जिन विधायकों ने 5 वर्षों तक जनता की सुध नहीं ली अब जैसे जैसे चुनाव का समय आ रहा जनता के बीच एक्टिव होने लगे क्या जनता ऐसे विधायक चुनेगी या जो जनता के बीच अपना अधिकाधिक समय व्यतीत करते उनको चुनना चाहिए चाहे वो किसी भी पार्टी से हो
उत्तर प्रदेश टीईटी एग्जाम में जो नॉर्मलाइजेशन हुआ वो सरासर गलत है कृप्या ऐसे कैंडिडेट का रिजल्ट सही करने की कृपा करें और आयोग इसको फिर से जारी करने की कृपा करे
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में नगरा क्षेत्र में बिजली और पानी का संकट होने के बाबजूद सरकार का कोई ध्यान नही है सारी रात बिजली न होने पर अगर शिकायत दर्ज कराई जाती ह�� तो कोई निराकरण नहीं किया जाता है जिससे आम जनता को काफी परेशान होना पड़ता हैं कृपया इस ओर ध्यान देने की कृपा करे
उत्तर प्रदेश के झांसी शहर में अभी भी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां दिन में सप्लाई वाला पानी नहीं आता या तो शाम को 8 बजे या रात 12 बजे ही पानी मिलता है और सुनने वाला कोई नहीं है
अगर चुनाव आयोग साफ सुथरा है तो सं���द में ऐसा बिल पारित क्यों किया गया कि चुनाव आयुक्त के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती न ही सुप्रीम कोर्ट उस पर कोई जाँच के आदेश पारित कर सकता है और ये किसने किया किसके द्वारा हुआ देश की जनता को मालूम होना अति आवश्यक है।।।
यदि चुनाव आयोग मौन बैठा है मतलब पूरी तैयारी है चुनाव पूरी तरह से पारदर्शिता से होगा इसमें किसी भी पार्टी से कोई मतभेद नहीं होगा और यदि होता है तो सुप्रीमकोर्ट के पांच जजों की बेंच बनाकर फैसला लेना चाहिए और बड़ी कानूनी कार्यवाही चुनाव आयुक्त के खिलाफ करनी चाहिए कितने लोग सहमत है..
जो नेता राजनेता मंत्री अपने राज्यों में सरकारी नौकरी नही�� दे पाए वो चुनाव के समय दूसरे राज्यों में सरकारी नौकरी देने की बात करते हैं एक बार अपने राज्य का हाल बेरोजगारी देख लेनी चाहिए कैसे दूसरे राज्यों में जाकर वहां की जनता को मूर्ख बनाने का काम किया जा रहा है जनता जागरूक है
@SSCNEWS_ जब से एस एस सी ने दिव्या��ग बच्चों को अपने स्क्राइब देना शुरू किया नकल अत्यधिक बढ़ गई जो दिव्यांग बच्चों की जगह लेकर नॉर्मल कैंडिडेट सॉल्वर बैठा रहे हैं जबकि पहले दिव्यांग बच्चे अपना स्क्राइब लाता था तब न इतनी नकल हुई न एस एस सी में ऐसा पहले कभी हुआ है एग्जाम सेंटर तक दूर 200 km ह
ये नंबर इंडियन बैंक पर्सनल सिलेक्शन का है जो सभी कैंडिडेट के लिए हेल्पलाइन नंबर है लेकिन ज्यादातर ये नंबर रिलीव नहीं किया जाता एस एस स�� जैसे ही बैंकिंग एग्जाम में भी छात्रों क�� यही हाल है साथ ही साथ यदि कोई दिव्यांग कैंडिडेट स्क्राइव की सुविधा मांगे तो बहुत मुसीबत का सामना करना