At Jantar Mantar, Sonam Wangchuk's wife Gitanjali Angmo says, "Sonam will end his hunger strike tomorrow if political leaders meet him at hospital and assure him that they will raise the issue of education accountability during Parliament session." (PTI)
We won’t flee. We won’t go anywhere. We will not back down!" Look into their eyes that is the face of a community pushed to the absolute brink by state terror. The government thinks it can submerge their history and homes for the Ken-Betwa project, but these tribal women are standing like an iron wall. Waging war against your own indigenous people isn't governance, it's a crime!
#JalJungleZameen
यह जंतर-मंतर का वीडियो है। आज दिल्ली की उमस भरी गर्मी जान ले रही है। उस हाल में वहाँ लोग ठसा-ठस भरे हैं। हाथ का पंखा लेकर नौजवान एक दूसरे को हवा का मरहम लगा रहे हैं। घर में पंखे के नीचे राहत नहीं है, वहाँ तो क्या ही हालत होगी। इस गर्मी में वहां मौजूद लोगों की हालत भी ख़राब हो रही होगी। सोनम वांगचुक को जबरन हटाने के बाद भी धरना कमज़ोर नही हुआ है। लोगों ने आगे आकर इस धरने को थाम लिया है। कौन नेता है, कैसा नेता है, यह सब सवाल पीछे चला गया है। आज पूरे दिन जंतर-मंतर पर भारी भीड़ रही। धरना स्थल तक जाने के लिए लोग कतार में बिना शिकायत खड़े हैं। वहाँ से लौटने वाले लोगों की लाइन राजीव चौक मेट्रो में भी बढ़ती जा रही है। सोमवार को सरकार का इम्तहान है। कल वह मार्च में बाधा डालेगी या मार्च होने देगी।
आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, ग़ाज़ियाबाद इन महानगरों, महाज़िलों में रहने वाले जेन ज़ी, जेन बी जेन एक्स, जेन जो भी, किसी से पूछ लीजिए। क्या यहाँ एक भी सरकारी शैक्षणिक संस्थान है, जिसकी दुनिया छोड़िए, भारत में पहचान हो। जिसकी गुणवत्ता की तारीफ होती हो। जिसमें पढ़ने का सपना देखा जाता हो। एक भी नहीं है। सोचिए लाखों करोड़ों की आबादी के बीच एक ढंग का कॉलेज नहीं है। जहाँ भारत का एस्पिरेशनल क्लास रहता है। वह 12 साल से व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी में डूबा रह गया। बच्चों के लिए अमेरिका का वीज़ा बनवाता रहा लेकिन मुड़ कर नहीं देखा कि उसके शहर में एक भी कॉलेज काम का क्यों नहीं है। इसके कारण मिडिल क्लास के साथ साथ नियो मिडिल क्लास के बच्चे भी घिस रहे हैं, पिस रहे हैं, मिट रहे हैं। जो मेहनत मज़दूरी करने वाला तबका है, जिसे लग रहा है कि पढ़ाई से उसके परिवार का भविष्य बदल सकता है, वह कड़ी मेहनत कर अपने बच्चों को किसी तरह स्कूल और कालेज भेज रहा है। उसे पता ही नहीं है कि वह अपने बच्चों को जिन सपनों के लिए तैयार कर रहा है, वह कब का रौंदा जा चुका है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग़ाज़ियाबाद और गुरुग्राम के घरों में काम करने वाली महिलाओं से पूछ लीजिए। हाड़ तोड़ मेहनत कर रही हैं और अपने बेटी की पढ़ाई के लिए फीस भर रही हैं। उनके बच्चे भी ख़ूब मेहनत करते हैं लेकिन सामाजिक पूंजी नहीं होने के कारण उन्हें गाइड नहीं मिल पाता। हर दिन लाखों सपनों की हत्या हो रही है। समाज के इस तबके को अभी शिक्षा से जुड़े मुद्दे की समझ नहीं है, कभी तो उन्हें भी पता चलेगा कि सारा सिस्टम इसी तरह डिज़ाइन किया गया है कि उनके बाद उनकी बेटियाँ भी घरों में काम करती रहेंगी । शिक्षा को बर्बाद किया गया ताकि लाखों लोगों का भविष्य बर्बाद हो सके और वे कम से कम पैसे में काम करने के लिए हमेशा मजबूर रहें।
भारत के भविष्य के साथ लंबे समय तक यह धोखा हुआ है। हो सकता है भारत का युवा धर्म की राजनीति में फिर से सनक जाएगा, वह गौरव और पहचान राजनीति में धर्म से पाने लगेगा, यह सब हो सकता है, हो ही रहा है, लेकिन अगले तीस साल में भी वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए बड़े स्तर के शैक्षणिक संस्थानों को नहीं पा सकता है। यह लड़ाई आज की नहीं है, अगले पचास साल की है।
सदन किस किस तरह का ‘बढ़िया भरोसा’ देकर तालियाँ पिटवा लेते हैं ये मंत्री लोग!
लोकसभा में दिया गया 18 मार्च 2021 का भाषण है ये नितिन गडकरी का जिसमें वे एक साल के भीतर सारे टोल बूथ हटा कर GPS से टोल लिए जाने की बात कर रहे थे!
पांच साल बीत गए टोल बूथ अभी भी हैं और कईयों पर कई बार वाहनों की लंबी क़तार भी लगती है।
दरअसल पूरा ध्यान इथेनॉल बिज़नेस पर लगा देने से मंत्री अपना असल बिज़नेस तो भूल ही गए!
अब शायद कोई नई डेडलाइन देकर फिर ताली पिटवा
लेंगे। पब्लिक की मेमोरी शॉर्ट होती है।
Jind got a brand-new road overnight before PM Modi’s visit.
For ordinary citizens, broken roads are “under process.”
For VVIPs, the entire system suddenly discovers speed, funds and competence. 🤡
Hi, I have applied for a new gas connection. It's been almost 3 months passed. But I did not receive any response from gas agency owner or field manager. Please let me know if you have stopped the new connection?
@IndianOilcl@PMOIndia@narendramodi@RahulGandhi@nitin_gadkari
ज़ब राजनाथ सिंह देश के गृह मंत्री थे तब 👇
पत्रकार : सर, क्या गृह मंत्रालय हाफिज सईद के संगठन जमात उल दावल को आतंकी संगठन मानता है
राजनाथ सिंह : किसी से पूछ कर... है
पत्रकार : लेकिन गृह मंत्रालय क़ी जो टेरेरिस्ट ऑर्गनाइजेशन की लिस्ट है उसमें उसका कही जिक्र नहीं है
राजनाथ सिंह : आये... हीहीही.. अच्छा... चेक करना पड़ेगा
आज रक्षा मंत्री बनकर राजनाथ सिंह संसद मे झूठ बोल देते है
ना अच्छे गृह मंत्री बन पाए ना अच्छे रक्षा मंत्री
इनसे इस्तीफा क्यों नहीं माँगा जा रहा?
Hello @narendramodi, Mann ki baat me batado ke Kitne he logon ne Social media pe ye bhi likha hai ke kaise aapke CM Mohan Yadav ne Land deals kiya hai..
मैने इसे ( चंपत रॉय) नंगा बदन पकड़ा था जिस लड़के के साथ पूरा अयोध्या जानता है।
सब नहीं खोलूंगा नहीं तो सब नंगे हो जायेंगे !
वैसे संघीयो की यही पहचान और संस्कार है।