अधिकारी सिर्फ अधिकारी बनकर रहें, अपनी संवैधानिक शपथ के अनुसार निष्पक्ष कार्य करें
यदि अधिकारीगण पॉलिटिकल कार्यकर्ता बनकर भाजपा कार्यकर्ता बनकर काम करेंगे तो उनकी जगह जेल है ये याद रखें
अमित शाह की दिल्ली पुलिस खुद तो गुंडागर्दी पर उतर ही आई - RSS-BJP के असली गुंडों को भी महिलाओं और युवाओं पर हिंसा करने की खुली छूट और बढ़ावा दे रही है।
जैसा मैंने कहा था, Mogambo Modi और उसकी सरकार जितना दबाएगी, Gen Z और छात्रों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा।
सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, पूरा INDIA गठबंधन और द���श के युवा बड़ी संख्या में एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे। और इस बार भी आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी - पहले से कहीं ज़्यादा।
@AmitShah, जितनी पुलिस लानी है, 10 हज़ार, 20 हज़ार, 40 हज़ार, ले आइए। BJP-RSS के जितने गुंडे बुलाने हैं, बुला लीजिए।
हम डरने वाले नहीं हैं। पीछे हटने वाले नहीं हैं। ये लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है!
सोमवार को हम मुख्य न्यायाधीश से भी मिलेंगे और मांग करेंगे कि जब दिल्ली की सड़कों पर संविधान को तार-तार किया जा रहा है और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, तब कानून के संरक्षक आंखों पर पट्टी डाल कर नहीं बैठ सकते।
संविधान की धज्जियां उड़ेंगी और हम चुप बैठेंगे? ऐसा हरगिज़ नहीं होगा। जवाबदेही तय करवाकर रहेंगे!
आज पार्टी कार्यालय में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के साथ एक AI वीडियो को देखा 😊,
मेरा मानना है कि @BJP4India@BJP4UP को ऐसे वीडियो की शुरुआत नहीं करना चाहिये था जिससे विपक्ष को मजबूर होकर उसी भाषा में जबाब देना पड़े @yadavakhilesh
रात का अंधेरा था लेकिन माहौल पूरा राहुलमय था। 🔥
हजारों रोशनियां बता रही हैं—
राहुल गांधी का जलवा नहीं, जनसमर्थन बोल रहा है।
भीड़ जब खुद निकल पड़े तो प्रोपेगैंडा की सारी लाइटें फीकी पड़ जाती हैं !
#RahulGandhi
रायबरेली की DISHA मीटिंग में राहुल गांधी ने जिन सड़कों की तस्वीर दिखाई, वहां भारत समाचार के रिपोर्टर पहुंचे.
15 करोड़ रुपए की लागत से 2 साल पहले ही ये सड़क बनी थी, लेकिन हालत बद से बदतर है- सुनिए 👇
बुलंदशहर में हैलीपैड पर दूर-दूर तक जलभराव नहीं है, केवल ज़बरदस्ती का सीमेंट, गारा और पेवर ब्लाक्स दिखाकर, शासन के गुपचुप निर्देश पर प्रशासन हमारे 11 सितंबर के कार्यक्रम को रद्द करने का बहाना ढूँढ रहा है। सपा के पदाध��कारियों के सामने निष्पक्ष विशेषज्ञों से जाँच कराकर सत्य सामने रखा जाए।
अगर हम सड़क मार्ग से आएंगे तो भी क्या एक्सप्रेसवे या हाईवे या रोड के ख़राब होने के बहाने बनाए जाएंगे क्योंकि वो सब सड़कें तो सच में चलने लायक हैं ही नहीं।
जनता पूछ रही है कि हैलीपैड और मौसम केवल विपक्ष के लिए ही क्यों ख़राब होता है?
मैंने कल ही संकेत दे दिया था यह मूंछों वाले दादा जी
किसी वक्त वायरल हो सकते हैं
आज देखो चारों तरफ यह मूंछों वाले दादाजी दिखाई दे रहे हैं
कल ही तो कहा था कि हो सकता है अखिलेश यादव इन्हें अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुला लें और आज देखो ���ुला भी लिया।