफ है।
लेकिन इसकी सच्चाई अलग है, ये हमारे द���श के खिलाफ है, एकता के खिलाफ है, अनेकता में एकता की संस्कृति के खिलाफ है। ये हमारे देश की जड़ों पर प्रहार है। इसके पीछे गहरी साजिश है। विदेशी ताकतें हैं, इसमें कया पक्ष कया विपक्ष
2029 का चुनाव योगी जी के नेतृत्व में लड़ा गया तो निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी की विजय होगी अगर इसके अलावा किसी भ��� प्रधानमंत्री को प्रोजेक्ट किया गया आज की स्थिति के अनुसार तो हार का मुंह देखना पड़ेगा भाजपा को