यूनियन का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष विकास कालिया के नेतृत्व में CEO @prasarbharati@Mayank23Agrawal से मिलकर नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। सीईओ ने भी यूनियन अध्यक्ष श्री कालिया का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए PTCs के हित में काम करने का भरोसा दिलाया @MIB_India
@AkashvaniAIRको कुछ अधिकारियों ने धर्मशाला समझ रखा है। दुर्भाग्य से उन्हें ये सुख@PMOIndiaकी सरकार ने ज़्यादा दिया है@PrakashJavdekar@shashidigitalमहोदय का इनपर कोई नियंत्रण नहीं है। 200 किलोमीटर दूर रहकर ऑफिस चलाना तभी संभव हुआ है@RahulGandhi जैसे विपक्ष को ये सब दिखता कहाँ है
@prasarbharati के ज़िला संवाददाता (PTC) कोरोना संक्रमण के जोखिम संग काम करने को विवश हैं. ना तो सरकार ने किसी प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कर���ए हैं और ना ही स्थानीय प्रशासन ने. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री क��� नाम पत्र भेजा गया है।@narendramodi @PrakashJavdekar
देश के लगभग 750 पीटीसी अब तो आर पार की मूड में मैदान में उतरे हैं जिसको देखते हुए कोई भी रास्ता निकालना होगा । अब तो सिर्फ लॉकडाउन के साथ "कोरोना के जंग-जनता के संग" है । ऐसे माहौल में मांगो को म��वा कर जंग जितना है ..
@mannkibaat क्या प्रधानमंत्री जी @NamoApp से हम भी कोई उम्मीद रख सकते हैं ? @prasarbharati और आकाशवाणी महानिदेशालय का रवैया देश में श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ा रहा है। @mygovindia को भ्रमित कर शोषण का खेल खेला जा रहा है।
जिला संवाददाताओं को श्रमिक भी नहीं मानता @prasarbharati, न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिलती@narendramodi तथाकथित 'पार्ट टाइम संवाददाता' वर्षो से हो रहे शोषित @RahulGandhi@PrakashJavdekar सुरक्षा उपायों के बगैर कोरोना के मैदान में उतारा गया है इन्हें।
जिला संवाददाताओं को श्रमिक भी नहीं मानता @prasarbharati, न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिलती@narendramodi तथाकथित 'पार्ट टाइम संवाददाता' वर्षो से हो रहे शोषित @RahulGandhi@PrakashJavdekar सुरक्षा उपायों के बगैर कोरोना के मैदान में उतारा गया है इन्हें।
जिला संवाददाताओं को श्रमिक भी नहीं मानता @prasarbharati, न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिलती@narendramodi तथाकथित 'पार्ट टाइम संवाददाता' वर्षो से हो रहे शोषित @RahulGandhi@PrakashJavdekar सुरक्षा उपायों के बगैर कोरोना के मैदान में उतारा गया ���ै इन्हें।