के सिद्धांतों का ही पालन क��या है। यह भी सत्य है कि आज कुछ महिलाएं और कन्याएं गलत मार्ग अपनाकर अपने परिवार की इज्जत और सम्मान को आघात पहुँचा रही हैं। ऐसी घटनाओं के उदाहरण हम समय-समय पर देख रहे हैं। अतः आवश्यकता है कि समाज जागरूक हो, और नारी सम्मान की मर्यादा को समझकर उसका पालन करे
"मैं भली-भांति जानता हूं कि भारत में स्त्रियों पर अनुचित टिप्पणी करना अपराध है, और यही भारत वह पवित्र भूमि है जहाँ कन्याओं की पू��ा देवी और लक्ष्मी के समान की जाती है। परंतु यदि वही पूजनीय देवी स्वरूप कन्याएं असंयमित आचरण अपनाकर राक्षसी प्रवृत्तियों और विकृत विचारों का अनुसरण करें
वहाँ की नायिकाएं किस प्रकार के वस्त्र पहनती हैं, और क्या आप चाहेंगी कि हमारे भारत जैसे महान राष्ट्र में भी वही परंपरा अपनाई जाए?
यदि पूजनीय प्रेमानंद जी महाराज अथवा संत अनिरुद्ध आचार्य ने कन्याओं के विषय में कोई चर्चा की है, तो उन्होंने वेद और शास्त्रों में वर्णित सनातन धर्म
दिल्ली में 6 घंटे की भीषण वर्षा के बाद भी दिल्ली का मिंटो ब्रिज के अंडरपास के इतिहास में पहली बार ऐसा दिखा 😱
जहाँ पहले कई मात्र कुछ घंटे की वर्षा में ही लोगो की डूबने से मौत हो चुकी है
@ravinegi4bjp