“मैं अभी भारत के राष्ट्रपति के साथ एक बहुत ही अविश्वसनीय मीटिंग में बैठा था।
हमने उन्हें अपना मेमोरेंडम दिया जिसमें PM मोदी और HM अमित शाह द्वारा भारत के चुनावी सिस्टम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। मैं हैरान था कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी से इनकार नहीं किया।
इसके बजाय, उन्होंने हमसे सबूत लाने को कहा। हम उन्हें ढेर सारा सबूत लाकर देंगे। INDIA ब्लॉक खुशी-खुशी उनके सामने हर सबूत पेश करेगा।
हम उनके इस भरोसे का स्वागत करते हैं कि वह मामले की जांच करेंगी और कार्रवाई करेंगी”
- @RahulGandhi
दिल्ली में अघोषित इमरजेंसी है!
- 57+ मेट्रो स्टेशन बंद
- दिल्ली आने वाली 254+ ट्रेनें रद्द
- फ्लाइट के किराए दोगुने
- होटलों की बुकिंग रद्द
- 10,000 से ज्यादा लोग गिरफ्तार
- हजारों एक्टिविस्ट और स्वतंत्र पत्रकार हाउस अरेस्ट
- जंतर-मंतर को छावनी में बदल दिया
- सभी बॉर्डर सील, RCC बैरिकेडिंग
- कैब सर्विस और यूट्यूबर्स पर बैन
- नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू
सिर्फ एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए इतना खौफ?
मोदी जी, मानना पड़ेगा...
ये डर अच्छा है, और ये डर बताता है कि तानाशाह कितना डरा हुआ है!
लोग कहते हैं कि ज्ञानेश कुमार को लेकर चाहे जितना धरना प्रदर्शन हो सरकार को फर्क नहीं पड़ता।
कल 10 अक्टूबर को CJP ने दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ा प्रोटेस्ट करने का ऐलान किया था तो आज
ट्रेन बंद
मेट्रो बंद
रोड ब्लॉक
बॉर्डर पर चौकसी
दारू शॉप बंद
होटल में चेकिंग
और तो और जो एक्टिविस्ट और नेता टाइप लोग हैं उन्हें हाउस अरेस्ट भी किया जा रहा है अब फिर भी अंधभक्त लोग कहते हैं कि सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
��त्ता में आते ही
- आरटीआई एक्ट कमजोर किया।
- प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट कमजोर किया।
- चुनाव आयोग को सीधा कब्जे में लिया।
- देश लूटने के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड लाए।
- काला धन सफेद करने के लिए नोटबंदी की।
- हथियार दलाली को वैध बनाया।
- विदेशों में शेल कंपनियों पर कार्रवाई के लिए मौजूद कानून कमजोर किया।
यह पहली सरकार है जिसने आर्थिक घोटाले तो किए ही हैं, कानूनी घोटाले भी किए और लगातार संविधान को रौं��ा है। इसने भ्रष्टाचार के अनेक चोर दरवाजे खोलने वाले कानून धड़ाधड़ बनाए। जनता से कहा गया कि 70 साल से पूरा भारत सो रहा था। हम सब सुधार रहे हैं।
यह ऐसी निकृष्ट, भ्रष्ट और बर्बर सरकार है जो देश को ऐसे लूट रही है जैसे ये लोग कोई आक्रांता हों और ये देश इनका है ही नहीं। लूटो और झोला उठाकर निकलो।
संवैधानिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी से लेकर अधिकारी का आत्म सम्मान होता होगा। उनकी चाल-ढाल में उस संस्थान की स्वायत्ता झलकती है। आज इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर पढ़��े के बाद चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन और देश भर के कार्यालयों में जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के मन में क्या चल रहा होगा? EC की चर्चा MCD के करप्शन की तरह होने लगी है। चुनाव आयोग के कर्मचारियों का स्वाभिमान इस ख़बर ��े बाद लंबे समय के लिए ख़त्म हो जाता है। उम्मीद की जानी चाहिए कि एक दिन उनका आत्मबल जागेगा और वे सड़क पर आकर जनता को बता देंगे। लोकतंत्र की हत्या लोकतंत्र के आरोपों में एक नियमित आरोप है लेकिन हत्यारे कौन हो सकते हैं, अगर उस तरफ़ इशारा होने लगे तो उसकी ओर देख कर चुप हो जाने वाली आँखें अपने ही भाग्य को कोसेंगी। आज सभी ने चुनाव आयोग को लेकर बहुत कुछ कहा मगर भीतर मन में उदासी बैठ गई। चुनाव आयोग का भर��सा ख़त्म होना किसी के लिए भी अच्छा नहीं होना चाहिए। इतने संगीन आरोपों के बाद ज्ञानेश कुमार को ख़ुद इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। अगर एस्कोर्ट के साथ चलने की आदत के कारण इस्तीफ़ा नहीं दे रहे हैं लोकतंत्र को बचाने के लिए, आयोग की साख को बचाने के लिए विपक्ष इसकी मांग करे कि ज्ञानेश कुमार को महाभियोग लगाकर हटाया जाए लेकिन आजीवन उनकी कार के आगे चलने के लिए दो जिप्सी और पीछे चलने के लिए दो जिप्सी दे दी जाए। और क्या बचा है इस पद में? इस तरह के आरोपों के बीच कौन बताना चाहेगा कि मैं भारत का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हूँ। मेरी तरफ़ से ज्ञानेश कुमार को एक हूटर भी दिया जाए ताकि सायरन बजते ही लोगों को पता चल जाए कि कौन जा रहा है।
सिर्फ इलाके के ERO को वोट add या delete करने का अधिकार होता है। दोनों चुनाव आयुक्तों का आरोप है कि वेबसाइट से ही ERO की access रिस्ट्रिक्ट करके उसकी पावर छीन ली गई है।
दिल्ली में बैठे कुछ लोगों के पास पूरे देश की वोटर लिस्ट की access है.. जिसकी मर्जी चाहे वोट जोड़ सकते हैं और जिसकी मर्जी चाहे हटा सकते हैं।
हमारी मांग है कि प���छले 3 सालों में जितने changes वोटर लिस्ट के अंदर किए गए हैं, वे खारिज करके 3 साल पुरानी वोटर लिस्ट को बहाल किया जाए।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों ने दस महीनों मे��� कम से कम चौदह बार आपत्तियाँ दर्ज कीं। उनकी सहमति के बिना फैस���े किसके इशारे पर हुए? मतदाता सूची पर दिल्ली से नियंत्रण क्यों?
भाजपा सरकार बताए - निष्पक्ष चुनाव के सवाल पर उसकी जवाबदेही कहाँ है? वोट जोड़ने में अड़चनें और आयोग के भीतर आपत्तियाँ - जनता भरोसा किस पर करे?
वोट जनता का अधिकार है, सत्ता की जागीर नहीं। आयोग अपनी सफाई दे, सरकार जवाब दे। लोकतंत्र को मनमानी का बंधक नहीं बनने देंगे!
सवाईमाधोपुर में चुनाव ड्यूटी के दौरान अपना फर्ज निभाने वाले पुलिस अधिकारी राजेंद्र मीणा जी का हौसला एवं संविधान और नियमों के प्रति निष्ठा देखकर शायद कुर्सी पर जमे कुछ "दरबारियों" को जरूर शर्म आएगी।
कोई तो है खाकी वर्दी वाला, जिसकी वफादारी सत्ता के प्रति नहीं, बल्कि अपने फर्ज के प्रति है।
लेकिन सवाल ये है कि राजस्थान पुलिस इतनी बेबस क्यों हैं? सत्ता के अहंकार में BJP के नेता, कानून के दायरे में अपना फर्ज निभा रहे अधिकारी के साथ हाथापाई और बदसलूकी कर रहे हैं, और पुलिस महकमा तमाशा देख रहा है।
ऊपर से मुख्यमंत्री को फोन लगाने और नौकरी करना भुला देने की धमकी दी जा रही है। एक पुलिस अधिकारी को खुलेआम इस तरह धमकाया जा रहा है। ऐसा लगता है सत्ता का तांडव चरम पर है, और सरकारी तंत्र भी बेबस बना हुआ है।
अगर अब भी इस तानाशाही के खिलाफ आवाज बुलंद नही�� की, तो याद रखिए.. आज राजेंद्र जी का नंबर है, कल आपका नंबर भी आएगा।
@PoliceRajasthan
ये तस्वीर जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर की है, जहाँ बेरोजगार युवा शादी की कामना लेकर मेहंदी रचाने पहुँच रहे हैं। अगर मोदी जी ने इन युवाओं को 2 करोड़ रोजगार दिए होते, तो शायद यही युवा अंधविश्वास और भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय आज किसी ऑफिस में बैठकर नौकरी कर रहे होते। #राष्ट्रीय_बेरोजगार_दिवस
राजस्थान में लोकतंत्र की सरेआम लूट हो रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय से एक IAS अधिकारी कलेक्टरों और SDMs को धमका रहा है कि कैसे भी भाजपा का बोर्ड बनाएं। चेयरमैन और मेयर बनने के लिए भाजपा निर्दलीय और दूसरे दलों के पार्षदों को करोड़ों रुपए की रिश्वत बांट रही है, जो नहीं मानते उन्हें पुलिस भेजकर जबरन उठवाया जा रहा है, धमकाया जा रहा है।
सोचिए, जो व्यक्ति करोड़ों रुपए खर्च कर मेयर-चेयरमैन बनेगा, वह जनता की सेवा क��ेगा या अपनी लगाई पूंजी वसूलने में जुटेगा? जितनी बड़ी रिश्वत उतनी ही बड़ी वसूली, और वह वसूली होगी जनता के लिए बनने वाली स��़कों, पट्टों, नालियों और हर छोटे-बड़े काम की फाइल से। अगले पांच साल जनता को अपने ही शहर में हर काम के लिए बड़ी रिश्वत देनी पड़ेगी। यह सिर्फ भाजपा की राजनीति नहीं, आपकी जेब पर सीधा डाका है। जनता को अब जागना होगा, वरना यह लूट आपके दरवाजे तक पहुंचनी तय है।
तेल खाने को मना किया पीएम मोदी ने तो जलाने को क्यों नहीं मना किया?
बहरहाल 7.8 ग्रोथ रेट वाली अर्थव्यवस्था में आम जन के लिए दीए के तेल की क़ीमत जाननी हो तो ये वीडियो देखिए…
इधर बाढ़ में bihar के 15 जिले और 48 लाख लोग प्रभावित है एक तरफ़ #UPI पर Charge की बात सरकार कर रही है और Media दिखा रही है कि ये सही हो रहा है ….
दूसरी तरफ़ PM Care Fund में 8400 करोड़ रुपए आराम फ़रमा रहे है मगर चर्चा होगी कि मोदी साहब को भारत रत्न देने का सुझाव है और घ��� घर दीपक जलाने का सुझाव है पूरा देश celebrate करे ।
क्या Celebrate करे देश ?
PM मोदी का जन्मदिन celebrate करे या उस दीये में तेल आज बढ़कर 150 से 200 -250 रूपये मिल रहा है वो celebrate करे .
बता दो भाई , महंगाई Celebrate करनी है या बाढ़ Celebrate करनी है Paper leak Celebrate करना है जनता तो दर्द में है
और आप उसे Celebration का ज्ञान दे रहे है
और कितना झूठ बोलेगी मोदी सरकार...?
10 अगस्त को देश की संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कहा था कि "UPI पर कोई टैक्स या ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगाया जा रहा है, और UPI उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त रहेगा"
तो फिर 2,000 रुपए से ऊपर UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लागू करने का फैसला किसका है?
पहले संसद में झूठ बोलकर वाह-वाही बटोरते हैं, जनता को गुमराह करते हैं, फिर जनता और व्यापारियों की जेब काटने के लिए चुपचाप नए आदेश से नई शुल्क व्यवस्था बना देते हैं।
अगर सो कर जाग गए हैं तो इन्हें राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस की बधाई दे और बधाई के पात्र बने!
ये वही शख्स है जिनके राज में लाखों कंपनियां बंद होकर करोड़ो लोग बेरोजगार हो गए या न्युनतम मजदूरी पर काम कर रहे हैं।
#राष्ट्रीय_बेरोजगार_दिवस
राजस्थान में भी अब बदलाव की हवा चलने लगी है। शिक्षा मंत्री के इलाके बारां में झाड़ू चल गई है और आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर राजस्थान के खस्ताहाल सरकारी स्कूलों के वीडियो लगातार वायरल हो रहे थे। लोगों में बहुत गुस्सा है।
कांग्रेस और बीजेपी ने पूरे राज्य का बेड़ा गर्क कर दिया है। लोग बीजेपी-कांग्रेस की जुगलबंदी से तंग आ चुके हैं। अब लोगों के पास 'आप' के रूप में एक मजबूत विकल्प है।
मनुवादियों का धन्यवाद, जिन्होंने सोए हुए बहुजन समाज को जगा दिया।
अब बहुजन समाज सिर्फ आरक्षण बचाने की नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र में आरक्षण बढ़ाने और कॉलेजियम सिस्टम को खत्म कर न्यायपालिका में पारदर्शी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर चुका है।
मैं फिर से दो लोगों को एक बार चेताय दे रहा हूं,
पहला 👉एक तो सड़क ठीक कर ले।
दूसरी 👉 टेलीकॉम कंपनियां अपने रिचार्ज उचित दाम में कर ले।
अन्यथा जब जनता इनके खिलाफ सड़कों पर उतरेगी तब इन्हें अपने कर्मियों का एहसास होने का समय भी नहीं मिलेगा,
टेली��ॉम कंपनियां अपनी मनमानी बंद करके रिचार्ज सस्ता कर दें।
चीनी महंगी है तो कम खाओ, पेट्रोल महंगा है तो पैदल चलो, गैस महंगी है तो कच्चा खाओ- बस सरकार से सवाल मत पूछो!
चीनी महंगी करके स्वास्थ्य सुधार��ंगे, पेट्रोल महंगा करके प्रदूषण घटाएँगे- कल बेरोजगारी बढ़ाकर कहेंगे, अब आराम ज्यादा मिलता है! @RubikaLiyaquat
सरकार की जवाबदेही तय करनी थी, तुमने जनता की खुराक तय करने में लगी हो। एंकर हैं या डाइटिशियन?
हम तो चीनी छोड़ दे मगर आप सत्ता कि चाशनी कब छोडेंगी मोहतरमा????