मेरा मन अब ऊब गया है ।
ट्वीटर छोड़ने का मन कर रहा है ।
यहां की भीड़ पागल है ।
नफरत फैलाओ , तो सियारों की तरह चिल्लाएगी आपके साथ ।
किसी को गाली दो ,तो खूब वाह वाही करेगी ।
बाकी सोचो सामान्य रहे तो बेकार है ।
एक समाज के तौर पर यहां के लोग आज के समय में अस्तित्व हीन हो चुके हैं ।
नफरती गैंग यहां पर बढ़ रहे हैं । और रोज गैंगवार हो रही है ।
😔😔
आदरणीय जिलाधिकारी @SultanpurDm महोदय,
ये फोटो आपके सुल्तानपुर की विकास की गाथा कह रहे हैं, कागजों पर चाहे जितना डाटा साफ सुथरा बना कर मुख्यमंत्री को प्रस्तुत कर दिया जाये लेकिन हकीकत ऐसी है सुल्तानपुर के गाँवों की.....!
महोदय ये कच्ची सड़क स्थित है ग्राम भदहरा, विकासखंड-कुड़वार जिला सुल्तानपुर मे, इस सड़क से ग्रामीण अपने जरूरी काम से और बच्चे स्कूल जाते हैं, बारिश मे ये सड़क किस हाल मे है वो आप इन फोटोज के माध्यम से देख सकते हैं।
ग्राम प्रधान-भदहरा एवं ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कुड़वार को कई बार इसके लिए ग्रामीणों द्वारा इस सड़क के निर्माण के लिए कहा गया है लेकिन नतीजा शून्य है, मात्र दो सौ मीटर या उससे भी कम होगा जिसे न तो प्रधान न ही ब्लॉक प्रमुख द्वारा खड़ंजा या इंटरलॉकिंग का कार्य किया जा रहा है....!
श्रीमान क्या ये मात्र दो सौ मीटर की सड़क मे ये लोग कम बचा पाएंगे या इनमे मुनाफा कम बनेगा इसलिए इसका निर्माण नहीं किया जा रहा है?
महोदय आपसे निवेदन है कि इसपर ध्यान देकर शीघ्र इसका निर्माण कराया जाए अन्यथा ग्रामीण माननीय मुख्यमंत्री के यहाँ प्रस्तुत होने को विवश होगा या फिर सरकार के पास इस दो सौ मीटर के निर्माण के लिए धन का अभाव हो तो ग्रामीणों द्वारा भीख मांगकर धन की व्यवस्था की जाए....।
@myogiadityanath@CMOfficeUP@CdoSultanpur@kpmaurya1@VijayLaxmiMLA
हर्ष दुबे और अजीत भारती के बीच संवाद आगे बढ़कर विवाद का रूप लेने लगा है । दोनों लोगों का मोटिव एक था , आरक्षण हटाओ । दोनों लोग कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को फेक बता रहे थे । धुर आलोचक भी थे ।
लेकिन दुर्भाग्य से उनका उद्देश्य, रास्ता सब एक होते हुए भी आपसी तालमेल शुरुआती दिन में ही औंधे मुंह गिर गया । अब दोनों वीडियो वीडियो खेल रहे हैं। एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
मैं पहले दिन से ही काकरोच पार्टी के आंदोलन के विषय में दोनों के विचारों से असहमत रहा हूं। बल्कि हर्ष दुबे को प्रोजेक्ट करने में मुझे राजनीतिक साजिश की बू भी आ रही थी । खैर वो आंदोलन सफल रहा, इसकी मुझे प्रसन्नता है ।
कोई भी एक आंदोलन अपने उद्देश्य को प्राप्त करने के बाद अवसान पर चला जाता है। एक आंदोलन की राख से दूसरे आंदोलन को खड़ा कर पाना बहुत मुश्किल होता है। वो भी जब पहला आंदोलन अपने उद्देश्य में सफल हो चुका हो ।
भले ही हर्ष दुबे दूसरे विषय को लेकर आंदोलित हो रहे हैं लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि वो काकरोच पार्टी के आंदोलन से अपना आंदोलन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
अजीत भारती का आंदोलन यूजीसी को लेकर आगे बढ़ा था । आज की डेट में वह भी लगभग अपनी युवावस्था से आगे बढ़ चुका है । लोगों के अंदर जो जुनून उस समय था , वो अब ढल चुका है ।
अजीत भारती इस बात को समझ रहे हैं। यूजीसी के समय में यदि सवर्ण संगठन चाहते तो एक बहुत विशाल आंदोलन खड़ा कर सकते थे । लोग उत्साहित थे, आक्रोशित थे, आरक्षण समेत सभी विषयों को लेकर काकरोच पार्टी से बड़ा आंदोलन किया जा सकता था । लेकिन उस समय सुप्रीम कोर्ट में मुद्दे को ले जाकर और उसके स्टे के जरिए इस उत्साह और आक्रोश को ठंडा कर दिया गया । आज स्थिति यह है कि राजस्थान में एक युवा की मृत्यु हो जाने के बाद भी सब एक दूसरे का मुंह देख रहे हैं।
समय आपका दरवाजा बार बार नहीं खटखटाता , एक बार ही मौका मिलता है और उस समय आपको सही निर्णय लेना पड़ता है। यदि उस समय चूक गए तो दूसरा मौका कब आएगा , इसका जवाब समय की गर्भ में ही छिपा हुआ है।
हर्ष कुछ मीडिया हाउस की टेबल पर चाय पी चुका है और जंतर मंतर की भीड़ के विरोधी भाजपाई लोगों ने उसको काफी लाइमलाइट दे दी ,इसलिए उसको लग रहा है कि वह अब एक बड़ी भीड़ का नेतृत्व कर रहा है।
लेकिन हर्ष , तुमको नहीं मालूम कि तुम्हारा भाजपाइयों ने उपयोग किया है। उनका काम खत्म है, और आज की डेट में शिव अरूर भी तुमको अपने गेट पर खड़ा नहीं होने देगा , भाजपाई तो पहचानेंगे ही नहीं । जिस जंतर मंतर पर आंदोलन करने जा रहे हो, वहां पहुंचने से पहले एक बार अपने घर पर अपने समर्थकों को बुला लो । तुम्हारे बरामदे की जगह भी नहीं भरेगी , जंतर मंतर तो बहुत दूर की बात है ।
पहले आंदोलन की रूप रेखा तैयार करो, लोगों को जागृत करो, उनको उत्साहित करो, अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के लिए प्रेरित करो । उसके बाद ही कुछ संभव हो सकता है ।
और इन सब के बीच यह याद रखना कि भाजपाई और सरकार तुम्हारा एक प्रतिशत सहयोग नहीं करेंगे क्योंकि आगामी कुछ महीने में उत्तर प्रदेश का चुनाव है । और इस समय ये लोग किसी तरह के जनाक्रोश को पनपने नहीं देंगे । इसलिए ठंडे दिमाग से , ग्राउंड रियलिटी को समझने के बाद ही कोई कदम उठाना ।
क्योंकि जिन पर तुम भरोसा करने की भूल कर रहे , वो सबसे बड़े धोखेबाजों का समूह है। एक से बढ़कर एक कृतघ्न वहां पर बैठे हुए हैं।
प्रसिद्धि मिलना बड़ी बात नहीं है।
उस प्रसिद्धि को संभालना मुश्किल काम है।
यदि वह प्रसिद्धि एमेच्योर को मिल जाती है तो वह खतरनाक है।
भगवान ऐसे लोगों को किसी बड़े संकट से बचाये ।
क्या तुम इस पोस्ट का शपथपत्र बनाकर पुलिस को दे सकते हो ??
यदि तुम स्टाम्प पर लिख दो कि कुछ भी नहीं होगा और यदि हुआ तो उसकी सारी जिम्मेदारी तुम्हारी होगी तो पुलिस तुरंत परमिशन दे देगी ।
लेकिन क्या तुम हजारों लोगों की जिम्मेदारी ले सकते हो ??
जब भी हम जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार (Reservation Reforms) की मांग को लेकर एकत्रित होंगे, हम पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक तरीके से अपना प्रदर्शन करेंगे।
हम दिल्ली पुलिस एवं प्रशासन का पूरा सम्मान करेंगे और उनके सभी निर्देशों का पालन करेंगे। किसी भी पुलिसकर्मी या प्रशासनिक अधिकारी के साथ किसी प्रकार की अभद्रता या बदसलूकी नहीं की जाएगी।
हम राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए देश की किसी भी सार्वजनिक या निजी संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुँचाएंगे। हमारा उद्देश्य केवल अपनी बात लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से रखना है।
प्रदर्शन की अनुमति के लिए हमने पहले ही आवेदन कर दिया है और हमें आशा है कि दिल्ली पुलिस शीघ्र ही अंतिम स्वीकृति प्रदान करेगी।
हम सभी साथियों से आग्रह करते हैं कि वे सभी नियमों और शर्तों का पालन करते हुए प्रदर्शन में शामिल हों। किसी भी प्रकार की अराजकता, हिंसा या कानून-व्यवस्था भंग करने वाली गतिविधि से पूरी तरह दूर रहें, ताकि हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण, जिम्मेदार और राष्ट्रहित की भावना के अनुरूप बना रहे।
@ajeetbharti का एटीट्यूड इस ऑडियो रिकॉर्डिंग में बहुत ही गंदा प्रतीत हो रहा है।
पहली बात तो अजीत भारती को बैकग्राउंड में चल रहे ऑडियो को , जिसमें हर्ष दुबे को रोस्ट किया जा रहा है, बंद करना चाहिए था । लेकिन उन्होंने नहीं किया।
उसके बाद यदि बात में दिलचस्पी नहीं थी तो बात ही नहीं करनी चाहिए थी । और अगर बात कर रहे तो अपना पॉइंट साफ साफ बताना चाहिए था ।
इस ऑडियो को सुनकर अच्छा नहीं लगा ।
🚨 The wait is finally over...
The alleged conversation between Ajeet and Sumit is now out.
👉🏻 Does this recording reveal hidden truths?
👉🏻 Will it change the direction of the entire controversy?
Or does it raise even more questions than answers?🤔
🎧 Listen to the complete recording before forming an opinion sometimes the biggest revelations are hidden between the words.
#JDATstaysSCdirections #Askfarrhana
#JConGenzModiDelivers
👇 Full recording:
शर्म आनी चाहिए , यह मृत्यु नहीं बल्कि हत्या है।
जिस मुद्दे पर पूरे देश के लोगों को आवाज उठानी चाहिए । इस मृत्यु के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्यवाही की मांग होनी चाहिए।
उस मुद्दे पर लोग दही जमाए बैठे हैं। उनको फर्क नहीं पड़ता , फिर चाहे एक देवराज की मृत्यु हों या फिर हजार देवराज इनके लिए अपने प्राणों की बलि चढ़ा दें ।
राजीव तलवार एकदम सही बोलता है इस समाज के लिए।
@rsprasad@BJP4India@BJP4Bihar वो सब छोड़िये,
ये बताइए कि राहुल गांधी के पिछले कई वर्ष तक जो क्लिप वायरल होती थी, वो सब सही थी या उसमें भी काट छांट होती थी