वक्फ बिल संशोधन क्��ों जरूरी था?
अहमदाबाद की एक घटना ने वक्फ बिल संशोधन की महत्ता को उजागर किया है। अहमदाबाद में काँच की मस्जिद के पास 5000 स्क्वेयर मीटर की वक्फ़ प्रॉपर्टी, जिसकी कीमत 100 करोड़ है, का दुरुपयोग किया गया।
कुछ लोगों ने न केवल सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया और इसे व्यावसायिक उपयोग में लाया, बल्कि अपने लोगों को भी धोखा दिया, जिनके लिए यह जमीन दी गई थी।
इन लोगों ने वक्फ़ जमीन पर 100 से अधिक मकान बना दिए और प���रति घर 6 हजार रुपये महीने का किराया वसूला। 2008 में, पास की उर्दू स्कूल को रेनोवेट करने के लिए कहा गया था, लेकिन वहां दुकानें बना दी गईं और 10 हजार रुपये महीने का किराया वसूला गया।
पुलिस ने सलीम खान पठान समेत 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ��ह घटना वक्फ़ प्रॉपर्टी के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार को उजागर करती है और वक्फ़ बिल संशोधन की आवश्यकता को दर्शाती है।
ये वही लोग हैं जो वक्फ के नाम पर खुद का कारोबार चलाते हैं, कुछ दिन पहले अहमदाबाद में उन्होंने वक्फ बिल का विरोध भी किया था, न समाज के लिए, बल्कि अपनी खुद की आय के लिए।
१०० करोड़ से ज़्यादा का सरकार और मुस्लिम समाज के पैसे का ये भ्रष्टाचार उजागर करना जरूरी है।
मुस्लिम लैंड ! ये कभी हमारे देश के चुनाव अयुक्त हुआ करते थे , इन सब का इलाज निशिकांत दुबे बनकर किया जा सकता है , नड्डा बनकर नहीं !! लगे रहिए @nishikant_dubey ji more power to you !!
सुप्रीम कोर्ट की भी लक्ष्मण रेखा होनी चाहिए. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बयान के बाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट और उसकी भूमिका पर चर्चा शुरू हो गई है और हो भी क्यों ना देश में इस सवाल पर बहस शुरू होने का ये सही वक्त है. BJP अध्यक्ष JP नड्डा की तरह ही आप भी निशिकांत दुबे के बयान और भाषा से असहमत तो हो सकते हैं लेकिन उन्होंने कुछ वाजिब प्रश्न भी उठाए हैं. मुझे लगता है कि स्वास्थ्य लोकतंत्र के लिए ऐसे मुद्दों पर चर्चा होना ही सर्वोपरि है. इसी पर देखिए मेरे YouTube Channel और Facebook Page पर 360 एंगल से विश्लेषण Video.
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@nishikant_dubey@VPIndia@rashtrapatibhvn
बंगाल के हिंदुओं ने अब जवाब देना सिख लिया
बालुरघाट में मुर्शिदाबाद हिंसा विरोध में बीजेपी रैली को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाया था
हिंदू कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड की लाइन से उखाड़ फेंक दिया
आने वाले दिनों में यही हिंदू बीजेपी की असली ताकत बनेंगे
हिंदू एकता जिंदाबाद 🔥✊
सुप्रीम कोर्ट आजकल संविधान से नहीं, कॉन्वेंट स्कूल की मॉरल साइंस बुक से चल रहा है।
काशी-मथुरा पर कहता है सबूत लाओ, लेकिन बाबर की मस्जिदों पर कहता है—इतिहास मत छेड़ो।
कानून सं��द बनाए, पर फाइनल अप्रूवल मानो वही देगा—जैसे देश सुप्रीम कोर्ट लिमिटेड कंपनी हो और बाकी सब उसके डिपार्टमेंट।
धारा 377 हो या IT एक्ट, अब तो लगता है जज साहब लोग संसद को "नोट्स बनाने की मशीन" समझ बैठे हैं।
जगदीप धनकड़ साहब का न्यायपालिका पर स्टेटमेंट सरकारी स्टैंड जैसा था।
निशिकांत दुबे का स्टेटमेंट सोशल मीडिया के लिए था।
दोनों अपना काम कर गए है, दोनों की अपनी अलग महत्ता है।
तीन कत्ल के मामले में यानी ट्रिपल मर्डर केस में अतीक अहमद की जमानत याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट में थी
मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे
इलाहाबाद हाईकोर्ट में कुल 11 जज थे
10 जज इतना डर गए कि उन्होंने एक के बाद एक अतीक अहमद की अर्जी को नॉट बिफोर मी कर दिया
जबक�� कोई भी जज किसी अर्जी को नॉट बिफोर मी तब करता है जब उसका कोई हितों का टकराव होता है यानी कोई रिश्तेदार हो या कोई कंपनी में शेयर होल्डर हो
अब बचा 11वां जज
उसने सिर्फ डेढ़ मिनट की सुनवाई में अतीक अहमद को जमानत दे दिया
जबकि ट्रिपल मर्डर के केस में अतीक अहमद को जमानत मिल ही नहीं सकती थी
और बाद में उसे जज ने कहा था कि अगर मैं जमानत नहीं देता तो मेरा पूरा परिवार मारा जाता
तब भारत का सुप्रीम कोर्ट चुप था
कॉलेजियम ��ुप था
और आज इन दोगलो को यह लगता है कि यूपी में कानून व्यवस्था खत्म हो गई है
आज यह दो गले बंगाल के हिंदुओं के कत्लेआम पर खामोश हैं
स्वास्थ्य मंत्रालय की एक ईसाई एडिशनल सेक्रेटरी के बारे में कुछ जानकारी हाथ लगी है। दुर्भाग्य यह है कि मंत्री को जब बात बताई गई तो उन्होंने धेले भर का भी ध्यान नहीं दिया।
पूरी बात शीघ्र ही।
भारत के इतिहास में सबसे बेहतरीन कानून मंत्री सिद्ध हो सकते हैं @nishikant_dubey जी
आदरणीय @narendramodi जी, आज आप देश के 100 करोड़ सनातनियों से एक सर्वे करवा लीजिए 90% लोग दुबे जी के पक्ष में वोटिंग करेंगे ..एकबार मर्दानगी दिखा दीजिए और दुबे जी को कानून मंत्री बना दीजिए, उसके बाद ये कॉलेजियम वालेजियम, अन्ना खन्ना, मिलार्ड विलार्ड, ईबबल सिब्बल सबको अकेले दुबे जी ही निपट लेंगे
पश्चिम बंगाल में लोग परमानेंट रूप से BSF की डिप्लॉयमेंट की माँग कर रहे है।
बिल्कुल माँग रखो, बिना मांगे तो भगवान भी नहीं देता।
बाक़ी अगले साल भाजपा राज्य में ला दो, BSF की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी।
One more BJP MP on judiciary-
अगर सुप्रीम कोर्ट पक्षपात पूर्ण निर्णय देगी तो उस पर विश्वास तो कम होगा ही, जज के घर जो करोड़ो का कैश मिला उसका क्या हुआ- सुब्रत पाठक, MP बीजेपी 👍👌
नहीं रुकेगा ये आक्रोश, न्यायपालिका में सुधार तक संयमित शब्दों में सवाल जारी रहने चाहिए- मुद्दे सिर्फ़ दो हो-
ख़ुद ही ख़ुद को कैसे चुन लेते हो, राष्ट्रपति को निर्देश किस पॉवर से दिए और जज वर्मा के घर मिले करोड़ो के कैश के बाद क्या कार्यवाही की??
कोई मोहम्मद इरफान मारा गया होता,
तो पूरे भारत की मीडिया के कैमरे उसके परिवार की तरफ घूम गए होते।
लेकिन बंगाल के जफराबाद में चंदन और उसके पिता की निर्मम हत्या हुई,
किसी मीडिया ने, नेता ने चंदन के परिवार की पीड़ा नहीं दिखाई, आखिर क्यों?
आरक्षण से बने डॉक्टर, अधिकारी के अपने नाम के आगे आरक्षित डॉक्टर, आरक्षित इंजीनियर ,आरक्षित DM लिखना चाहिए !
जिससे आसानी से पहचान हो सके ये वंचित हैं पिछड़े हैं आरक्षण जैसी बैसाखी के सहारे इनको यहां तक पहुंचने का मौका मिला है ।
@ajeetbharti भाई जो कहना चाहते थे मैंने विस्तृत में लिख दिया ।
For Mosques you say it is wrong to demand property papers but for Temples you demand them yourself. Why this double standard? If anyone is stoking religious wars, it is the Supreme court. - Dr @nishikant_dubey, BJP
Bravo. I stand with Nishikant Dubey and so should every Indian.