���्री कृष्ण प्रभु की आह्लादिनी शक्ति का नाम राधा है।
अविरल बहती कृष्णप्रेम की धारा का नाम राधा है।
‘कृष्णप्रेममयी राधा राधाप्रेममयो हरिः’।
#राधाष्टमी
-#सप्रेम_हरिस्मरण
न प्रहॄष्यति सन्माने नापमाने च कुप्यति । न क्रुद्ध: परूषं ब्रूयात् स वै साधूत्तम: स्मृत: ॥
- मनुस्मॄति
( जो सम्मान से गर्वित नहीं होते , अपमान से क्रोधित नहीं होते, क्रोधित होकर भी जो कठोर नहीं बोलते, वे ही श्रेष्ठ साधु हैं ।)
जय श्रीकृष्ण
विशाल तेजोमय ललाट, सहज स्नेह सिंचित नयन, श्रीमद्भागवतजी के श्लोक- गायन से सज्जित ओष्ठ, प्रभु प्रेम से भरा हृदय और आशी�� देने के किये उठा हुवा श्रीहस्त ऐसे दिव्य दर्शन दे रहे गुरुदेव पूज्य भाईश्री के तिथि अनुसार प्राकट्य दिवस की सभी को शुभकामना और बधाई।
#ShriHariMandir
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नमस्तस्मैवराहाय हेलयोद्धरते महीम् ।
खरमध्यगतो यस्य मेरुः खुरखुरायते।।
धरती को जड़ से चेतन के स्तर तक यज्ञ स्वरूप भगवान वराह के रूप में पालन के देव विष्णु उठाते हैं। वराह यज्ञ स्वरूप है और यज्ञ कार्य से ही यह सृष्टि संग्रह वृत्ति लोभ स्वरूप हिरण्याक्ष से सुरक्षित हैं।
श्रीवराह जयंतीकी सभीको बहुत बहुत बधाई........
#VarahaJayanti
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��ही बात के लिए विरोध करना अधिकार है लेकिन वह विवेक से युक्त होना चाहिए।
जैसे प्रह्लाद जी ने पिता का विरोध किया, भरत जी ने कैकेयी माता का। बलि ने गुरु की बात नहीं मानी।
यह सब चरित्र आदर्श हैं, जिन्होंने विरोध में भी विवेक नहीं खोया।
- #सप्रेम_हरिस्मरण
प्रत्याहारं चेन्द्रिययजनं प्राणायां न्यासविधानम् ।
इष्टे पूजा जप तपभक्तिर्न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ॥
- परमेश्वरतंत्रे त्रिपुराशिवसंवादे श्रीगुरोःस्तोत्रम्
(प्रत्याहार और इन्द्रियों का दमन, प्राणायाम, न्यास-विन्यास का विधान, इष्टदेव की पूजा, मंत्र जप, तपस्या व भक्ति - इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है।)