साहिल के पिता के द्वारा लिखाए गए FIR के कॉन्टेंट को पढ़िए और उसके बाद IIT बॉम्बे के इस माफीनामा को पढ़िए!
FIR को पढ़कर समझ जाएंगे कि किस तरह देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक संस्थान के डायरेक्टर के निर्देश पर ��क प्रोफेसर एक दलित लड़के को महीनों से जाति से जुड़ी गालियां दे रहे थे! और इतने से इनका मन नहीं भरा तो जब लड़का एग्जाम दे रहा था तो प्रोफेसर उसके पास पहुंच गए! आरोप लगा दिया कि लड़का ChatGPT की मदद से पेपर लिख रहा था!
लड़के ने तीन महीने पहले अपने पिता को बता दिया था कि प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला ने उस लड़के से कहा था कि चूंकि लड़का 'नीची जाति' का है इसलिए उसे किसी फ़र्जी केस में फंसा देंगे! ...! आज IIT बॉम्बे की पूरी फैकल्टी उस प्रोफेसर के साथ खड़ी है!
बताओ, एक लड़के के खिलाफ इतना बड़ा षड्यंत्र! पूरा संस्थान एक दलित लड़के के ख़िलाफ़ हो गया था।
No words!! #IITBombayCase
साइंस का प्रतिष्ठित जर्नल Nature हर साल रिसर्च आउटपुट के आधार पर दुनिया के संस्थानों की रैंकिंग जारी करता है। 2026 की रैंकिंग में भारत का एक भी संस्थान टॉप 200 में नहीं है। IISc बेंगलुरु 202वें और IIT मुंबई 282वें स्थान पर है, जबकि टॉप 100 में चाइना के 51 संस्थान शामिल हैं।
भारत के प्रीमियम संस्थानों में 90% से अधिक प्रोफेसर पदों पर तथाकथित ‘मे��िटधारियों’ का कब्ज़ा है। लेकिन जब वैश्विक स्तर पर रिसर्च और अकादमिक प्रतिस्पर्धा की बात आती है, तो यही ‘मेरिट’ अचानक सुषुप्त अवस्था में चली जाती है।
आख़िर ये कैसी मेरिट है, जो नौकरी और प्रमोशन पाने तक ही दिखाई देती है और उसके बाद दुनिया से प्रतिस्पर्धा करने के समय गायब हो जाती है?
क्या कोई रिकॉर्ड है जिससे ये साबित हो कि IIT बॉम्बे के छात्र "Sahil Wakode" ने पेपर में नकल की।
सारे एग्जाम सेंटर में कैमरे लगे हैं CCTV फुटेज कहां हैं??
क्या किसी छात्र ने अबतक बयान दिया कि प्रोफेसर ने सचमुच "Sahil Wakode" को नकल करते हुए पकड़ा— क्योंकि एग्जाम हाल में 50+ छात्र रहे होंगे?
अगर प्रशासन सबूत के साथ नकल करने की बात साबित नहीं कर पाता तो— मतलब सीधा सा है कॉलेज फैकल्टी ने दलित छात्र के खिलाफ षड्यंत्र रचा जिससे उसे जान गंवानी पड़ी।
नवादा जिला बिहार के सरकारी स्कूल की छात्राओं ने अपने हेडमास्टर के ऊपर छेड़खानी के आरोप लगाए हैं,
@bihar_police@officecmbihar मामले की निष्पक्ष जाँच करवा कर हेडमास्टर के ऊपर कार्यवाही की जाये
���आनंदपुरा ,बिहार
यह यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर पदस्थ पूनम रावत है जिन्हें अक्सर वर्दी में रील बनाना अच्छा लगता है ,
मैडम जी चाहती तो वर्दी की गरिमा बनाकर रख सकती थी।
देश की राजधानी दिल्ली में फिर बड़ी वारदात -
16 वर्षीय लड़की से 4 लड़कों ने गैंगरेप किया, फिर चाकू से गोदकर हत्या कर दी। इस मामले में 19 वर्षीय शिवम गणेश और 3 नाबालिग आरोपी गिरफ्तार हैं। नाबालिगों की उम्र 16 और 17 साल है।
पुलिस के मुताबिक, 10 सितंबर की शाम लड़की अपने परिचित 17 वर्षीय लड़के से मिलने गई थी। इस दौरान उससे हैवानियत हुई। ��ीड़िता ने भुगत लेने की धमकी दी तो आरोपी ने अपने दोस्त बुला लिए। फिर 3 दोस्तों ने शराब के नशे में उसकी अस्मत लूटी।
11 सितंबर की सुबह वह लड़की को ऑटो में डालकर खेत में ले गए। यहां उसके शरीर को चाकू से बर्बरता से गोदा फिर लाश छिपाने की कोशिश की।
हिन्दू राष्ट्र की बात करने वाले आरएसएस के जातिवादी गुंडों ने...
एक दलित शिक्षक उप प्रधान "रेखा मल्लिक" पर जातिवादीयों ने "अण्डे" फेंके जय श्री राम के नारे लगाए!
एक अकेली पर महिला पर इस तरह से हमले करना दुखद है!
अलीगढ़ में करनी सेना के सचिन राघव के साथ हुई हिंसा की संविधान में कोई जगह नहीं है जिन्होंने मारपीट की है उन पर अलीगढ़ पुलिस संगीन धाराओं में केस दर्ज करे और कारवाई करें क्योकि सचिन राघव ने गलती की थी तो उसके लिए भीमराव अंबेडकर के सहयोग से बने संविधान ने आपको बहुत ताक़त दी है उसका इस्तेमाल करो
लेकिन मुख्य सवाल ये भी है कि ���जीत भारती द्वारा उपजाए इस नफ़रती माहौल में और कितने बच्चे भ्रमित होंगे
कुछ लोगों को देखता हूँ की वे CJP से अजीब तरह ��े चिढ़े रहते हैं! स्वाभाविक तौर पर इनमे अधिक उम्र के लोग अधिक हैं!
इन्हे क्या बुरा लग रहा है? ये स्कूल ठीक करने की बात कर रहे हैं यह बुरा लग रहा है? कहीं भी किसी भी राज्य के स्कूल की बात करते हैं ��ो राजनितिक दलों को जो आपत्ति है,आम लोगों को इनसे क्या दिक्कत हो सकती है? अगर एजुकेशन रिफार्म की बात रहे हैं तो सरकार प् रजो दबाव पड़े,इन लोगों को इससे क्या आपत्ति है? अगर तीन साल में दो बार नीट पेपर लीक होने के बाद जब ये खुद शांत रहे और कोई बोलने लगा तो इससे इनको क्या दिक्क्त है?
पुरे दिन हिन्दू मुस्लिम का व्हाट्सप्प फॉरवर्ड शेयर करने वाले लोग इतने "अंधे" हो गए हैं की इनके लिए शिक्षा की बात करना और इसपर आंदोलन करना समाज-देश विरोधी लगने लगा है!
Swatantra is back on his “shikaar” … the judiciary in India is today turning out to be our Constitution’s greatest threat. Am calling it out. Satyameva Jayate
देखिए मनुस्मृति की सच्चाई खुद एक ब्राह्मण मिश्रा जी बता रहे मनुस्मृति कितना शूद्रों के विरोधी है देखिए --
बस इसलिए ब्राह्मण वर्ग को मनुस्मृति पसंद है
क्योंकि मनुस्मृति में ब्राह्मणों का ही राज चलता था
जब से संविधान आया तब से शूद्रों को हक अधिकार मिला बस इसलिए मनुस्मृति पसंद लोगो को संविधान नहीं हजम हो रहा है
पत्रकारिता में आरक्षण नहीं है । CA की परीक्षा में आरक्षण नहीं है । वकालत में आरक्षण नहीं है । उद्योग ��गत में आरक्षण नहीं है । खेल में आरक्षण नहीं है । इतिहास लेखन में आरक्षण नहीं है ।
लेकिन इनमें कहीं भी क्षत्रिय समाज नहीं दिखता ।
आपकी समस्या क्या है वो आपको समझ नहीं आता । अपनी असफलता का ठीकरा आरक्षण पर फोड़ते रहते हैं । 40 फीसदी समान्य और 10 फीसदी EWS के लिए सीट होती है। इसमें कितने सिलेक्ट हो जाते हैं ?
आप आरक्षण का विरोध करते हैं तो करिए लेकिन अपनी कमजोरी को इसके पीछे छिपाने की कोशिश मत करिए । आप कमजोरी छुपाते हैं और अपनी स्थिति का मूल्यांकन नहीं करते ।
सवर्ण समाज के संगठनों से अनुरोध है !!
ये जितने भी दलित खासकर जाटव है,ये जितने भी देवी देवताओं पर अभद्र टिप्पणी कर रहे है इनको उठाकर जेल में डलवाओ !!
क्योंकि "बहुजन सेना टीम" इनको समझाकर थक गई है और ��े गधे सुधरने का नाम नहीं ले रहे
सालों को पढ़ाई नहीं करनी बस chutiyaap करना🤬🤬
"मैं ब्राम्हण हूँ, मेरा दोस्त SC समुदाय से है। हम जयपुर में जब भी रूम लेने जाते है तब मुझे खुद की जाति ���तानी पड़ती है और दोस्त को भाई बोलकर परिचय देना पड़ता है क्योंकि अगर दोस्त की जाति बताऊंगा तो कोई रूम नही देगा। तो आरक्षण हटाने की बात मैं कैसे करू?"
-समझदार ब्राम्हण युवक
Big Update –
गाजियाबाद, यूपी में कैफे में मुफ़्त खाना खाने, 50 हजार रुपए रंगदारी मांगने के आरोप में हिंदू रक्षा दल के दक्ष चौधरी, अक्कू पंडित, सौरभ पंडित, अम���त पहलवान पर FIR दर्ज हुई !!।
कैफे संचालिका हरलीन कौर ने पुलिस को व्हाट्स एप चैट भी दी है, जिसमें उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं। यह मोबाइल नंबर अक्कू पंडित का बताया गया है।
रोहिणी घावरी की फिलहाल केवल दो योग्यताएं हैं।
पहली- स्विट्जरलैंड से भारत आईं हैं
दूसरी- चंद्रशेखर रावण की पूर्व प्रेमिका हैं
दलित समाज से आने वाली रोहिणी घावरी का पिछले दो दिनों से उठना बैठना केवल और केवल सवर्णों के बीच रहा है।
उनमें भी ख़ासकर ऐसे लोगों से जो चंद्रशेखर रावण के घोर विरोधी हैं।
जबकि रोहिणी घावरी कई सालों बाद विदेश से भारत लौटीं हैं उन्हें अपने मां बाप के साथ होना चाहिए यानि कि सबसे पहले अपने घर जाना चाहिए था।
लेकिन राजनीति क्या न करवाए, ऐसे लोगों से समाज को बच कर रहना चाहिए।
रोहिणी घावरी के मौजूदा हालत को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि वह पूरी तरह से भटकी हुई हैं।
हमने @Flipkart से एक सर्ट ऑर्डर किया था जिसका साईज XL दिया था और मिला हमको L, साईज और वापस करने के बाद भी अभी तक ऑर्डर नही मिला है। मेरा @Filpkart77221
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