आंध्र में dominant castes कम्मा और रेड्डी चुप चाप सब control करते है, राजनीति, व्यापार, मीडिया, जातिवादी होते हुए भी, किसी को feel नहीं होगा ये जातिवादी है, बाकी लोग भी इन्हीं को सत्ता में लाते है। हमारे यहां किसी परीक्षा को निकालना भी शोर मचाकर होता है। संख्या जोड़ा जाता है।
संघ किरण घर-घर देने को अगणित नंदादीप जले,
मौन तपस्वी साधक बन कर हिमगिरि सा चुपचाप गले।
ये है आदरणीय चंपत राय जी। इनसे मेरा करीबन 15 वर्षों का परिचय है। मैं उन लोगो को कसूरवार नही मानता जो चंपत जी को अज्ञानता वश अथवा जानकारी के अभाव में च��र या लुटेरा समझने की भूल कर ��हे हैं। लेकिन इतिहास उन लोगो को कभी माफ़ नही करेगा, जिन्होंने चंपत जी को चोर साबित करके की कोशिश की।
नीचे दिए गए फ़ोटोज़ में दो फोटो मैंने स्वयं लिए हैं। हालाँकि संघ संगठन में इस प्रकार फोटो लेने की कोई वजह नही है, और ना ही कोई जरूरत होती है। लेकिन मैं जब-जब उनसे मिला, उनमे बस एक मौन तपस्वी दिखाई दिया, जिसने अपना पूरा जीवन प्रभु श्री राम और समाज कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उनके सादे जीवन और स���र्पण ने सदैव हमें शक्ति प्रदान की, और निःस्वार्थ भाव से समाज सेवा की प्रेरणा दी। वर्षों से वो शुगर की बीमारी झेल रहें हैं, 80 वर्ष के आस-पास उनकी आयु हो चुकी है, लेकिन फिर भी दिन-रात उन्होंने मंदिर निर्माण को समय पर पूरा करने के लिए स्वयं को खपा दिया। आज भी रात में दो सूखी रोटी और दा�� खाकर ज़मीन पर सो जाते है, और कुछ लोगो को लगता है कि उन्होंने अपनी ऐश-आराम के लिए करोड़ो रुपए चुरा लिए।
हमारे यहाँ बढ़े-बूढ़े कहते है कि राजनीति बड़ी गंदी चीज़ है। बस वहीं गंदा काम कुछ लोगो ने ट्रस्ट में करने का प्रयास किया है। अपनी लूट को छिपाने के लिए सारा दोष चंपत जी पर डालने का प्रयास हो रहा है। किंतु दुनिया जो कहे और जो माने, ये शत प्रतिशत सत्य है कि अगर चंपत जी नहीं होते तो राम मंदिर का चढ़ा���ा छोड़िये, पूरा ट्रस्ट लूट चुका होता।
चंपत जी के हस्ताक्षर जिस बिल पे हुए, जो पैसे का हिसाब किताब उनके संज्ञान में आ गया, उसमे एक पैसे की हेरा-फेरी भी कोई कर नहीं पाया। श्री रामजन्मभूमि ट्रस्ट को बचाने का काम अगर किसी ने किया है तो वो आदरणीय चंपत राय जी।
सच किसी से ना छुपा और ना छुपेगा, प्रभु श्री राम के मंदिर में चोरी करने वालों का हिसाब-किताब जाँच एजेंसियां तो करेंगी ही, लेकिन कहते है भगवान की लाठी में आवाज़ नहीं होती, हिसाब जब रामजी करेंगे तो उनकी सात पुश्ते भी उसे चुकता नहीं कर पायेंगी।
भारत की मीडिया से तो यही उम्मीद थी कि वो बिना तथ्यों के आधार पर बक-बक करेगी। उधर विपक्ष को आने वाले चुनाव के लिए मौक़ा मिल गया। पीके मिश्रा ने भी ट्रस्ट में कमियाँ बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। इसलिए जिस व्यक्ति ने इतनी बड़ी लड़ाई मंदिर के लिए लड़ी, प्रभु उन्हें यह लड़ाई लड़ने की भी क्षमता प्रदान करे, यही मेरी कामना है।
आंध्र में dominant castes कम्मा और रेड्डी चुप चाप सब control करते है, राजनीति, व���यापार, मीडिया, जातिवादी होते हुए भी, किसी को feel नहीं होगा ये जातिवादी है, बाकी लोग भी इन्हीं को सत्ता में लाते है। हमारे यहां किसी परीक्षा को निकालना भी शोर मचाकर होता है। संख्या जोड़ा जाता है।
ब���हारी पूरे देश में नौकरी लेगा, आधा बिहारी बाहर बस गया है पर नौकरी bpsc में सिर्फ बिहारी का लगे?
ये 332 जो बाहरी में उसमें ज्यादातर सब बिहारी ही है जो बाहर बस गया है। बकवास बंद करो....
कन्हैया बिलारी.... इतना दिन से डेली भौं भौं भौं भौं... किया.... फिर भी बिलारी पुताना के साथ ऐसा सलूक....
अब खिशियानी बिल्ली वाला हंसी हँसो जो हंसते हो.....
वैसे जमा खान बैंस और लेशी सिंह बनौत का राजपूत सर्टिफिकेट कैंसिल कर दिया क्या रे?
राजपूत केवल मोहना ब्रिगेड...
Shashank Gaurav, a Bhumihar from Chapra, has secured Rank 2 in BPSC.
BPSC AIR 1 : Brahmin from UP
BPSC AIR 2 : Bhumihar from Bihar
Earlier, he had already topped in UPSC CAPF 2024 by securing AIR 57
#BPSC70
कल कोई इसी गर्ग पोंगे की बहिन का &#&&# कर दे तो ये बोलेगा ये भूमिहारवा सब इसलिए साथ दे रहा है क्योंकि चाहता है इससे विजय सिन्हा को कोई बड़ा पद दे दे।
पंडितों को यह खोज करना चाहिए कि कौन है ये गर्ग गांड़ू जो डेली पंडितों को हजार गाली सुनवाता है और अब भरत भूषण को सुनवाने में लगा है
नहीं रहे आरडीएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य भूमिरत्न डॉ के पी ठाकुर। उनके निधन से पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर फैल गई। उनके जैसा अंग्रेजी का विद्याता शायद ही कोई बिहार में आज तक रहा है। ना जाने कितने कमज़ोर बच्चो का जीवन उनके grammar और translation की पुस्त��ों को पढ़कर बना है।
Private Medical Colleges Expanding Across Bihar:
1. Mahabodhi Medical College & Hospital, Gaya
2. Arsh Medical College & Hospital, Gaya
3. Buddha Hospital & Research Institute, Gaya
4. Urmila Magadh Medical College & Hospital, Gaya
5. Shivam Ashoka Medical College & Hospital, Patna
6. Himalaya Medical College & Hospital, Patna
7. Prakash Chandra Medical College & Hospital, Patna
8. Shri Gauri Shankar Medical College, Patna
9. SSS Medical College & Ruban Medicity, Patna
10. Mamta Medical College & Hospital, Siwan
11. S.L.C. Medical College & S.P.N.M.S. Hospital, Khagaria
12. Viraat Ramayan Institute of Medical Science, E. Champaran
13. Baba Rajaram Medical College & Hospital, Lakhisarai
14. Lord Buddha Koshi Medical College & Hospital, Saharsa
15. Kurma Sanskriti Medical College & Hospital, Jehanabad
16. Gurudeo College of Medical Science & Hospital, Vaishali
17. S.K. Mandal Medical College & Hospital, Samastipur
18. K. K. Medical College & Hospital, Rajgir
19. N.P. Medical College & Hospital, Sheikhpura
20. Shivam Medical College & Hospital, Purnea
21. Phular Medical College & Research Centre, Muzaffarpur
22. Khudiram Bose Medical College & Hospital, Begusarai
भरत तिवारी भी योगी मॉडल/एनकाउंटर मॉडल का बड़ा प्रशंसक था। अपने फेसबुक पे योगी जी के तेवर वाले reels शेयर करता था जिसमे वो एनकाउंटर की बात करते थे।
आज देखिये बिहार में भाजपा के मुख्यमंत्री बनते ही एनकाउंटर मॉडल का पहला शिकार वो खुद हो गया।
इसलिए गलत को गलत बोलना सीखे...
@GangeticTribal SM's language supremacists will choose Purvanchal, but ordinary people/masses will pick Tirhut. There's a reason buses between Muzaffarpur and Motihari/Bettiah run every two minutes. Jaitharia susra bhi bhar bhar k hai dono jagah 😢
@GangeticTribal@ZilaChamparan@AyushMishr93306 PM, CM purvanchal mei baitha hua hai tab to agal bagal k area ka development nhi ho rha jbki unn areas k logon k din ka start Gorakhpur Varanasi ka naam lekar hota hai...Champaran to priority order mei bhi nhi hai kahi...
@ZilaChamparan@GangeticTribal@AyushMishr93306 Sautela vyavahar bhai Bhojpuri state mein hoga. Varanasi aur Gorakhpur ke rehte kisi cheez ki ummid mat rakho. The only thing that connects us with them is language. Champaran is now much more attached to MFP, economically and to a large extent culturally as well.
UP mein to Bhaj paiya ki sarkaar abhi bhi Ghazipur ke businessman murder case mein accused par koyi action lene se phele uski ghaaaste dhund rahi h ek ka encounter huya thaa usne bhi haram ki paidaish hindoo mantri uski ghaaste kitni backward h wo dhund rahe thee