@askrajeshsahu दिक्कत इस बात की है कि
आपकी पोस्ट पर जो लोग रिएक्शन दे रहे हैं उनको स्कूल रहने या न रहने से कोई मतलब ही नहीं है। वो अपने बच्चों को प्राइवेट विद्यालयों के पढ़ा रहे हैं लेकिन तर्क इस प्रकार के देंगे जैसे परिषदीय विद्यालयों के विषय में अथाह जान समेटे हुए है।