यतो धर्मस्ततो जयः
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के आदर्शों व जीवन-मूल्यों का स्मरण कराने वाले पावन पर्व विजयादशमी की समस्त प्रदेश वासियों और श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
यह पर्व हमें अहंकार एवं नकारात्मकता का त्याग कर सत्य, सदाचार और लोकमंगल के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
प्रभु श्री राम से सभी के जीवन में सुख, शांति एवं मंगल की कामना है।
जय श्री राम।
🙏🚩 जय हनुमान ज्ञान गुण सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
🙏रामदूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥ 🚩
महावीर विक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥ 🙏
❤️ जय श्रीराम
जय बजरंगबली! 🚩
ॐ नमः शिवाय को
पंचाक्षर मंत्र क्यों कहते हैं?
क्योंकि मूल मंत्र नमः शिवाय के पाँच अक्षर हैं
न • म • शि • वा • य
ॐ जोड़ने पर यह षडाक्षर बन जाता है,
लेकिन परंपरा में इसे पंचाक्षर कहा जाता है
ये पाँच अक्षर पाँच तत्वों के प्रतीक हैं:
नवरात्रि के नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री के श्रीचरणों में कोटि-कोटि नमन!
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
माँ सिद्धिदात्री अपने भक्तों को सिद्धियाँ, ज्ञान, शक्ति और सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं। उनकी कृपा से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और मन में नई ऊर्जा का संचार होता है।
माँ सिद्धिदात्री आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करें।
जय माता दी! 🚩
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महागौरी - नवरात्रि की अष्टम शक्ति
1. स्वरूप💐
माँ महागौरी का वर्ण अत्यंत गौर, जैसे शंख, चंद्र और कुंद के फूल। इनकी चार भुजाएँ हैं। ऊपर के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बायें ��ाथ में डमरू है। नीचे के दो हाथ अभय और वरद मुद्रा में हैं। इनका वाहन वृषभ है और ये श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, इसलिए इन्हें श्वेतांबरा भी कहते हैं। इनकी आयु आठ वर्ष की कन्या जैसी मानी जाती है।
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श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरध��ा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
आदिशक्ति माँ दुर्गा के अष्टम स्वरूप माँ महागौरी की आराधना से साधक के जीवन में पवित्रता, आत्मसंयम और शक्ति का संचार होता है।
जगज्जननी माँ से प्रार्थना है कि सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सुख और शांति का वास हो, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण हों तथा घर-आंगन नई आशा व नव ऊर्जा से आलोकित हो।
जय माँ महागौरी।