पंजाब में अपना हक़ माँग रहे GenZ students को केजरीवाल जी और भगवंत मान की सरकार बेरहमी से लाठी डंडे मार रही है और सड़कों पर घसीट रही है।
ये लोग अपनी नौकरी के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। इस प्रकार से बच्चों को मारना पीटना केजरीवाल-भगवंत मान जी का असली चेहरा उजागर करती है।
केजरीवाल जी रोज़ वीडियो बनाकर GenZ को सड़क पर आने के लिए बोलते हैं और ख़ुद अपनी सरकार से उन्हें डंडे पड़वाते है। SHAME
सोचा एक बार फिर याद दिला दूँ । आप सब भूल गए होंगे ।
डॉ मनमोहन सिंह ने नोबल पुरस्कार विजेता "डॉ अमर्त्यसेन" को असीमित अधिकारों के साथ नालंदा विश्वविद्यालय का प्रथम चांसलर नियुक्त किया। उन्हें इतनी स्वायत्तता दी गयी कि उन्हें विश्विद्यालय के नाम पर बिना किसी स्वीकृति और जवाबदेही के कितनी भी धनराशि अपने इच्छानुसार खर्च करने एवं नियुक्तियों आदि का अधिकार था । उनके द्वारा लिए गये निर्णयों एवं व्यय किये गये धन का कोई भी हिसाब-किताब सरकार को नहीं देना था ।
क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि छुपे रुस्तम मनमोहन सिंह और अमर्त्यसेन ने मिलकर किस तरह से जनता की गाढ़ी कमाई और टैक्स के पैसों से भयंकर लूट मचाई ? वो भी तब जबकि अमर्त्यसेन अमेरिका में बैठे बैठे ही 5 लाख रुपये का मासिक वेतन ले रहे थे जितनी कि संवैधानिक रूप से भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्य चुनाव आयुक्त, रक्षा सेनाओं के अध्यक्षों, कैबिनेट सचिव या किसी भी नौकरशाह को भी दिए जाने का कोई प्रावधान ही नहीं है ।
इतना ही नहीं अमर्त्यसेन को अनेक भत्तों के साथ साथ असीमित विदेश यात्राओं और उस पर असीमित खर्च करने का भी अधिकार था ।
कहानी का अंत यहीं पर नहीं हुआ बल्कि उन्होंने मनमोहनी कृपा से 2007 से 2014 की सात वर्षों की अवधि में कुल 2730 करोड बतौर चांसलर नालंदा विश्वविद्यालय खर्च किये.... आपकी आंखें फटी रह गयी न ... विश्वास नहीं हो रहा न कि मनमोहन सिंह ईमानदारी के चोंगे में कितने बड़े छुपे रुस्तम थे ?
चूंकि यूपीए सरकार द्वारा संसद में पारित कानून के तहत अमर्त्यसेन के द्वारा किये गये खर्चों की न तो कोई जवाबदेही थी और न ही कोई ऑडिट होना था और न ही कोई हिसाब उन्हें देना था इसलिए देश को कभी शायद पता ही न चले कि दो हज़ार सात सौ तीस करोड़ रुपये आखिर गये कहाँ ?
राफेल राफेल चिल्लाने वाले राहुल और रंक से राजा बने दर्जाप्राप्त भूमाफिया रॉबर्ट वाड्रा की धर्मपत्नी प्रियंका वाड्रा की पारिवारिक विरासत ही है कानूनी जामा पहना कर संगठित लूट की ताकि कानून के हाथ कितने भी लंबे हो जायँ पर उनका कुछ न बिगड़े ।
ऐसी ही संस्कृति में पलने बढ़ने के कारण दोनों भाई-बहनों में कोई आत्मग्लानि का भाव है ही नहीं बल्कि आंखों में बेशर्मी की चमक हो जैसे...किस मुंह से ये गरीब, दलित, किसान और पिछड़ों के हक की लड़ाई लड़ने की बात करते हैं !! निपट ढोंग है ये ।
अभी कहानी खत्म नहीं हुई, पिक्चर अभी बाकी है -
अमर्त्यसेन सेन ने जो नियुक्तियां कीं उसपर भी कानूनन कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता । उन्होंने किन किन की नियुक्तियां कीं ... आइये ये भी जान लेते हैं -
प्रथम चार नियुक्तियां जो उन्होंने कीं वो थे -
1. डॉ उपिंदर सिंह
2. अंजना शर्मा
3. नवजोत लाहिरी
4. गोपा सब्बरवाल
..... कौन थे ये लोग
... ? ? जानेंगे तो मनमोहन सिंह के चेहरे से नकाब उतर जायेगा ।
डॉ उपिंदर सिंह मनमोहन सिंह की सबसे बड़ी पुत्री हैं और बाकी तीन उनकी करीबी दोस्त और सहयोगी ।
इन चार नियुक्तियों के तुरंत बाद अमर्त्यसेन ने जो अगली दो नियुक्तियां कीं वो गेस्ट फैकल्टी अर्थात अतिथि प्राध्यापक की थी और वो थे -
1. दामन सिंह
2. अमृत सिंह
.....गोया ये कौन थे ?
पहला नाम डॉ मनमोहन सिंह की मझली पुत्री और दूसरा नाम उनकी सबसे छोटी पुत्री का है ।
और सबसे अद्वितीय बात जो दामन सिंह और अमृत सिंह के बारे है वो ये कि ये दोनों "मेहमान प्राध्यापक" अपने सात वर्षों के कार्यकाल में कभी भी नालंदा विश्वविद्यालय नहीं आयी ... पर बतौर प्राध्यापक ये अमेरिका में बैठे बैठे ही लगातार सात सालों तक भारी-भरकम वेतन लेती रहीं ।
उस दौर में नालंदा विश्वविद्यालय की संक्षिप्त विशेषता ये थी कि -
विश्विद्यालय का एक ही भवन था, इसके कुल 7 फैकल्टी मेम्बर और कुछ गेस्ट फैकल्टी मेम्बर (जो कभी नालंदा आये ही नहीं ) ही नियुक्त किये गये जो अमर्त्यसेन और मनमोहन सिंह के करीबी और रिश्तेदार थे । विश्विद्यालय में बमुश्किल 100 छात्र भी नहीं थे और न ही कोई वहां कोई बड़ा वैज्ञानिक शोध कार्य ही होता था जिसमे भारी भरकम उपकरण या केमिकल आदि का प्रयोग होता हो ।
फिर वो 2730 करोड़ रुपये गये कहाँ आखिर ?
मोदी जब सत्ता में आये और उन्हें जब इस कानूनी लूट की जानकारी हुई तो अमर्त्यसेन के साथ साथ मनमोहनी पुत्रियों को भी तत्काल बाहर का रास्ता दिखा दिया ।
कहाँ गए वो राफेल राफेल चिल्लाने वाले... लौट आये बैंकॉक से ? कहाँ गयी गरीब किसान की पत्नी जिनके साथ अत्याचार हो रहा है ....अभी गरीब गुरबा के साथ सेल्फी में ही जुटी हैं क्या ? कहाँ गये वो 49 मॉब लिंचिंग के स्वयम्भू चिंतक जिनके पीठ पर लदा पुरस्कारों का अहसान अभी उतरा नहीं है तो आंखों में बेहयाई अभी बाकी है ?
अखिलेश यादव के गुंडों को देखिए 👇
चंदौली में समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल के साथ हुई बर्बर मारपीट ने सपा के भीतर की सच्चाई एक बार फिर उजागर कर दी है। सपा नेता मनोज यादव, अमित यादव और उनके परिवार ने महिला पर लात-घूंसों, डंडों से हमला किया। एक महिला के साथ इस तरह की हिंसा बेहद निंदनीय है।
जब अपनी ही पार्टी की महिला पदाधिकारी सुरक्षित नहीं है, तो सवाल उठता है कि ऐसे लोग अगर सत्ता में आ जाएं तो आम जनता और महिलाओं की सुरक्षा का क्या होगा?
Please join at the Book Launch on Wednesday…
Come and hear about Late Arun Jaitley from some of his close friends and colleagues as we unveil my book - The Life and Legacy of Arun Jaitley.
Please inbox for invitation card.
@sonalijaitley@ombooksdelhi#ArunJaitley
Remembering former Union Minister, Arun Jaitley Ji on his Jayanti.
An exceptional legal luminary, his visionary leadership & unwavering dedication to public service have left an enduring mark on the nation, continuing to be our guiding light.
Humble tributes to the Former Finance Minister Arun Jaitley on his birth anniversary.
His sharp intellect, decisive leadership, and unwavering dedication to public service continue to set a benchmark for excellence in governance.
#ArunJaitley
Remembering the stalwart leader and eminent lawyer Shri Arun Jaitley ji on his jayanthi.
The path-breaking reforms during his tenure as Finance Minister, have left a towering legacy for India’s economic growth and nation-building.
Salutations to the eloquent orator, legal luminary, former Finance Minister, Padma Vibhushan Arun Jaitley ji, on his Birth Anniversary!
Our Nation is ever grateful to him for his remarkable contribution to the implementation of ‘One Nation, One Tax’ !
'एक देश, एक कर' रचना देशात लागू करण्यात मोलाचे योगदान देणारे, ओजस्वी वक्ते, ज्येष्ठ विधिज्ञ, माजी अर्थमंत्री, आमचे नेते व प्रेरणास्थान, पद्मविभूषण अरुणजी जेटली यांना जयंतीदिनी विनम्र अभिवादन!
#ArunJaitley #BJP #अरुण_जेटली #maharahstra #भाजपा #OneNationOneTax
BJP General Secretary ( Org.) Shri BL Santhosh ji offered floral tributes to Late Sri Arun Jaitley ji on the occasion of his birth anniversary day . Jaitley ji’s Family members were also present on the occasion.
On the birth anniversary of Padma Vibhushan Shri Arun Jaitley, we pay tribute to a statesman whose contributions to nation-building, economic reforms and parliamentary traditions continue to inspire the country.
Fondly Remembering senior BJP leader & former Union minister, Padma Vibhushan Shri Arun Jaitley ji on his birth anniversary.
His wisdom, guidance, and friendly warmth are unforgettable.
His exemplary service, contribution and dedication to the nation remain a guiding light for all of us.
#ArunJaitley #Jayanti #ArunJaitleyBirthAnniversary
#WATCH | Delhi | Defence Minister Rajnath Singh pays floral tribute at the statue of former Union Minister Arun Jaitley on the occassion of his birth anniversary.
My humble tributes to former Union Minister and legal luminary Shri Arun Jaitley ji on his birth anniversary. He will always be remembered for his sharp and nuanced articulation in Parliament and as one of BJP’s most reliable voices in the media. 🙏
Presented the first copy of my book - The Life and Legacy of Arun Jaitley, to Sangeeta Jaitley ji, wife of Late Arun Jaitley Ji, in the presence of Sonali Jaitley (Arun Ji’s daughter) and other family members, friends and others, in front of Arun Jaitley Ji’s statue in DDCA premises. He would have turned 73 today.
Order your copy here https://t.co/Kgevq5dWig
#ArunJaitley