अब जब २५/०६/२०१८ से प्रारंभ हो रही विधान सभा में कॉंग्रेस अविश्वास प्रस्ताव ला रही है फिर से अजय सिंह राहुल विपक्ष के नेता के विरुद्ध शडयंत्र कर रहे हैं। जन चर्चा है कि सेम वर्मा शिवराज चौहान व नरोत्तम मिश्रा के साथ सम्पर्क में हैं।
जब कुछ लोग क़ानून अपने हाथ में लेने लगें और उनके ख़िलाफ़ सरकार मूक दर्शक ब���ी रहे तो समझ लेना चाहिए कि सरकार नाकाम हो गयी है और उसने अपने बने रहने का हक़ खो दिया है. प्रदेश ने ऐसी राजनीतिक अराजकता और ख़ौफ़ का दौर पहले कभी नहीं देखा.
भाजपा विधान सभा और संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने पर क्यों डरती है? पूर्व में राकेश चतुर्वेदी मप्र विधान सभा में कॉंग्रेस के तत्कालीन उपनेता को भाजपा में ले कर चर्चा नहीं होने दी। लोक सभा के पिछले सत्र में भी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होने दी।
उर्दू के संभवत��� सबसे बड़े व्यंग्यकार मुश्ताक़ अहमद युसूफ़ी जी नहीं रहे। जयपुर में पैदा हुए युसूफ़ी साहब यूँ तो आज़ादी के बाद सियासी सरहद के हिसाब से पाकिस्तान में बसे, लेकिन अदब की आज़ाद हवाओं में दोनों तरफ़ के दिलों में बसे रहे। उन्हें श्रद्धांजलि 🙏 (1/2)
विकास गति का दूसरा नाम होता है, और गति से प्रगति होती है, पर सिर्फ़ राजनीति करने वाली भाजपा सरकार ने विकास के हर का��� को किसी-न-किसी बहाने रोक दिया है. ये सरकार की बचकानी हरकत है, जै��े बच्चों का वो खेल याद करें जिसमें वो किसी को चलते-चलते अचानक रोक देते हैं, सरकार वही कर रही है.
स्व मुश्ताक़ अहमद युसूफ़ी की लिखी उत्कृष्ट हास्य-व्यंग्य की किताबें 'आब-ए-ग़ुम', 'ख़ाकम-ब-दहन' और 'ज़र-गुज़िशत' हिन्दी में क्रमशः 'खोया पानी', 'मेरे मुँह में ख़ाक़' और 'धन-यात्रा' नाम से उपलब्ध ��ै और मेरे दुनिया भर के पढ़े हास्य-व्यंग्य उपन्यासों पर भारी पड़ती हैं। (2/2) ✒️🙏
‘योग दिवस’ पर सिर्फ़ शारीरिक योग की बात कर���ा योग को व्यक्तिगत स्वार्थ की सीमा में बाँधना होगा जबकि योग का एक अर्थ ‘जोड़ना’ भी होता है, तो आइए आज संकल्प लें कि हम लोगों को जोड़ेंगे भी क्योंकि प्रदर्शनकारी व्यक्तिगत योग से बड़ा सामाजिक योग होता है, जिससे समाज जुड़ता है और देश भी.