@dineshbohrabmr ये महाशय अपने जिले में अपनी ही पार्टी के विधायकों के खिलाफत में रहते है हरवा भी देते है चूरू में मात्र एक भाजपा का विधायक है ये इन्हीं महाशय की जातिगत सोच के कारण है
@RajCMO@BhajanlalBjp आयुर्वेद विभाग की NAM योजनांतर्गत संविदा आधार पर भर्ती DSSRAU, जोधपुर द्वारा CBT आधारित करवाई गई जिसके दो सेंटर थे जयपुर और जोधपुर और मजे की बात यह है कि लगभग 90 प्रतिशत सिलेक्शन आयुर्वेद MO मैं जोधपुर से हुए जबकि परीक्षार्थी जयपुर सेंटर पर ज्यादा थे अब बताओ पे��र मिला की नहीं
@Kapil_Jyani_ सरदारशहर की प्रत्येक सड़क का यही हाल चाहे सरकार कोई भी होयहां पिछले 35 सालों से ब्राहमण राजनीति रही, बेशक ब्राहमण से अच्छा कोई राजनीतिज्ञ नहीं होता है।यहां वाले mla थे जो मानेसर विवाद में दूसरे mla खरीद रहे थे तो जहां जाति के नाम पर वोट मिलेगा तो सड़क और ठेकेदार को क्या ओलमा।
@Kapil_Jyani_ कपिल भाई, आज की पीढ़ी विकास की राजनीति चाहती है । और इन दोनों बाप बेटों के पास जातिवादी, लुट कसौट, आपसी लड़ाई की राजनीति रही है चूरू से सदैव इसलिए जीते की सामने कमजोर मुस्लिम उम्मीदवार था । ये महाशय चूरू विधानसभा से ही जीतते ��े आज चूरू की हालत देखो क्या मिला चूरू को।
@Khurpench_ भाई तुम्हारे घर से कोई न कोई बैंक में है
बुरा मत मानना, सरकारी बैंकों में sympathy वाला काम नहीं होता जैसा तुमने बताया है ज्यादा कुछ बोले तो कहते अकाउंट बंद करवा लो। आपने लिखा है वो एकतरफा है सचाई नहीं है
@chhail_singh_36 RR अपने को स्वयंभू राजपूतों का सर्वश्रेष्ठ जनप्रतिनिधि मानते हैं। इसका उलट ना समाज का काम किया, ना क्षेत्र का और सामाजिक वैमनस्य फैलाया वो घाटा अलग।