@sumit1kalra अभिजीत डिपके और सोनम वांगचुक सीआईए/आई एस आई के भाड़े के टट्टू हैं। इनका प्रोटेस्ट “शाहीन बाग-II” होने वाला है जिसकी फंडिंग भारत में माहौल बिगाड़ने के लिए की जा रही है।इस फंडिंग की जाँच कर कानूनी कार्रवाई कर इन्हें तुरन्त देशद्रोह के अंतर्गत आजीवन ��ारावास दिया जाना चाहिए।
कुछ दिन बाद आप टीवी पर खबर सुनेंगे कि जंतर मंतर को शाहीन बाग की तर्ज पर एक नया भारत विरोधी मंच बनाया गया.......!
आप तस्वीरें देख रहे होंगे रोज़ सोशल मीडिया पर सफेद जालीदार टोपी वाले कोई खाना बाँट रहा कोई हाथ पंखा लेके हवा कर रहा ,कोई कंबल ला रहा आपको क्या लगता है ये कोई सेवा हो रही है,
अगर ऐसा आप सोचते है तो गलत सोच रहे है यह कोई सेवा नहीं बल्कि हमारे देश मैं एक नया मंच तैयार हो रहा है देश विरोधी नारे लगाने का देश के खिलाफ प्रोपोगेंडा खड़ा करने का देश के प्रधानमंत्री को गाली देने का,
क्यों कि आज जो ये कॉकरोच जनता पार्टी वाले NEET पेपर लीक के मामले को साथ लेकर धरना करना शुरू किए थे वो तो मामला पूरी तरह समाप्त हो चुका है जिन बच्चों की पेपर लीक की वजह से परीक्षा छूटी थी उसे पूरा हुए एक हफ्ते से ज्यादा हो गया,
अब ये किस मुंह से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे है क्यों कि पेपर लीक करने वाले कानून के शिकंजे मैं है अब ऐसा तो है नहीं कि धर्मेद्र प्रधान ने पेपर निकाला और खुद लीक कर दिया,
वैसे इनका धरना तो उसी दिन समाप्त हो गया था जब यह पहली बार जंतर मंतर पहुंचे थे क्यों कि अपना वजूद सोशल मीडिया के 22 मिलियन फॉलोअर के नाम पर खड़ा किया था और 2200 लोग भी समर्थन देने नहीं पहुंचे थे,
उसी दिन दूध का दूध पानी का पानी हो गया था क्यों कि यह बात सभी को पता चल चुकी थी कि जो ये कॉकरोच जनता पार्टी का आका अभिजीत दीपके देश मैं न�� क्रांति लाने वाला था वो खुद अपनी हरकतों की वजह से अमेरिका द्वारा लात मारकर भगाया गया था,
बाकी बची हुई कसर इसके द्वारा जो प्रवक्ता चुने गए जिनकी मानसिकता हिंदू धर्म के खिलाफ थी देश के खिलाफ थी ओर जो भारत के टुकड़े करने वालो के समर्थक निकले तो जो लोग इन्हें समर्थन देने वाले थे वो भी इस आंदोलन से दूर हो गए,
वो तो भला हो हमारे देश के सबसे बड़े झूठे,मक्कार नेता अरविंद केजरीवाल का जिसने इन लोगों पर अपना हाथ फेरा नहीं तो ये कब के अपने अपने घर पहुंच गए होते,
अब वापस आते है शाहीन बाग वाली बात पर आप देख रहे है कि किस तरह सेवा के लिए खाना पीना फ्री मैं बांटा जा रहा है लेकिन असल मैं यह सब कोई फ्री सेवा नहीं बल्कि इन लोगों का फायदा ही है,
यह सब करके आने वाला समय मैं जब भी कोई कानून देश की नरेंद्र मोदी सरकार अल्पसंख्यक के लिए लाएगी तब इन्हीं कॉकरोचों के 22 मिलियन जाहिलो का समर्थन मांगा जाएगा जो इनके लिए दहाड़े मारकर छाती पीट सके,
वरना आप खुद सोचिए कि जो 10 किलो चावल 5 किलो गेहूं सरकार से लेके घर चला रहे हो वो कहा से 1 हजार लोगों का खाने की व्यवस्था कर सकते है,
आज तस्वीरों मैं जो हिन्दू मुस्लिम एकता नजर आ रही है वो कही ना कही देश मैं एक नया बखेड़ा शुरू होने का संकेत है
क्यों कि यह जितने लोग जंतर मंतर पर भेला हुए है वो हर दिन मोदी, बीजेपी,RSS, बजरंग दल, ब्राह्मण को गाली देते है वो सिर्फ ओर सिर्फ एक फेक ���ैरेटिव के तहत अपना अस्तित्व बनाने के लिए है,
क्यों कि आप खुद सोचिए कि इसमें सोनम वांगचुक जैसे भारत विरोधी, अभिनय मैथ्स वाले सरकार विरोधी , आरफा जैसे हिंदू विरोधी ही क्यों जुड़ रहे है,
अब जल्द से जल्द इस प्रोटेस्ट की खत्म करने की जरूरत है
सत्ता हाथ में आने के लगभग सत्तर सालों तक इसकी पार्टी ने राम लाल को त्रिपाल में रहने दिया |
आज जरा सा मौका मिलने पर कह रही है कि भाजपा की राम मंदिर पर बपौती नहीं | 😡
सुप्रिया सुनो सिर्फ भाजपा आरएसएस की नहीं बल्कि मंदिर निर्म��ण के लिए संघर्ष करने वाले हर हिंदू की बपौती है |
एक समय ऐसा था कि रात के अंधेरे में मूर्तियाँ रख दी गयी थी-
जो यह मान चुके हैं कि अयोध्या में श्री राम की मूर्तियाँ रात के अंधेरे में रखी गई हैं, श्री राम मंदिर अयोध्या में था ही नहीं?
मान चुके इसलिए कहा क्योंकि य़ह आरोप मुस्लिमों का था... वह कुछ समय पूर्व अयोध्या में ही अखिलेश यादव लगा चुके हैं।
जबकि विश्व विदित है प्रभु श्री राम जी का प्राकट्य हुआ है!
अखिलेश यादव मंदिरों के बारे में यह सोच रखते हैं, कि हिन्दू धर्म में पत्थर रख दो लाल कपड़ा रख दो मंदिर बन गया।
अब वह मौका देखकर इस समय राम भक्त बन गये हैं?
अब आस्था की बात करते हैं... जबकि सनातनियों की आस्था से खेलने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी?
उ.प्र. के पूर्व मुख्यमँत्री अखिलेश यादव सत्ता में वापसी के लिए खुदको हिंदू दिखाने की जो कोशिश कर रहे हैं ,बेज़ा ही है।आखिर
उत्तर प्रदेश वालो की ऐसी क्या मजबूरी है या जरूरत है जो माननीय योगी जी को हटाकर अखिलेश को मुख्यमँत्री बना दें।
अखिलेश ,जो पैदा तो हिंदू ही हुए थे लेकिन सत्ता में रहते हुए कर्म ऐसे बुरे किए कि इसे भी लोगों को साबित करना पड़ रहा है, मँदिर जाने का दिखावा करना पड़ रहा है।। इन्हें लगता है कि हिंदू मँदिर -मँदिर जाने वाले को वोट दे देता है ।मँदिर बनाने वाले को वोट दे देता है ।
अखिलेश जी हिंदू सहिष्णु जरुर है लेकिन मूर्ख नहीं है।
अखिलेश जी हिंदू वो�� देता है विकास के नाम पर , सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर,स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर।
अयोध्या में राम मँदिर बनाया नहीं गया है , वहाँ राम मँदिर था, जिसे तोड़ा गया था विधर्मियों द्वारा। इसलिए वहाँ मँदिर बनाना जरूरी था और दुबारा बनाया भी गया ।और आगे भी लूटेरों द्वारा तोड़े गए बाकी सभी महत्वपूर्ण मँदिरों को दुबारा बनाया जायेगा। लेकिन आप ऐसा नहीं कर पायेंगे क्योंकि आपकी पूरी राजनीति तो उन्��ीं के दम पर चलती है जो मँदिर तोड़ने वालों को अपना नायक मानते हैं। नहीं तो कृष्णजन्म भूमि की मुक्ति की लड़ाई आप कब की शुरू कर देते।
सच तो ये हैं न तो आप राम के हैं न कृष्ण के हैं आप सिर्फ सत्ता लोभी हैं।
राम मँदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में भी आप मजे लेते हुए,व्यंग करते हुए अधिक दिखते है बजाय दुखी होने के।
अखिलेश जी आपका मानना हैं कि याद व और मु स लमा न किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त नहीं हो सकते,न होते हैं। इसलिए आपकी सरकार आते ही ये सभी कानून से ऊपर उठ जात�� हैं। और ये कानून को ठेंगा दिखाकर मनमाना आचरण करने लगते हैं।
अखिलेश जी आपकी सत्तामे में वापिसी से नुकसान बहुत ज्यादा है और फायदा कुछ भी नहीं।
अखिलेश जी आप और आपका परिवार मँदिर बराबर जाते रहिए ,भगवान बड़े दयालु हैं।कुछ नहीं देते तो सदबुद्धि जरूर देते हैं।
लेकिन फिलहाल सत्ता की लालसा छोड़ दीजिए क्योंकि आपका और आपके पिता जी का राजनैतिक इतिहास इतना खराब है कि जबतक वर्तमान सरकार कुछ ऐसा पाप न कर दे जो आपकी भूतपूर्व सरकारों द्वारा किए गए बुरे कामों से भी ज्यादा खराब न हो तब तक आपकी सत्ता में वापसी असंभव ही समझिए।
वक्फ बोर्ड पर सवाल पूछो तो सन्नाटा... 🤐
चर्च और मस्जिद की बात करो तो चुप्पी... 🤫
लेकिन राम और राम मंदिर का नाम आते ही सबसे पहले
आवाज़ उठ जाती है! 🚩
अगर पारदर्शिता चाहिए, तो हर संस्था से चाहिए।
मजहब की आड़ में Waqf Board ��ी हजारों क��ोड़ की
संपत्तियां, आय का स्रोत, खर्च और ऑडिट पर सवाल क्यों नहीं?
चयनात्मक विरोध ही तुष्टिकरण की सबसे बड़ी पहचान है।
संजय निषाद ने अखिलेश यादव से यही सवाल पूछकर राजनीतिक बहस को नई दिशा दे दी।
#WaqfBoard #SanjayNishad #AkhileshYadav #Politics #Transparency
कितना झूठ बोलोगे बे
84 कोसी परिक्रमा अखिलेश यादव ने रोकी थी उसका मंत्री आजम खान कैमरे पर आकर 84 कोसी परिक्रमा के खिलाफ जहर उगल रहा था
यह मीडिया कवरेज देख लेना
बरेली और रामपुर तथा मुरादाबाद तीन जगह पर कावड़ यात्रा अखिलेश यादव ने रोक दिया था गई थी
बरेली में कावड़ यात्रा रोके जाने पर भीषण दंगे भड़के थे गूगल पर सर्च कर लेना
कृष्ण जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा की प्रतिमाओं और ���णेश चतुर्थ��� पर गणेश जी की प्रतिमाओं के विसर्जन पर अखिलेश यादव ने रोक लगाया था इस रोक के खिलाफ तो काशी में अविमुक्तेश्वरानंद धरना प्रदर्शन कर रहे थे फिर अखिलेश यादव ने उनको लाठी लाठी मार कर खोपड़ी तोड़ दिया था हाथ पैर में फ्रैक्चर कर दिया था
जर्मनी में गर्मी से 80% से ज्यादा सड़क टूट गई है दरारें आ गई है उबड़ खाबड़ बन चुकी है
लेकिन यह जर्मन शेफर्ड @dhruv_rathee जो जर्मनी में रहता है इस पर अगर एक वीडियो बनाकर जर्मन सरकार से सवाल किया तो इसके पिछवाड़े लात मार कर जर्मनी से भगा दिया जाएगा
आप कल्पना करिए अगर भारत में गर्मी से सड़के टूटती तब ये लंबा चौड़ा वीडियो बनाकर कहता कि तुमने कैसी सड़क बनाई है जो गर्मी नहीं झेल सके
मैडम का नाम वत्सला अग्रवाल है. दिल्ली में हेल्थ सर्विसेज की चीफ है
बीते दिन गिरफ्तार हुई है.बस 600 करोड रुपए का ही तो घोटाला किया था
बस 10 लाख की एक्स-रे मशीन 35 लाख में
₹100 क�� चादर 450 रुपए में
₹20 का ओआरएस 250 रुपए में और बाकी की चीज भी कुछ ऐसी ही सस्ते दामों में खरीदी थी अस्पताल के लिए
बड़प्पन देखिए किसी और को फसने नहीं दिया
सारी सस्ती खरीदारी अपनों से ही की. अपने साथ अपनों का भी विकास किया
तुम भूल गए लेकिन हम मरते दम तक याद रखेंगे, मोदी सरकार से पहले जब 2004 से 2013 तक केंद्र में Indian National Congress की #नपुंसक_सरकार और रक्षा मंत्री मुल्ला मुलायम था तब कश्मीर में हमारी वीर भारतीय सेना के साथ कश्मीरी मुस्लिम और मुस्���िम आतंकवादीयो द्वारा ये अभ��्रता और जुल्म किए जाते थी जिसे देख कर हर हिन्दू का खून खौल उठता था।
तब नपुसंक सरकार थी, कुत्तों को खीर के प्याले परोसे जाते थे। सेना के वीर जवान अपमानित होते थे।
आज कोई सु vर सेना की तरफ आंख उठाकर देखे आंखे नोच दी जाती
🇮🇳 जय हिन्द भारतीय सेना 🙏
लद्दाख की ये लड़की खुलकर बोल रही है ये नकली पर्यावरणवादी क्षेत्र को अस्थिर करने वाला है।
ये सोनम वांगचुक, जो पर्यावरण का ठेकेदार बनकर घूमता है, असल में लेह के प्रदर्शनों का मास्टरमाइंड है। जलती गाड़ियां, पत्थरबाजी, पुलिस पर हमला सब इसी के इशारे पर। हंगर स्ट्राइक का ड्रामा करके विक्टिम कार्ड खेलता है, लेकि��� असल चेहरा ये है।
आज की नई पीढ़ी शायद भूल गई की सरला भट्ट जो एक नर्स थी यासीन मलिक अपने साथियों के साथ उनका बलात्कार करके उनकी हत्या कर दिया था
वही यासीन मलिक जिसे मनमोहन सिंह अतिथि की तरह प्रधानमंत्री आवास में बुलाते थे स्वागत करते थे
इतना ही नहीं जब सरला ��ट्ट का अंतिम संस्कार होने वाला था तब स्थानीय मुसलमानो ने सरला भट्ट का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया था
उन्हें भारतीय एजेंट कहा था अंत में उनकी लाश को जम्मू लाकर अंतिम संस्कार किया गया
भगवंत मान पहले सर झुका के बैठा था आज आप पंजाब का पूरा मंत्रिपरिषद अकाल तख्त के सामने सरेंडर करके बैठी है!
कहा गए सेक्युलरिज्म के ठेकेदार 🤔
बीजेपी के नेता मंदिर जाए तो स��के पेट में दर्द हो जाता है ! बीजेपी को सबक सेक्युलरिज्म का पाठ पढ़ाने लगते हैं 🙄
In an affidavit filed in the Delhi High Court, jailed terrorist Yasin Malik has claimed that in 2006, he met Lashkar-e-Taiba founder Hafiz Saeed in Pakistan at the behest of Indian government intelligence officials.
Yasin Malik alleges that upon his return from Pakistan, when he debriefed PM Manmohan Singh on this back-channel talk, Manmohan Singh personally thanked him for the effort.
Wow.... What a master stroke that was..
Ek terrorist ko dusre terrorist ke pass baat karne bheja, jammu kashmir mein shanti laane ke liye.. 🙄
योगीजी मुझे बचाइए, मैं एक ब्राह्मण हूँ हमारे घर की
महिलाएँ यहाँ से बाहर भी नहीं निकलती
यहाँ मुसलमान लोग हमको घर से बाहर नहीं निकलने
देते हम कैसे जिये.? ग्राम प्रधान हमको जीने नहीं दे
रहे ग्राम प्रधान के सहयोगी मुसलमान लोग है
सनातनियों ये वीडियो योगीजी तक पहुंचाओ 🙏
शर्म करो कांग्रेसियों!
भगवान राम को "इमाम" ��ह रही है कांग्रेस दरबारी सुप्रिया श्रीनेत।
तुष्टिकरण में डूबी कांग्रेस— भगवान को "इमाम" बताती है,
राहुल को "परशुराम" कहती है,
और राम सेतु को "काल्पनिक" बताती है।
@SupriyaShrinate
@INCIndia
#Congress #SupriyaShrinate #LordRam #Politics #India
महान अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की सरकार में लोगों के लिए अपना परिवार चला पाना भी मुश्किल होता था।
आज मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाने वाले जुनैद मियां रोज़ 3 लाख रुपये काकरोचों को मुफ्त का खाना खिलाने पर खर्च कर रहे हैं।
अब बताइए, कितना विकास चाहिए ?
और कितने अच्छे दिन चाहिए चमचों ?
अखिलेश भैया को पता चल गया है,
जालीदार टोपी वाले अब साथ नहीं देंगे,
क्योंकि ओवैसी आने वाला है...😂😆
इसलिए अब माथे पर टिका लगाकर सनातनियों को अपने तरफ खींचू...😃अखिलेश यादव जी की नई चाल, सनातनियों को ���ुभाने की कोशिश, लेकिन अब तो दे�� हो चुकी है! 😂
केजरीवाल 2.0 पैदा होना चाहता है।
जैसे केजरीवाल ने अण्णा को भूख हड़ताल पर बैठा कर खुद सत्ता की मलाई चाटी वैसे ही दीपके भी वांगचुक को भूख हड़ताल पर बैठा कर खुद सत्ता पाना चाहता है।
फर्क सिर्फ इतना है कि अण्णा आंदोलन के समय जनता यूपीए से त्रस्त थी इसलिए केजरीवाल के झाँसे में आ गई।
बिल्कुल सटीक प्लानिंग, आन्दोलन से जुड़े लोगों की (तब तक) स्वच्छ छवि ने जनता को नई आशा दी थी।
इस बार lgbtq+डफली गैंग+पेशेवर आंदोलनजीवीयों ने आरंभ में ही भट्टा बैठा दिया है। जो लोग जुड़ सकते थे वो भी इन घिनौने कॉकरोचों को देखकर छिटक गए।
केज���ीवाल के सबक के बाद जनता भी समझदार हो गई है।
अब दीपके जनता से गिड़गिड़ाकर जंतरमंतर पहुँचने की अपील कर रहा है और 100-150 से ज्यादा लोग पहुँच नहीं रहे।
उसपर भी स्वतंत्र मीडियाकर्मियों ने सवाल पूछकर कहर मचा रखा है। कुछ दिनों में विटामिन अटेंशन की कमी से ये आंदोलन भरी बरस���त में सूख जाएगा।
काठ की हांडी थी, एक बार चढ़ गई, दुबारा न चढ़ेगी!
समझे चंपक? 😂😂