मेरी राष्ट्रभक्ति किसी पार्टी के सर्टिफिकेट की मोहताज़ नही है---
न मैं कांग्रेस का समर्थक हूँ, न आप से मुझे प्यार है
न ही भाजपा की सच्ची-झूठी बातों से सरोकार है
ये सब हक़ीम है नकली और देश मेरा संजीदा बीमार है
सेना की प्रेस कांफ्रेंस ने कुछ बातें स्पष्ट कर अच्छा किया गया।
कई सीनियर बीजेपी नेता ऑन रिकार्ड सभी जगह कह रहे थे कि अग्निवीर के अलावा सामान्य नियुक्ति प्रक्रिया भी चालू रहेगी। टीवी डिबेट में कई एक्सपर्ट भी ऐसा ही कह रहे थे। लेकिन अब स्प्ष्ट हो गया,एक सेना,एक नियुक्ति सिस्टम।
Mental health professionals need to focus more on Expressed Emotions of carers towards patients with mental illness. Seems difficult & challenging but must for better & faster recovery of their patients.
#OP_Talks
@Ambuj_IND उसी अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा, ट्रम्प से लेकर जो बाइडेन तक अमेरिका के विकास में मुस्लिमों के महत्व को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके है।
उस दो कौड़ी के पाकिस्तानी पत्रकार की बात को इतनी गम्भीरता से तुम्हारे जैसे दो कौड़ी के लोग ही ले सकते है।
@Ambuj_IND उसी अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा, ट्रम्प से लेकर जो बाइडेन तक अमेरिका के विकास में मुस्लिमों के महत्व को सार्वजन���क रूप से स्वीकार कर चुके है।
उस दो कौड़ी के पाकिस्तानी पत्रकार की बात को इतनी गम्भीरता से तुम्हारे जैसे दो कौड़ी के लोग ही ले सकते है।
मैं सरकार से माँग करता हूँ कि #Agniveer का कार्यकाल पाँच साल किया जाए और 5 साल तक उन्हें नौकरी के साथ पढ़ने ���र ग्रेजुएट होने का मौक़ा दिया जाए। वरना 22 साल की उम्र में मैट्रिक पास आदमी प्राइवेट गार्ड के अलावा क्या बनेगा? युवाओं की ज़िंदगी संवारें। बर्बाद न करें। @narendramodi
इंदौर में डोमिनोज़ में जॉब करने वाली लड़की को लड़कियों का गैंग पीट रहा है,इस लड़की पर पर आरोप लगाया गया है कि वह हमारी तऱफ घूर रही थी,@comindore गुज़ारिश करूँगा कि किसी भी हाल में इस लड़की के गैंग को बख़्शा ना जाये!
मुहम्मद साहब की शादी के समय उनकी पत्नी की उम्र को लेकर परेशा�� कितने लोग जानते हैं कि हिंदू धर्म के तहत शादी की उम्र 9 साल से बढ़ाकर 12 साल की गई थी तो तिलक सहित अनेक नेताओं ने इसका तीख़ा विरोध किया था?
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याद रखिए
कल अगर किसी भाजपाई के घर पर भी इस तरह बदले की कार्यवाही के चलते बुल्डोज़र चला तो उसका विरोध करने में एक क्षण भी हम नहीं झिझकेंगे।
कोई पार्टी नहीं संविधान सर्वोपरि होना चाहिए। न्याय का पक्ष सर्वोपरि होना चाहिए।
इस पूरे रायते में दो चीजें साफ रहनी चाहिए। पहली, भारत में ऐसा कोई कानून नहीं है जो ब्लासफमी को जुर्म मानता है। ये आजाद मुल्क है और ईश्वर आलोचना के दायरे से बाहर नहीं है।
दूसरी बात, संविधान ने बोलने की आजादी के साथ-साथ कुछ तार्किक पाबंदियां भी बताई है।
Psychiatrist's perspective:
This person got 'depression' not identified & treated by his family and friends. He experienced 'suicidal ideations' which requires immediate hospitalization. Finally, he dies by 'suicide' preceded by 'extended suicide' (killing his family members).
सबसे बड़ी विंडबना और कमी आज देश में ऐसे व्यक्ति की है जो खुलकर कहे-आओ,नफरत बंद करें। बैठते हैं। बात करते हैं। और बात से बात निकाल कर चीजें ठीक करते हैं। और सभी पक्ष एक साथ उनके साथ बैठ जाए। देश-समाज के लिए ऐसा अविश्वास कतई अच्छा नहीं है। चीजें संभा��नी होगी
न���पुर शर्मा का समर्थन करने वाले भी मुट्ठी भर लोग हैं, और विरोध में हिंसा करने वाले भी मुट्ठी भर ही हैं… लेकिन इन दोनों की वजह से ख़ामियाज़ा कितनी बड़ी आबादी भुगतेगी? ये सब कबतक चलेग���? कहाँ तक जाएगा? अब उस बड़ी आबादी को सोचना चाहिए…
चरणचम्पकों की यह सबसे बड़ी पहचान है। कुएँ के मेढक न होते तो पता होता कि ये सड़कें 2014 के बाद नहीं, बहुत पहले बनी हैं।
और जिसने भी बनवाया कोई ए���सान नहीं किया, सरकार का काम है सड़कें बनवाना, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोज़गार की व्यवस्था करना।
नागरिक बनो, ग़ुलाम नहीं।