#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
ब्रह्मा और विष्णु की लड़ाई को रोकने के लिए ब्रह्म यानी सदाशिव ने तेजोमय लिंग की स्थापना की थी जैसा कि विद्वेश्वर संहिता में बताया गया है।
First India News Exposed
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
काल ब्रह्म की आयुः-
सात त्रिलोकिय ब्रह्मा (काल के रजगुण पुत्र) की मृत्यु के बाद एक त्रिलोकिय विष्णु जी की मृत्यु होती है तथा सात त्रिलोकिय विष्णु (काल के सतगुण पुत्र) की मृत्यु के बाद एक त्रिलोकिय शिव (ब्रह्म-काल के तमोगुण पुत्र) की मृत्यु होती है।
F
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
तमगुण शिव की आयुः-
श्री विष्णु जी की आयु से श्री शिव जी की आयु सात गुणा अधिक है अर्थात् तीन अरब बावन करोड़ अस्सी लाख चतुर्युग की श्री शिव की आयु है।
First India News Exposed
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
सतगुण विष्णु की आयुः-
श्री ब्रह्मा जी की आयु से सात गुणा अधिक श्री विष्णु जी की आयु है अर्थात् पचास करोड़ चालीस लाख चतुर्युग की श्री विष्णु जी की आयु है।
First India News Exposed
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
शिव महापुराण कोटी रुद्र संहिता के अध्याय 12 में शिव लिङ्ग के विषय में एक दारुण वन की कथा है जिसमें शिवलिङ्ग की स्पष्ट जानकारी है। लिङ्गका अर्थ और कुछ नहीं बल्कि शिव जी का Private Part है।
First India News Exposed
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
शिव महापुराण कोटी रुद्र संहिता के अध्याय 12 में शिव लिङ्ग के विषय में एक दारुण वन की कथा है जिसमें शिवलिङ्ग की स्पष्ट जानकारी है। लिङ्गका अर्थ और कुछ नहीं बल्कि शिव जी का Private Part है।
First India News Exposed
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
काल कहता है प्रकृति तो मेरी पत्नी है और में इसके उदर में बीज स्थापित करने बाला जगत का पिता हूं इससे उत्पन्न तीनो गुण अविनाशी जीव आत्मा को कर्मानुसार बा��धे रखते हैं(गीता जी अध्याय १५ श्लोक ३-५)
First India News Exposed
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
ब्रह्मा जी, श्री विष्णु जी तथा श्री शिव जी का पिता कौन है? श्री ब्रह्मा (रजगुण), श्री विष्णु (सतगुण) तथा श्री शिव जी (तमगुण) की माता देवी दुर्गा है
First India News Exposed
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
श्री शिव पुराण के विद्येश्वर संहिता संहिता खण्ड-1 अध्याय 9 के श्लोक 40, 46 तथा अध्याय 5 के श्लोक 26,31 में प्रमाण है
First India News Exposed
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
श्री शिव पुराण के विद्येश्वर संहिता संहिता खण्ड-1 अध्याय 9 के श्लोक 40, 46 तथा अध्याय 5 के श्लोक 26,31 में प्रमाण है
First India News Exposed
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
श्रीमद् देवीभागवत पुराण तीसरा स्कंद, अध्याय 5 पृष्ठ 123 भगवान विष्णु जी ने दुर्गा की स्तुति की कहा कि मैं (विष्णु), ब्रह्मा तथा शंकर तुम्हारी कृपा से विद्यमान हैं।
First India News Exposed
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
श्रीमद देवी भागवत पुराण तीसरा स्कंध 3, अध्याय 4, पृष्ठ संख्या 10, श्लोक 42
ब्रह्मा- अहम् ईश्वरः फिल ते प्रभावात्सर्वे व्यं जनि युता न यदा तू नित्याः, के अन्ये सुराः शतमख प्रमुखाः च नित्या नित्या तव्मेव
First India News Exposed
#सच्चा_सतगुरु_कौन
जो पूर्ण सतगुरु होगा उसमें चार मुख्य गुण होते हैं:-
गुरू के लक्षण चार बखाना, प्रथम वेद शास्त्र को ज्ञाना (ज्ञाता)।
दूजे हरि भक्ति मन कर्म बानी, तीसरे समदृष्टि कर जानी।
चौथे वेद विधि सब कर्मा, यह चार गुरु गुण जानो मर्मा।
कबीर सागर के अध्याय ‘‘जीव धर्म बोध‘‘ के प
#सच्चा_सतगुरु_कौन
"गुरु चरणामृत का महात्मय' (परमेश्वर कबीर जी की वाणी से)
गुरु बिन वेद पढ़े जो प्राणी, समझै न सार रह अज्ञानी ।
तत्वदर्शी संत अर्थात् पूर्ण ��ुरू की शरण में आए बिना यदि कोई वेदों को पढ़ता है, उसको सद्ग्रन्थों का सारज्ञान समझ नहीं आता । सद्ग्रन्थों के गूढ़ रहस्यो
जब तक समाज से सर्व बुराइयाँ समाप्त नहीं हो जाती और मानव सतभक्ति नहीं करता, तब तक समाज में सुख शांति यानि धरती ऊपर स्वर्ग की कल्पना नहीं की ���ा सकती। परन्तु पृथ्वी पर एक ऐसे भी संत मौजूद हैं जिनके दिए जा रहे तत्वज्ञान से धरती ऊपर स्वर्ग बन रहा है। तो जानिए धरती ऊपर स्वर्ग कैसे बनेगा और वह संत कौन है जिनके ज्ञान से धरती ऊपर स्वर्ग बन रहा है?: https://t.co/0X1xgIdhzJ