@dtptraffic क्या एक ड्राइवर इस भीषण गर्मी में छाया में वाहन खड़ा करके खाना नहीं खा सकता?यह हमारा ड्राइवर अपने मालिक को लेकर 'रीडी महल' नियरेस्ट कुतुब मीनार मेहरौली गया था,मालिक के आने से पहले सोचा छाया मैं बैठकर खाना खा लूं,बस इतने से जुर्म की सजा ₹400 वसूल ली.
@LtGovDelhi
श्री @drpankajbjp जी आपका सर्वर काम नहीं कर रहा है।
ना फिटनेस की फीस कट रही है
ना ही परमिट रिनुअल हो रहा है
नाकामी आप लोगों की है और इसकी पेनल्टी चालकों के ऊपर पड़ रही है।
हमारी मांग है जब तक आपका सर्वर ठीक से काम नहीं करता तब तक फिटनेस-परमिट नवीकरणीय की पेनल्टी माफ की जाए।
नॉर्वे की इस रिपोर्टर को शायद पता नहीं था कि इनका सामना एक ऐसे प्रधानमंत्री से हो रहा है , जिन्होंने आजतक किसी खुले मंच से किसी रिपोर्टर के सवाल का जवाब नहीं दिया है. जिस प्रधानमंत्री ने अपने 12 साल के कार्यकाल में एक भी प्रेस कॉन्फ़्रेंस न की हो, उनसे नॉर्वे की ये रिपोर्टर अगर सवाल पूछकर जवाब चाहती थी तो क़सूर तो इसका है , न कि मोदी जी का.
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सबके सब खामखा मोदी जी के पीछे पड़े हैं. अरे भाई जिन्होंने प्रधानमं��्री बनने के बाद से आजतक 12 साल में देश में कभी सवालों क��� सामना नहीं किया , वो विदेश में ऐसे किसी मामूली रिपोर्टर के सवाल का जवाब देंगे क्या ? मजाक समझ रखा क्या हमारे प्रधानमंत्री को
दिलीप देखा रहा है , कैसे गांव के लोगो गांव को लूट रहे है ।
क्योंकि यूट्यूब पत्रकार है , काश कोई नेशनल लेवल का पत्रकार भी देखा देता कैसे राष्ट्रवादी राष्ट्र को लूट रहे है !
36 इंच जोड़ी 8 इंच मोटी सड़क को 26 इंच और 6 इंच मोटी बनाकर गांव के प्रधान लूट रहे है ।
तेल कि कोई कमी नहीं है :- हरदीप सिंह पुरी
साहब हमारी 21 कि साल कि बेटी गायब है , उनको ढुंढिया प्लीज
हमारे गाड़ी में तेल सरकार नहीं डालते है :- नागपूर पुलिस
बेटी पढ़ाओं और बेटी बचाओं :-मोदी
मुझे फुटबाल देखने का बड़ा शौक है, जब भी समय लगता है तो @Arsenal क्लब के सभी मैच देखने का प्रयास रहता है। 2011 से फुटबाल देख रहा हूँ तो हर साल ये ही सोचता था कि इस बार प्रीमियर लीग आर्सेनल जीतेगी लेकिन हर बार लीग जीतने के नजदीक आ कर निराशा हाथ लगती थी लेकिन इस बार 22 साल के बाद आर्सेनल ने प्रीमियर लीग जीत ली है और ये कल रात को लगभग 12 बजे लंदन में आर्सेनल क्लब के एमि���ेट्स स्टेडियम के बाहर का दृश्य है जहां लाखों लोग जमा हुए हैं। यह खेल की खूबसूरती है कि यह धर्म, जाति एवम क्षेत्र से पार जा कर लोगों को जोड़ता है और मैंने खेलों से जो बात सीखी है जिसे मैं सामाजिक जीवन में भी लागू करता हूँ, वो ये कि कभी भी हार नहीं माननी चाहिए और प्रयास निरन्तर जारी रहने चाहिए, सफलता एक दिन आपके कदम जरूर चूमेगी🙏मेरी बड़ी इच्छा है कि ज़िंदगी में एक दिन एमिरेट्स स्टेडियम में मैच देखने एवम स्टेडियम के माहौल को महसूस करने का अवसर मिले लेकिन यह इच्छा पूरी होनी बहुत मुश्किल है।
#Arsenal #Champions
@SurajSolanki@SandhyaTimes4u@NBTDilli ��र यह तो हरियाणा नंबर की गाड़ी है हरियाणा नंबर की गाड़ी दिल्ली में पॉइंट टू पॉइंट सवारी उठाने का काम नहीं कर सकती, यह मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है
ऐसा अगर हम लोग करते हैं तो हमारी गाड़ियों को उठाकर परिवहन विभाग बंद कर देता है
क्या सरकार के लिए अब देश में अलग कानून होंगे ?
यह फॉर्म किसी नेता से भरवारा?
किसी पुलिस अधिकारी से भरवारा?
किसी पैसे वाले से भरवारा?
नहीं तो हम कामगारों को चोरों की तरह हमारे ही देश में क्यों देख जा रहा है?
इस तरह का फार्म भरवाने का सरकारी आर्डर/गजट नोटिफिकेशन कब जारी किया गया?
कृपया हमें बताइए?
@PMOIndia@India_NHRC
श्रीमान @CPDelhi जी आज मॉडल टाउन में एक पुलिस कर्मचारी हमारे चालकों को यह फॉर्म देकर गया है और चेतावनी देकर गया है अगर 1 तारीख तक यह भर के जमा नहीं किया तो काम नहीं करने देंगे।जब हमारे पास सरकार द्वारा दिया गया लाइसेंस है,गाड़ी के पेपर है फिर यह किस तरह की डिटेल हमसे मांग रहे हो?
@mssirsa@CMODelhi@gupta_rekha@PMOIndia किसान आंदोलन के समय आपने मुझे अपने हाथों से यह खुद पगड़ी बांधी थी
आप इतना क्यों बदल गए हो मुझे समझ नहीं आता आपको क्या डर है?
आपसे विनती है आप गुरु के सिख हो कृपया उनके दिखाएं कुछ परसेंट तो सत्य के रास्ते पर चलो..🙏
@mssirsa@CMODelhi@gupta_rekha@PMOIndia मा.पर्यावरण मंत्री जी आप अधूरी जानकारी देकर हरियाणा,पंजाब,राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लोगों को भ्रमित करने का काम कर रहे हो।आप यह भी बताओ की BS-4 CNG वाहन दिल्ली में आने के लिए वैलिड हैं।आप कह रहे हो BS-6 से नीचे के वाहनों को दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी यह अधूरी जानकारी है।
इंडिया गेट पर आप बैठ सकते हो लेकिन देश के लिए खतरा विस्फोटक सामग्री पोस्टर हाथ में नहीं रख सकते है !
क्योंकि ये देश हित में नहीं है 🇮🇳🙏
नोट :- बीजेपी नेता और नीति का विरोध देशद्रोही श्रेणी में आता है ,जैसे 1947 से पहले अंग्रेजों का विरोध देशद्रोही श्रेणी में आता था ।
लेकिन दक्षिणपंथी तब राष्ट्रवादी थे और ��ब भी राष्ट्रवादी है ।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी राज धर्म का पालन करो।
और इन अपनी पार्टी के रेपि@स्टों पर कारवाई करो, यह आपका धर्म है। आपकी पार्टी के नेता आग से खेल रहे हैं।
अपनी बहन बेटीयों की इज्जत के लिए कल को ऐसा ना हो लोगों को कानून हाथ में लेना पड़ जाए...
बिहार :- रोहतासगढ़ किले तक पहुंचने वाला रोप-वे लगभग ₹13 करोड़ में बनाया गया था !
1 जनवरी को उद्घाटन था लेकिन ट्रिपल इंजन का वजन नहीं सह ��का !
अब वजन ज्यादा था इसलिए टूटा है ।
भ्रष्टाचार नहीं हुआ क्योंकि मोदी और नीतिश ईमानदार है 😎
न्याय जब सत्ता के तराज़ू पर तौला जाने लगे, तो सबसे पहले बेटियों का भरोसा टूटता है।
उन्नाव रेप केस सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि यह बताता है कि भारत में ताकतवर लोगों के लिए कानून कितना नरम और पीड़ितों के लिए कितना कठोर हो सकता है। एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार, फिर पुलिस की अनदेखी, पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत, गवाहों पर हमले, सड़क दुर्घटना में परिवारजनों की जान जाना और अंत में आजीवन कारावास पाए दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत। यह पूरी श्रृंखला सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
कांग्रेस सरकार के समय निर्भया कांड के बाद देश ने सख़्त राजनीतिक इच्छाशक्ति देखी थी।
तत्काल कानून बदले गए, फास्ट ट्रैक अदालतें बनीं और दोषियों को फांसी की सज़ा दी गई। तब संदेश साफ था कि रेप जैसे जघन्य अपराध में कोई रियाय�� नहीं मिलेगी, चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। आज भाजपा शासन में उसी देश में हालात बदलते दिख रहे हैं जहाँ दोषी को जमानत मिलती है और पीड़िता आज भी डर के साए में जीने को मजबूर है।
और इससे भी ज्यादा चिंताजनक है सत्ता से जुड़े नेताओं का दोषियों के पक्ष में खुलकर बोलना।
उन्नाव रेप केस में दोषी करार दिए जा चुके कुलदीप सेंगर के समर्थन में भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बयान सामने आना बता���ा है कि समस्या सिर्फ अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक संरक्षण की मानसिकता अब भी ज़िंदा है। जब देश की बेटियां न्याय की आस में खड़ी हों और सत्ता से जुड़े लोग दोषियों के लिए सहानुभूति जताएं, तो संदेश साफ जाता है कि ताकतवर के लिए अलग और पीड़िता के लिए अलग न्याय है।
भाजपा राज में सवाल पूछने वालों को दबाया जाता है और पीड़ितों की आवाज़ को बोझ समझा जाता है।
उन्नाव मामले में आज भी पीड़िता और उ���का परिवार सुरक्षा को लेकर आशंकित है, ��बकि दोषी के लिए रास्ते आसान किए जा रहे हैं। क्या यही “बेटी बचाओ” का सच है? क्या न्याय अब राजनीतिक बयानबाज़ी और समर्थन पर तय होगा?
मैं एक बेटी हूँ, एक खिलाड़ी हूँ और एक जनप्रतिनिधि हूँ।
मैं साफ कहना चाहती हूँ कि यह लड़ाई किसी एक केस या एक परिवार की नहीं है। यह उस सोच के खिलाफ है जो सत्ता के नज़दीक बैठे अपराधियों को बचाने की कोशिश करती है। अगर निर्भया के दोषियों को फांसी मिल सकती थी, तो उन्नाव जैस��� मामलों में दोषियों को राहत क्यों? कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, बिना डर, बिना दबाव और बिना राजनीतिक संरक्षण के।
खनन माफिया कितना मजबूत है ?
आप विवेक की विडियो से समझ सकते हो भाई ने कुछ पैसे लिया और नेगेटिव फैलाना शुरू कर दिया !
विवेक अकेला नहीं सैंकड़ो रील बनाने वाले है !!
क्योंकि धंधा है - लेकिन गंदा है💰
हर कोई बिकाऊ नहीं होता है !
सरकार और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के समर्थंन में रील मनाने के लिए भी पैसों का ऑफर दे रहे है !
मनदीप का अकाउंट @thecalmguyyy नाम से इंस्टाग्राम पर रिल मनाते है ।
भाई ने साफ मना कर दिया है क्योंकि AQI बढ़ने से कितना नुकसान हो रहा है उसका ���ता है ।