#MPSC च्या विविध परीक्षांच्या पेपरफुटीची जबाबदारी स्वीकारून #MPSC च्या अध्यक्षांनी राजीनामा द्यावा किंवा सरकारने त्यांना पदावरून हटवावं या मागणीसह अन्य मागण्यांसाठी पुण्यात विद्यार्थ��यांनी जिल्हाधिकारी कार्यालयावर काढलेल्या आक्रोश मोर्चाच्या माध्यमातून सरकारला विद्यार्थ्यांनी विराट ताकद दाखवून दिली. जननायक श्री. राहूलजी गांधी यांच्या माध्यमांतून सुरू झालेली ‘छात्रों की गूंज’ आता थांबणार नाही, ती दिवसेंदिवस मजबूत होतेय, अध���क निर्भीड बनतेय. या मोर्चात कॉंग्रेस पक्षाच्या वतीने माजी मंत्री आ. डॉ. विश्वजीत कदम, महाराष्ट्र प्रदेश कॉंग्रेस कमिटीचे उपाध्यक्ष श्री. मोहन जोशी, युवक कॉंग्रेस प्रदेशाध्यक्ष श्री. शिवराज मोरे, रोजगार व स्वयंरोजगार विभागाचे अध्यक्ष श्री. धनंजय शिंदे, पुणे शहराध्यक्ष श्री. प्रशांत जगताप यांनी सहभागी होऊन विद्यार्थ्यांच्या मागण्यांना भक्कम पाठींबा दिला.
राज्यातील लाखो विद्यार्थ्य��ंच्या भावनेचा विचार करुन सरकारने तातडीने त्यांच्या या मागण्या मान्य कराव्यात आणि भ्रष्टाचाराचा अड्डा बनलेल्या #MPSC च्या कारभाराची झाडाझडती घेऊन तिथं स्वच्छ प्रतिमेच्या अधिकाऱ्याची नेमणूक करावी. तसंच MPSC ची ऑफलाईन परीक्षा, औषध निरीक्षक पदाच्या पेपरफुटीप्रकरणी अटक झालेल्या अधिकाऱ्यांच्या कार्याकाळातील सर्व परीक्षांचं फॉरेन्सिक ऑडीट यासह विद्यार्थ्यांच्या सर्वच मागण्या या न्याय्य आहेत. त्याकडं सरकारने दुर्लक्ष करु नये, अन्यथा विद्यार्थ्यांचं यापेक्षाही मोठं आंदोलन पुण्यातच उभारण्याचा इशारा उपस्थितांकडून यावेळी देण्यात आला.
यावेळी खा. सुप्रियाताई सुळे, आ. रोहित पवार, प्रा. विठ्ठल कांगणे सर, प्रा. सचिन ढवळे सर, प्रा. यशवंत सोलाट सर, प्रा. अजित काकडे सर, प्रा. गणेश कड सर, प्रा. धनंजय मते, प्रा. समाधान कोकटे सर, प्रा. अनिकेत पाटील सर, सचिन म्हस्के सर, तसंच या आंदोलनात प्रमुख भूमिका घेणारे प्रमोद पाटील, विद्यार्थी प्रतिनिधी किरण जगताप, संग्राम नराळे, अक्षय कांबळे, अमोल अतकरे (जॉली), स्वप्नील भिसे, प्रविण पाटील, दीपक कसबे, नितीन गिते, अजय जगताप, निकेतन शिंदे, साहेबराव क्षीरसागर, सिद्धांत जांभुळकर, ऋषिकेश गां��ुर्डे, कुणाल दिलपाक, तनया साठे, शकील शेख, शिवदास मोरे, बालाजी मिसाळ, अजय बनसोडे, अमोल शिंदे, महेश सरकाळे, राहुल तरंगे, मिथुन भालेराव, गणेश कोराळे, आश्रूबा चौधरी, साक्षी खंडावळे, स्नेहा बावनकर, ऋषिकेश शिंदे, राहुल गुडदे यांच्यासह सर्व विद्यार्थी प्रतिनिधी, शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे), सुनील माने, रविराज साबळे पाटील यांच्यासह राज्यभरातील विद्यार्थी मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.
#विद्या��्थी_आक्रोश_मोर्चा #MPSC_आक्रोश_मोर्चा #पेपरफुटी
@AshmitRaj926303@RahulGandhi@RRPSpeaks Aditya Thackeray already minister reh chuka hai. And Amit 3rd isiliye aaya tha because SHS ne candidate diya tha even though Raj Thackeray supported NDA in 2024 assembly elections. Dono Thackerays MVA ke sath ladhenge to jeetenge dono. Amit will win too.
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुआ हादसा दर्दनाक है। हम इस दुर्घ��ना में जान गंवाने वाले सभी छात्रों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
यह घटना करीब 1:30 बजे हुई, लेकिन हैरानी की बात है कि मौके पर न तो कोई पुलिसकर्मी मौजूद था, न मेडिकल टीम और न ही कोई रेस्क्यू टीम। वहां सिर्फ एक एंबुलेंस मौजूद थी।
हादसे की जानकारी मिलते ही NSUI के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और छात्रों की हर संभव मदद की। उस समय कई छात्र मलबे में दबे हुए थे और मदद के लिए चीख-चिल्ला रहे थे।
लेकिन सवाल है आखिर कब तक छात्र और आम लोग इस तरह के हादसों का शिकार होते रहेंगे?
दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ और साउथ कैंपस के आसपास कई ऐसे PG हैं, जो जर्जर हैं। इन PGs को चलाने वाले लोग एक नेक्सस का हिस्सा हैं, जिसे BJP का पूरा ���ंरक्षण है।
यही वजह है कि MCD इन पर कोई कार्रवाई नहीं करती, क्योंकि उसे सिर्फ वसूली करके सरकार की तिजोरी भरने से मतलब है।
: NSUI अध्यक्ष @VinodJakharIN जी
📍 दिल्ली
AAP, CJP and BJP guys since yesterday were making fun of Vinod Jhakar when he arrived first and started breaking the concrete.
Now the govt rescue teams are doing exactly the same.
None of their party members were on the ground and yet they have the audacity to criticize NSUI.
Sanjiv Bhatt is an IPS officer, who is in jail for 8 years now for criticizing @narendramodi. That's the only 'crime' he did.
He just revealed some of his dirty secrets.
हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न - हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाज़ी होती है, कुछ छोटे अफ़सरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।
���त्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। पिछले 4 महीनों में सैदुलाजाब में ऐसी त्रासदी में 6 लोगों की मौत हुई, हौज़ रानी में आग ने 22 जानें ले लीं। हर बार जिंदगियां, सपने और अरमान मलबे में दबते हैं - और हर बार कार्रवाई गायब रहती है।
और जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री खुद आपको “दिमागी नक्सल, नाराज़ फूफा” जैसे अपमानजनक तमगे दे देते हैं - मकसद, सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करो, बदनाम करो और चुप करा दो।
12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की। दिल्ली में "ट्रिपल इंजन" सरकार है, तो अब किस बात से लाचार है?
लाचारी है नीयत की - क्योंकि जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती।
There Is No Accountability.
#TINA
@stefdhrhsf Just like Garba became a premium urban experience, Dahi Handi could see exclusive clubs, limited passes, sponsors, celebrities and curated events.
It will get commodified and sold to a new class.
Four years ago, Bharat Jodo Yatra began under Rahul Gandhi - 4080 km from Kanyakumari to Srinagar, uniting India with hope and resolve.
The spirit of justice and the Constitution lives on.