The "Body Positivity" Deception
The rise of "body positivity" has twisted the concept of self-acceptance into glorifying unhealthy lifestyles. Obesity, once recognized as a serious health risk, is now celebrated as an alternative version of health, all under the guise of promoting self-love.
This dangerous narrative not only normalizes life-threatening conditions but discourages individuals from taking responsibility for their health, ultimately benefiting industries that profit from illness, such as Big Pharma and the processed food sector.
कल और आज में कितना फर्क है. अगर सब कुछ हमारी आंखों के सामने नहीं घटित हुआ होता तो शायद यकीन भी नहीं होता. यही लगता कि मनमोहन सिंह के बारे में झूठा प्रचार किया जा रहा है. लेकिन हमने देखा है कि कैसे -
कल- भ्रष्टाचार के आरोप लगे, सिविल सोसाइटी ने विरोध प्रदर्शन क���या. विपक्ष ने इस्तीफे की मांग की. मनमोहन सिंह ने सुरेश कलमाड़ी, ए राजा का इस्तीफा ले लिया. इस्तीफा ही नहीं लिया. जेल भी भेजा.
आज- दुनिया ने देखा. अजय मिश्रा टेनी के बेटे ने किसानों को अपनी जीप से कुचल दिया. कुचलने से पहले उसने बकायदा धमकी दी. टेनी के खिलाफ कार्रवाई या उसके इस्तीफे की बात छोड़िए किसानों के खिलाफ ही केस दर्ज हो गया. आज तक भुगत रहे हैं.
बृजभूषण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप लगा. निष्कासित करने या जांच की बात भूल जाइए. वह अट्ठहास करता रहा. मीडिया को धमकाता रहा. कुश्ती संघ पर आज भी उसी का नियंत्रण है.
कल- मुंबई आतंकी हमलों के बाद गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने सूट बदल ��िया. मीडिया ने मुद्दा उछाला. कहा-देश में शोक की लहर है. पाटिल साब को कपड़ों की पड़ी है. मनमोहन सिंह ने पाटिल को हटा दिया.
आज- खुद साहबान ही सौ मर्तबा कपड़ा बदलते हैं. लद्दाख में चीन की घुसपैठ कहां तक हुई, कितनी हुई-किसी को नहीं पता. पुलवामा,पठानकोट का सच क्या है? कोई नहीं जानता. जांच की मांग करने वालों को पाकिस्तान का यार, देश का गद्दार कहा जाता है.
कल- इसी जंतर-मंतर पर, रामलीला मैदान में अन्ना हज़ार��� ने आंदोलन किया था. किरण बेदी से लेकर केजरीवाल तक सब मनमोहन सिंह के मंत्रियों के खिलाफ़ ईमानदारी का फतवा जारी करते थे. न अन्ना हजारे के खिलाफ केस हुआ, न केजरीवाल के.
आज- अन्ना हजारे जीवन के आखिरी दौर में हैं. कोई नामलेवा तक नहीं बचा. केजरीवाल दिल्ली के सीएम बने. किरण बेदी गवर्नर बनीं. केजरीवाल ने मोदी के खिलाफ बोलना शुरू किया. जेल भेज दिया. ऐसा रगड़ा कि अब जुबान हलक से बाहर नहीं निकलती. किरण बेदी गायब हैं.
कल- स्वामी रामदेव उर्फ रामकिशन यादव नाम का फ्रॉड रोज जनता के खाते में 15 लाख रुपये डालता था. काले धन के खिलाफ उसने मुहिम छेड़ रखी थी. मनमोहन सिंह ने अपने सीनियर मंत्रियों को उससे बातचीत करने के लिए भेजा. फिर भी अकड़ा रहा. जरा सी सख्ती दिखाई तो कायर सलवार पहनकर भाग निकला.
आज- रामदेव की याददा���्त ही चली गई है. काला धन शब्द वह भूल चुका है. 2014 के बाद से दिल्ली की तरफ उसने देखा ही नहीं. जड़ी-बूटी और तेल बेचकर पैसा छाप रहा.
कल- जवाहरलाल विश्वविद्यालय में मनमोहन सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ. जहां तक मुझे याद आ रहा है कि पुलिस के साथ AISA के छात्र नेताओं की झड़प भी हुई थी. प्रशासन ने छात्रों के खिलाफ थोड़ी सख्ती दिखाई. मनमोहन सिंह ने कहा-नरमी बरतिये. छात्र हैं. विरोध प्रदर्शन उनका हक.
आज- प्रोपगंडा चलाकर जेएनयू को तबाह कर दिया गया.उसे राष्ट्रद्रोह का अड्डा बताया गया. वहां पढ़ने वाली लड़कियों को एस्कॉर्ट, लड़कों को देशद्रोही साबित कर दिया गया. कन्हैया किसी तरह से बचा. उमर खालिद अभी भी जेल में है.
कल और आज में सचमुच बड़ा फर्क है. अब जबकि मनमोहन सिंह इस दुनिया में नहीं है, वह फर्क और बड़ा बनता जा रहा है.
#ManmohanSingh
It's a good morning!!
Published in The British Medical Journal! The study draws on the findings from the community perspective and healthcare assessment in 11 Malaria endemic states of India.
Link: https://t.co/V8yOTQqQhc
@GlobalHealthBMJ@BMJ_Open@bmj_latest
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Dr. Bidhan Chandra Roy, a visionary physician, educationist and a freedom fighter, who served as the second Chief Minister of West Bengal.
Our heartfelt gratitude for Doctors and healthcare workers for their tireless efforts and dedication.
#DoctorsDay#DoctorsDay2024#doctor
Lady Hardinge Medical College & Associated Hospitals begins its dialysis facility after 20 years. The machines were once condemned without being utilised in 1995. Health infrastructure strengthening plays a critical role in delivering access to quality healthcare
@MoHFW_INDIA
Being in #PublicHealth has been a striking experience! Waiting for many more to come...
This is Tripura, known for its high endemicity to Malaria. How certain geographies will continue to impact people's health, Tripura is one the examples.
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