पहला छठ शारदा जी के बिना
@shardasinha
72 बरस की वो जिंदगी, जो भोजपुरी, मैथिली और मगही की धुनों से सजी थी,
अब बस यादों और गीतों में बसी है।आपकी कमी कभी पूरी न होगी,
लेकिन आपकी धुनें, आपके गीत, अमर हैं।
इस छठ पर, जब हम सूर्य देव को अर्घ्य दें,
आपकी आवाज को ��ाद करें, गुनगुनाएं।