@Deejay79105637 पार्��ी संघ के मूसटे है इन्हें बिल मजबूत करने थें ठिकाना या घुसने के लिए आनंद ऐश के लिए वह जगह जगह बिल बना डालें है पुरे देश में चूहों का राज है जगह जगह खोद डालीं है नफरत भेद-भाव की खाई गढ्ढे
@SinghS2323 व्यापारी सौदागर दुकानदार या कोई भी बिजनेस धंधे वाले तों जनता से हीं वसूल करेंगे और दो रू��ए महंगा बेचेंगे कम कोई नहीं है सरकार प्रशासन या व्यापारी सब प्रोफिट देखते हैं झेलते हैं आम नागरिक
@AshwiniUpadhyay सबसे ज्यादा आरक्षण राजनीति में ��ेताओं को मिला है उन्हीं की चलती है जनता तों बदनाम है आरक्षण की फाइलें रोकते हैं दबा रहें हैं मुख्यमंत्री इसकी भी वजह है खास आरक्षण की सीटें मर्ज कर कैसे चहेतों को बांट रहे हैं वह भी आरक्षण हीं है
@garvirawat जिसके भी हाथों में सत्ता की चाबियां होती है वह सरकार प्रशासन में संतरी से मंत्री तक भेद-भाव तानाशाही घमंड करते हैं यहीं है लोकतंत्र की सच्चाई जों भी आया अपनी-अपनी औकात दिखा चलते बनें चहेतों को चौधर और स्वयं की बढ़ाई ये किया वो किया विकास के नाम पर लेकिन हुआ घंटा
@Bhawanipm कभी बहन बेटी पर हुए अत्याचार कांड पर मुंह खोला है कि सुरक्षा समाज में इन्हें भी चाहिए अकेले नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को ही सुरक्षा मिलना न्याय मिलना कहां की सच्चाई है
@RenukaCCongress जों भी मकसद था इनका वह हर मकसद पुरा कर रहे हैं जी जान से पार्टी और संघ हीं मुख्य विकास उद्देश्य है इनका जनता समाज को निचोड़ दिया है महंगाई टैक्स जी एस टी से और रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं प्रशासन पुरी तरह से गुलाम हो गया है
@NewspressX पार्टी में फूट कमजोर भेद-भाव है पहले पार्टी मजबूत करे��� जो तलवे चाटने का काम करते हैं उनपर कभी विश्वास मत करें और हमेशा लगाम अलग अलग लोगों को दें ना कि किसी विशेष खास को देख रखें है हरियाणा में बेईमान दस साल में पिछले जों क्षेत्रवाद की राजनीति करते रहें
@TheIncNews जल्लाद और लूटेरे लोकतंत्र सरकार प्रशासन और राजनीति के काबिल नहीं होते हैं जो अपने सुख सुविधाओं के लिए जनता समाज बेरोजगार किसान गरीब मजदूर हर किसी को परेशान करें स्वयं मुफ्तखोर सुविधाएं तनख्वाह पेंशन लेते हैं लेकिन जनता में सभी एकसमान टैक्स जी एस टी देते हैं ये नहीं
@TheIncNews चोर मंदिरों में प्रशासनिक विभागों में सरकारी खजाने में चोरी करते हैं और कुछ खास इनका बचाव करते हैं ताकि शक यकीन में ना बदले इसलिए कुछ और तड़का बीच में परोस देते हैं ताकि समाज जनता का ध्यान भट��� जाएं
@SinghS2323 पद कुर्सी कलम वर्दी का क्या ये गलत तरीके से रिश्वत कमीशन के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं क्या यह कानून संविधान में लिखा है कितना गिर गया है इंसान लालच में
@BajpaiP_K जनता समाज और बेरोजगार हीं इन्हें जनप्रतिनिधि बना रहे हैं ये भगवान नहीं है अगर वह सही चुनें तों ये कभी भी समाज में महंगाई टैक्स जी एस टी मुफ्तखोर सिस्टम पर नहीं नाचेंगे गद्दार है ये पार्टी और संघ मजबूत रखना हीं इनका दीन ईमान है