7 गुण
सुख : किसी भी परिस्थिति में स्थिर रहने की अवस्था
शांति : आत्मा की स्वाभाविक और शांत अवस्था
प्रेम : निस्वार्थ और सर्वव्यापी आत्मिक भावना
पवित्रता : मन, वचन और कर्म में निर्मलता
आनंद : भीतर से आने वाली सच्ची खुशी
ज्ञान : स्वयं और सृष्टि के आदि-मध्य-अंत की
समझ
शक्ति:
यदि आप ने स्वयं का अनुभव कर लिया तो फिर किसी से भी किसी की भी अपेक्षा नहीं रखते, न चिंता न शिकायत न भय फिर सिर्फ आनन्द बचता हैं और शांति से इस जीवन प्रवाह को देखते हैं और महशूस होगा जीवन कितना सुंदर हैं।