देश का यह मुद्दा बने:
देश में BJP और RSS के जितने भी आलीशान भवन बने हैं, उनका राष्ट्रीयकरण किया जाए! उन भवनों में स्कूल, कॉलेज और हॉस्पिटल खोले जाएं।
देश की संपत्ति नफरत फैलाने के लिए नहीं, देश के विकास में काम आनी चाहिए। इसलिए BJP और RSS के कार्यालयों का Nationalisation हो।
“दलितों को कुएँ से पानी नहीं मिलता था तो वे ज़िंदा कैसे रहे?”
वाह! जातिवाद को धोन��� के लिए क्या ग़ज़ब का तर्क खोजा है! दलित ज़िंदा बच गए, इसलिए छुआछूत भी झूठी मान लें?
सवाल पानी मिलने का नहीं, सार्वजनिक कुएँ-तालाब पर बराबर अधिकार का था। जाति के कारण दलितों को साझा जलस्रोतों से पानी लेने से रोका जाता था। 1927 का महाड़ सत्याग्रह इसी अधिकार के लिए हुआ। आंबेडकर को हजारों लोगों के साथ चवदार तालाब से पानी पीकर अधिकार जताना पड़ा।
और इतिहास से भी शिकायत हो तो Protection of Civil Rights Act, 1955 की धारा 4 पढ़ लीजिए - अस्पृश्यता के आधार पर कुएँ, तालाब, नदी, नल आदि के इस्तेमाल से र���कना दंडनीय बनाया गया।
दलित ज़िंदा कैसे रहे, यह नहीं; सवाल है - उन्हें बराबरी से जीने क्यों नहीं दिया गया?
जगमोहन मीणा (2013 बैच IPS) मात्र 37 साल की उम्र में इस्तीफा दे रहे हैं।
IIT बैकग्राउंड, पहले प्रयास में IPS, कई संवेदनशील जिलों में बेहतरीन सेवा और राष्ट्रीय पुलिस पदक... फिर भी अचानक इस्तीफा।
स्पष्ट कारण तो अभी पता नहीं है, लेकिन कहीं ना कहीं सिस्टम का जातिवादी रवैया तो काम कर रहा लगता है।
ईमानदार अधिकारीयों को टिकने नहीं दिया जाता है।
जांच होनी चाहिए। सच सामने आना चाहिए।
बरसात, बैरिकेडिंग या भारी पुलिस बल—चंद्रशेखर आजाद को अपने समाज के हक के लिए लड़ने से कोई ताकत नहीं रोक सकती!
ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए 'आजाद समाज पार्टी' के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद माननीय चंद्रशेखर आजाद जी भारी बारिश के बीच मेरठ के थिरौट गांव के लिए कूच कर चुके हैं। प्रशासन ने डरकर सिवाया टोल प्लाजा और थिरौट गांव की सीमाओं को छावनी में बदल दिया है, लेकिन हक और सच की इस लड़ाई को दबाया नहीं जा सकता।
सभी न्यायप्रिय साथी और कार्यकर्ता बिना डरे, शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से तुरंत मेरठ पहुंचने की तैयारी करें। बहन ललिता को न्याय दिलाकर रहेंगे!
महोदय @myogiadityanath जी !!
इनको कौन सा कानून बताया गया है कि तुम खुलेआम किसी को थप्पड़ मार सकते हो ?
यह इतने ही ज्ञानवान होते तो दरिंदा बलात्कारी जिंदा क्यों है बाहर क्यों घूम रहा उस दरिंदे को कितने थप्पड़ मारे है SSP ने जिसने एक बाप की बेटी का बलात्कार किया है ?
ऐसे अधिकारियों को बर्खास्त करो जो आरोपियों को ही संरक्षण देते हो !!
@ramjigautambsp@SurajKrBauddh
टोयोटा की Vellfire SUV गाड़ी तकरीबन टैक्स पकड़कर 1.5 करोड़ रुपए में आती है.
अक्षय कुमार, अनिल कपूर, आमिर खान, रणबीर कपूर, अभिषेक बच्चन और सलमान खान समेत कई बॉलीवुड स्टार्स के पास है.
इन स्टार्स की सालाना कमाई इस प्रकार है.
अनिल कपूर 80 करोड़
रणबीर कपूर 150 करोड़
अक्षय कुमार 250 करोड़
सलमान खान 280 करोड़
आमिर खान 300 करोड़
इनका टोयोटा की Vellfire गाड़ी में घूमना समझ में आता है. लेकिन ये साधु संत क्यों टोयोटा की Vellfire और Fortuner में घूम रहे हैं.
ये लोग कौन सी कमाई ��रते हैं. चंदा पर पलनों वालों को क्या इतनी महंगी महंगी गाड़ियों में घूमना फिरना चाहिए, जहां करोड़ो आबादी दो वक्त के रोटी के लिए जदोजहद करती है.
बौद्ध भिक्षु और जैन मुनि 5000 साल से पैदल यात्रा करने की परंपरा को बनाए रखा है.
आधुनिक विज्ञान युग में, गाड़ी मोटर की सुविधा के बावजूद आज भी जैन मुनि पैदल पद यात्रा करते हैं.
बौद्ध भिक्षु भी पैदल यात्रा करते हैं. लक्ज़री गाड़ी मोटर और सुख सुविधा का परहेज करते हैं.
थाईलैंड से 70 बौद्ध भिक्षु भारत आए. सभी ��ौद्ध भिक्षुओं ने कर्नाटक के सिद्धार्थ बौद्ध विहार से हैदराबाद तक 400 किलोमीटर की धम्मयात्रा निकाली.
आज कल कुछ धार्मिक गुरु धर्म का चोला ओढ़कर लक्ज़री गाड़ी और AC आश्रम में लक्ज़री लाइफ जीते हैं.
जैन मुनि और बौद्ध भिक्षुओं को कोटि कोटि नमन करता हूँ.
"बोधगया महाविहार को मुक्त करो।"
कनाडा में बौद्ध अनुयायियों ने पवित्र वैशाख माह मनाते हुए बोधगया महाविहार को मुक्त कराने की अपील की।
आज पूरा विश्व देख रहा है कि कैसे भगवान बुद्ध की पवित्र ज्ञानस्थली महाबोधि मह��विहार पर हिंदुओं का नियंत्रण है। यह बौद्ध धर्म के अनुयायियों के संवैधानिक अधिकारों पर करारा आघात है। सरकार को BT Act हर हाल में समाप्त करना चाहिए और बोधगया महाबोधि महाविहार पर बौद्धों का पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करना चाहिए।
संविधान में सभी धर्मों को अपनी धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है। फिर बौद्धों के पवित्र स्थल पर हिंदुओं का हस्तक्षेप क्यों? महाबोधि महाविहार बौद्धों का है। उसमें हिंद��ओं का हस्तक्षेप हरगिज स्वीकार नहीं किया जाएगा। जब राम मंदिर ट्रस्ट में कोई बौद्ध सदस्य नहीं है, तो महाबोधि महाविहार में कोई हिंदू क्यों?
यदि यह पोंगा पंडित सुबह 4 बजे उठकर पशुओं को चारा देता, गोबर साफ करता, उन्हें नहलाता, फिर 3-4 किलोमीटर दूर से सिर पर घास लाकर तैयार करता, और शाम को दूध दुहते समय भैंस की एक-दो लात सहता, तब शायद वह दूध का मूल्य समझता और इसे व्यर्थ नहीं करता।
चोल साम्राज्य Leiden प्लेट्स में लिखित में बता रहा है की वो बुद्धिस्ट महाविहार बनवा रहा है उसके सबूत मिल रहे है और दूसरी तरफ़ आचार परेशान @Advait_Prashant बिना किसी लिखित सबूत के बाय डिफॉल्ट शिवभक्त बता दिया ।
रिफरेन्स के नाम पर मुंह खोला शब्द गपो��़ दिया।
सबूत दो कैसे शैव था?
झारखंड के बोकारो के सेक्टर-9 बसंती मोड़ पेट्रोल पंप पर तीन मुस्लिम बच्चों के साथ सिर्फ इसलिए बेरहमी से मारपीट की गई क्योंकि उनके सिर पर टोपी थी।
बच्चे हाथ जोड़ते रहे, रहम की भीख मांगते रहे… लेकिन नफरत का जुनून नहीं रुका, पूरी घटना CCTV में कैद है! @bokaropolice मामले की जांच कर आरोपी पर सख़्त कार्रवाई हो!
गाजियाबाद/दिल्ली एनसीआर में यूपी पुलिस के सब-इंस्पेक्टर रामकेश राठी (वर्दी नं. 902650310) द्वारा सरेआम पक्षपात का वीडियो। सड़क पर दर्जनों गाड़ियां खड़ी होने के बावजूद केवल किशन जाटव जी की गाड़ी (DL 8CA C 9178) का चालान काटा गया।
@priyanshu__63@Uppolice@dgpup@agrapolice
झारखंड के पलामू में तीन अनाथ भाई-बहन दाने-दाने को मोहताज हैं। 8 वर्ष पहले मां, 3 वर्ष पहले पिता और अब दादा की भी मृत्यु हो चुकी है। छोटे-छोटे बच्चे महीनों से भूख और गरीबी में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। झारखंड सरकार से आग्रह है कि तुरंत संज्ञान लेकर मदद क��ें
गुजरात के सतरामपुर क्षेत्र से 15 वर्षीय नाबालिग आदिवासी समाज की लड़की करीब एक माह से नरोड़ा पुलिस स्टेशन क्षेत्र से लापता है।
नाबालिग बच्ची की माँ अपनी बेटी की तलाश में दर-दर की ठोकरें खाकर पिछले 4-5 दिनों से परिजन व समर्थकों के साथ धरने पर बैठी हैं। गुजरात राज्य में बहन-बेटियां सुरक्षित नही हैं। आये दिन नाबालिग व महिलाओं के लापता होने की घटनाएं सामने आना दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी एवं माननीय गृहमंत्री @AmitShah जी से विशेष अनुरोध है कि उक्त घटना में त्वरित कार्यवाही कर लापता नाबालिग बालिका को खोजकर दर्द से बिलखती माँ को न्याय दिलावें।
@AmitShahOffice@tv9gujarati@VtvGujarati@sandeshnews@abpasmitatv@Zee24Kalak@Divya_Bhaskar
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जा रहे हैं, वो भी ऐसे घर जो PM आवास योजना के तहत बने थे। क्या आदिवासियों का अपनी पुश्तैनी जमीन पर रह��े का भी अधिकार नहीं बचा? जल-जंगल-जमीन, ग्राम सभा और संविधान पर यह खुला हमला है।
पेपर लीक की गंभीर और अक्षम्य घट��ा के कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने का निर्णय न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह छात्रो�� के भविष्य के साथ खुले रूप से खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
यह याद दिलाना आवश्यक है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। वर्ष 2024 में भी NEET परीक्षा के दौरान पेपर लीक की घटना हुई थी। ऐसी दोहराव वाली घटनाएँ परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि सफल परीक्षा आयोजित करना भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के लिए अपन��-आप में एक बड़ी परीक्षा है।
हम पढ़ेंगे लिखेंगे और आगे बढ़ेंगे
नेता जनता को हमेशा अनपढ़ बनाए रखना चाहता है।
अगर जनता पढ़-लिख जाएगी, तो झंडा-डंडा कौन उठाएगा?
इसीलिए मुझे Chandra Shekhar Azad पसंद हैं,
क्योंकि वे संविधान पढ़ने पर ज़ोर देते हैं।