Thank you, Captain 🫡🫡
End of an era in whites!
@ImRo45 bids adieu to Test cricket. He will continue to lead India in ODIs.
We are proud of you, Hitman 🫡🫡
शौर्य, भक्ति और तपस्या के प्रतीक, भगवान परशुराम जी की जयंती पर शत् शत् नमन 🙏🏻
भगवान परशुराम जी का तेज, तप और त्याग हम सभी को सत्य और धर्म के पथ पर चलने की प्रेरणा दे यही मेरी कामना है।
दरभंगा में डांडिया के लिए करोड़ों स्पान्सर आ जाते हैं वहीं झिझिया अपनी क़िस्मत पर रोती है l दरभंगा की अच्छे लोगों, झिझिया ही पहचान है क्योंकि गुजराती नहीं करेंगे झिझिया l
Spectacular scenes from Mumbai.
This is what Sport does, unite people and give them so much to cheer about and spread joy. Thanking our team once again for giving so many of our countrymen so much joy and happiness. Here’s to many more trophies and celebrations. #VictoryParade
A billion hearts saying THANK YOU @isro. You’ve made us so proud. Lucky to be watching India make history. India is on the moon, we are over the moon. #Chandrayaan3
"आदिपुरुष" के डायलॉग्स पर खूब चर्चा हो रही | फिल्म कै��ी है, कैसी नहीं है, इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा | मैंने देखी नहीं है और नाही देखने की रूचि जागी | अरुण गोविल और दीपिका की यादों को खट्टा नहीं कर सकता |
लेकिन जिस तरह के डायलाग "आदिपुरुष" में सुनने को मिल रहे हैं वो उन्मादी ही नहीं हैं बल्कि "रामायण" जैसे साहित्य/इतिहास का ��खौल है | ऐसे संवाद रामानंद सागर या उसके बाद और उसके पहले बनने वाले रामायणो को तो छोड़िये, नवरात्र में गली चौक और कस्बों के मैदानों में होने वाली रामलीलाओं में भी नहीं होते हैं |
यहां दो बाते हैं, एक ये की ऐसे संवाद लिखने वालों की सोच और ऐसे संवाद लिखने वालों के अंदर साहस कहाँ से आया ?
ये हमसे और आपसे आया | हमने इन जाहिलों को साहस दिया और इनको लगा की करोड़ों लोगों के आराध्य का मज़ाक बनाया जा सकता ह��� | तालियां बजवाई जा सकती हैं और कुछ करोड़ लोगों को बेवकूफ बनाया का सकता है | जब देश में भोले भाले लोग को अतिधर्मांद बनाया गया, उन्हें हलकी राष्ट्रवाद का शिकार बनाया गया और फिर छिछलहर राष्ट्रवाद और धर्म की राजनीति की गई, तब किसी ने नहीं सोचा होगा की हनुमान जी के किरदार को पटना के कुर्जी मोड़ या बोरिंग रोड वाला लफुआ/टपोरी बनाया जा सकता है | उसी धर्म की राजनीति और हलके राष्ट्रवाद को बॉलीवुड के कुछ लोगों से लेकर हर उस व्यक्ति ने "Monetise" करने के सोचा जिसको इसमें बिजनेस और ROI मॉडल दिखा | राष्ट्रवादियों के भेस में ये नए वाले बिजनेस मैं हैं | बचना है तो अपने मन से सबके लिए नफरत निकालों, सही के लिए लड़ो नहीं तो बोका बनते रहो |
कई फिल्मे आइ हैं जो एक तरह की बात कह रही है और बहुत अच्छे से "Monetise" हुईं और अभी आधी दर्जन वैसी ही फिल्मों का लाइन अप रेडी है | कोई ये ना समझे की मैं किसी एक व्यक्ति या सोच को टारगेट कर रहा हूँ, नहीं भाई | लेकिन कल तक जो अश्लील फ़िल्में बनाता था अचानक से उसको देश के एक कोने में हुई घटना याद आई | बिलकुल अधिकार है बनाइये ��ो मन आए लेकिन हम आम लोगों को समझना होगा की अचानक से इन सारी घटनाओं को भंजाने के पीछे ये कौन लोग हैं | घटना बताना सही है लेकिन भजाने वाले चाहते हैं की ऐसी घटनाएं और हों और इनकी दुकान चलती रही |
लेकिन ये सोचिये की ये माहौल आपके बच्चों के भविष्य पर क्या असर डालेंगे | मज़ेदार बात ये है की जो लोग भीषण नफरत फैला रहे थे सोशल मीडिया पर वही लोग आदिपुरुष फिल्म को बनाने वाले और ऐसे संवादों को लिखने वालों को अब भर पेट गाली दे रहे हैं | लेकिन भाई आपने ही इनको हिम्मत दी थी अपने आचरण, व्यवहार और शब्दों से | आपने अपनी नफरत की स्याही इन्हे मुफ्त उधार दी है, अब इनको भी लगा के माहौल सही है, खेल लेते हैं, उस लहर में "लह" गया तो "लह" गया वरना जाने दो | राम जी पर फिल्म बनाओ, शिव जी पर बनाओ, जैसा तैसा बनाओ, कहीं से स्टोरी कहीं से फाइल्स लाओ, कुछ ऐसा बनाओ की पैसा बने, रिटर्न डबल, चौबल आए, माहौल सही है, जनता धर्म और हलके राष्ट्रवाद के नाम पर उन्मादी हो रही है इसमें अपना एक हफ्ते में कम से कम एक मिलियन व्यू थिएटर में पक्का है | लेकिन अब लोग कह रहे हैं की ये क्या | लेकिन ये तो होना थी |
ये सब फिल्मे जरूर देखें देखना चाहते हैं तो लेकिन ये भी सोचे की 2035 2045 2070 में देश में क्या स्थिति होगी ? आपके बच्चों और उनके बच्चों के लिए कौन सा "स्वर्ग" बना रहे हैं हम लोग | ये भारत देश और उसके भविष्य की बात है |