#NationalHandloomDay | राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर भारत की समृद्ध हथकरघा विरासत का उत्सव मनाया जा रहा है - जो ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत आधार है।
इस क्षेत्र में कार्यरत 70% महिलाएं इसे सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का प्रभावशाली माध्यम बनाती हैं।
यह क्षेत्र महिला विकास और आत्मनिर्भरता को भी नई दिशा देता है।
#MyHandloomMyPride
भारत का हथकरघा केवल वस्त्र नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका का आधार है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के आह्वान पर आइए, अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पादों के साथ वीडियो साझा कर #NationalHandloomDay के जनआंदोलन को और व्यापक बनाएं।
आइए, #NationalHandloomDay पर #VocalForLocal के संकल्प को और मजबूत करें तथा भारतीय हस्तकरघा उत्पादों को अपनाकर अपने कारीगरों का सम्मान बढ़ाएं।
Under the Mission Shakti Guidelines, One Stop Centre (OSC) provides integrated and immediate support and assistance under one roof to women affected by violence and those in distress
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Ministry of Women and Child Development provides capacity building and technical support to central Ministries/ Departments/ States/ UTs to advance their gender budgeting processes
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Mission Poshan 2.0 represents the Government’s latest effort to holistically combat malnutrition & promote child development, by building on past programs with a converged & strengthened approach
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Breast milk nourishes while strengthening natural defence against infections. Give your baby nature's superfood for a brighter, healthier future. #WorldBreastfeedingWeek2026
बच्चों के ऑनलाइन यौन उत्पीड़न और शोषण को रोकने, पता लगाने और उससे निपटने के लिए एक व्यापक और समन्वित संस्थागत ढांचा
◆ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और गृह मंत्रालय (एमएचए) ने अपने-अपने वैधानिक अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत बच्चों के ऑनलाइन यौन उत्पीड़न और शोषण की रोकथाम, पहचान और निवारण के लिए एक व्यापक और समन्वित संस्थागत ढांचा स्थापित किया है।
◆ सरकार की इन नीतियों का उद्देश्य डिजिटल जगत में महिलाओं और बच्चों सहित सभी उपयोगकर्ताओं के लिए एक खुला, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह इंटरनेट सुनिश्चित करना है।
◆ बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम, 2012 बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है, जिनमें ऑनलाइन यौन उत्पीड़न भी शामिल है।
◆ धारा 12 में धारा 11 के अंतर्गत परिभाषित बाल यौन उत्पीड़न के लिए दंड का प्रावधान है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक या ऑनलाइन माध्यमों से यौन संबंधी टिप्पणियां करना, अश्लील सामग्री दिखाना या यौन इरादे से बार-बार बच्चे से संपर्क करना शामिल है।
विवरणः https://t.co/UAJRA1wjZs @MinistryWCD
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ बाल लिंगानुपात तथा बालिकाओं एवं महिलाओं के सशक्तीकरण से जुड़े मुद्दों के समाधान में सहायक है
📍बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ बाल लिंगानुपात (सीएसआर) तथा बालिकाओं एवं महिलाओं के सशक्तीकरण से जुड़े मुद्दों के समाधान में सहायक है।
📍22 जनवरी 2015 को शुरू की गई यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त प्रयास के रूप में प्रारंभ की गई थी। इसका उद्देश्य लिंग-आधारित भ्रूण लिंग चयन को रोकना, बालिकाओं के अस्तित्व और संरक्षण को सुनिश्चित करना तथा उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना है।
📍यह योजना विभिन्न हितधारकों को जागरूक, प्रभावित, प्रेरित, सहभागी तथा सशक्त बनाकर बालिका के प्रति सोच और व्यवहार में परिवर्तन लाने का प्रयास करती है।
विवरणः https://t.co/mIwlmoDWgv @MinistryWCD
भारत सरकार की कई योजनाएं महिलाओं द्वारा संपत्ति के स्वामित्व और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देती हैं
🔰 स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएंडएफडब्ल्यू) राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) नामक एक एकीकृत सर्वेक्षण आयोजित करता है।
🔰 यह सर्वेक्षण स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा इससे संबंधित क्षेत्रों जैसे जनसंख्या की विशेषताएं, प्रजनन क्षमता और प्रजनन संबंधी प्राथमिकताएं, परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, रुग्णता एवं स्वास्थ्य देखभाल, महिला सशक्तिकरण आदि पर आंकड़े प्रदान करता है।
🔰 वर्ष 2019-21 में आयोजित राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) में अन्य बातों के अलावा, 15-49 वर्ष की आयु वर्ग की उन महिलाओं और पुरुषों का प्रतिशत बताया गया है जो अकेले या संयुक्त रूप से घर या जमीन के मालिक हैं।
🔰 एनएफएचएस-5 के अनुसार, देश में 15-49 वर्ष की आयु वर्ग की 42.3% महिलाएं और 60.1% पुरुष अकेले या संयुक्त रूप से घर के मालिक हैं। इसके अलावा, 15-49 वर्ष की आयु वर्ग की 31.7% महिलाएं और 42.3% पुरुष अकेले या संयुक्त रूप से जमीन के मालिक हैं।
विवरणः https://t.co/19gxegaNZQ @MinistryWCD