रिज़ल्ट आया नहीं, लेकिन कट-ऑफ 50 बार आ जाती है।
2 टके के यूट्यूबर और Self-Proclaimed Coaching Gurus ऐसे कट-ऑफ बताते हैं जैसे आयोग के सर्वर का पासवर्ड इन्हीं के पास हो।
पेपर के अगले ही घंटे:
किसी की कट-ऑफ 72
किसी की 78
किसी की 84
और किसी की “पक्के सूत्रों” से 91
मज़े की बात ये है कि जब असली रिज़ल्ट आता है, तो इनकी आधी भविष्यवाणियाँ धड़ाम हो जाती हैं। फिर नया वीडियो:
“दोस्तों, इस बार आयोग ने सबको चौंका दिया…”
अरे भाई, चौंकाया आयोग ने नहीं, तुम्हारी भविष्यवाणियों ने था।
और इनसे भी बड़े कलाकार वो लोग हैं जो हर घंटे कमेंट करते हैं:
“सर कट-ऑफ कितनी जाएगी?”
जैसे सर आयोग की मीटिंग में बैठकर आए हों।
सच्चाई ये है कि कट-ऑफ का पता न यूट्यूबर को होता है, न कोचिंग वाले सर को, न टेलीग्राम यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों को।
कट-ऑफ तब तय होती है जब आयोग डेटा देखकर आधिकारिक परिणाम जारी करता है।
तब तक जो भी संख्या उछाली जा रही है, वो सिर्फ़ Views, Subscribers और Engagement की खेती है।
इसलिए पढ़ाई पर ध्यान दो, कट-ऑफ की रोज़ की दुकानदारी पर नहीं।
आजकल प्रतियोगी परीक्षाओं से ज़्यादा, कट-ऑफ के अनुमान निकल रहे हैं।
या एक छोटा, ज़्यादा धमाकेदार संस्करण:
देश में दो चीज़ें कभी बंद नहीं होंगी — मौसम की भविष्यवाणी और कट-ऑफ की भविष्यवाणी।
फर्क बस इतना है कि मौसम विभाग कभी-कभी सही भी निकल जाता है।
पेपर ख़त्म होते ही यूट्यूबर, कोचिंग सर और टेलीग्राम विशेषज्ञ कट-ऑफ ऐसे बताने लगते हैं जैसे आयोग ने इन्हें गोद ले रखा हो।
और जनता हर घंटे पूछती है — “सर कट-ऑफ कितनी जाएगी?”
भाई, अगर इन्हें सच में पता होता तो ये यूट्यूब पर नहीं, आयोग में बैठे होते।
कट-ऑफ नहीं, Views निकल रहे हैं। 🔥😄
रिज़ल्ट आया नहीं, लेकिन कट-ऑफ 50 बार आ जाती है।
2 टके के यूट्यूबर और Self-Proclaimed Coaching Gurus ऐसे कट-ऑफ बताते हैं जैसे आयोग के सर्वर का पासवर्ड इन्हीं के पास हो।
पेपर के अगले ही घंटे:
किसी की कट-ऑफ 72
किसी की 78
किसी की 84
और किसी की “पक्के सूत्रों” से 91
मज़े की बात ये है कि जब असली रिज़ल्ट आता है, तो इनकी आधी भविष्यवाणियाँ धड़ाम हो जाती हैं। फिर नया वीडियो:
“दोस्तों, इस बार आयोग ने सबको चौंका दिया…”
अरे भाई, चौंकाया आयोग ने नहीं, तुम्हारी भविष्यवाणियों ने था।
और इनसे भी बड़े कलाकार वो लोग हैं जो हर घंटे कमेंट करते हैं:
“सर कट-ऑफ कितनी जाएगी?”
जैसे सर आयोग की मीटिंग में बैठकर आए हों।
सच्चाई ये है कि कट-ऑफ का पता न यूट्यूबर को होता है, न कोचिंग वाले सर को, न टेलीग्राम यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों को।
कट-ऑफ तब तय होती है जब आयोग डेटा देखकर आधिकारिक परिणाम जारी करता है।
तब तक जो भी संख्या उछाली जा रही है, वो सिर्फ़ Views, Subscribers और Engagement की खेती है।
इसलिए पढ़ाई पर ध्यान दो, कट-ऑफ की रोज़ की दुकानदारी पर नहीं।
आजकल प्रतियोगी परीक्षाओं से ज़्यादा, कट-ऑफ के अनुमान निकल रहे हैं।
या एक छोटा, ज़्यादा धमाकेदार संस्करण:
देश में दो चीज़ें कभी बंद नहीं होंगी — मौसम की भविष्यवाणी और कट-ऑफ की भविष्यवाणी।
फर्क बस इतना है कि मौसम विभाग कभी-कभी सही भी निकल जाता है।
पेपर ख़त्म होते ही यूट्यूबर, कोचिंग सर और टेलीग्राम विशेषज्ञ कट-ऑफ ऐसे बताने लगते हैं जैसे आयोग ने इन्हें गोद ले रखा हो।
और जनता हर घंटे पूछती है — “सर कट-ऑफ कितनी जाएगी?”
भाई, अगर इन्हें सच में पता होता तो ये यूट्यूब पर नहीं, आयोग में बैठे होते।
कट-ऑफ नहीं, Views निकल रहे हैं। 🔥😄
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने की उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। भारत की सतत प्रगति को आगे बढ़ाने में आपकी निरंतर सफलता की कामना करता हूँ। साथ ही, हमारे दोनों देशों और उनके लोगों के हित में हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आपके साथ मिलकर कार्य जारी रखने की अपेक्षा रखता हूँ।
أهنئ الصديق ناريندرا مودي، بمناسبة تسجيله أطول ولاية متواصلة رئيساً منتخباً للحكومة في تاريخ الهند الحديث، وأتمنى له التوفيق في قيادة بلاده وشعبه نحو مزيد من الإنجازات الحضارية. شهدت العلاقات الإماراتية-الهندية خلال السنوات الماضية تحولاً نوعياً بفضل العمل المشترك من أجل نماء شعبينا وازدهارهما، ومن خلال العمل معاً أثق في أن هذه العلاقات سوف تشهد خلال المرحلة المقبلة المزيد من التطور في ظل الشراكة الإستراتيجية الشاملة بين البلدين.
वैभव सूर्यवंशी ने अफगानिस्तान ए के खिलाफ इंडिया ए की ओर से खेलते हुए 44(22) रन बनाए। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने नौ चौके लगाए और एक भी छक्का नहीं!
इससे पता चलता है कि Vaibhav सिर्फ़ T20 तक ही सीमित नहीं रहना चाहता है। जल्दी से अपने आप को ODI के लिए भी …..!!